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  • आतंकी बन गया था कश्मीरी फुटबॉलर, दोस्तों की गुजारिश पर किया सरेंडर

    आतंकी बन गया था कश्मीरी फुटबॉलर, दोस्तों की गुजारिश पर किया सरेंडर

     

     

    जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हुए कश्मीरी फुटबॉलर ने सुरक्षा बलों के सामने सरेंडर कर दिया है. कश्मीर के उभरते हुए फुटबॉलर माजिद खान (20) ने कुछ महीने पहले खेल छोड़ बंदूक थाम ली थी. उसके परिवार और दोस्तों ने उससे वापस लौट आने की गुजारिश की थी. पुलिस के मुताबिक, वो लश्कर-ए-तैय्यबा में भर्ती हो गया था.

    माजिद इरशाद खान दक्षिण कश्मीर का रहने वाला है. परिवार के मुताबिक, वह बचपन से पढ़ाई और खेलकूद में काफी आगे था. 10वीं और 12वीं की परीक्षा में भी उसके काफी अच्छे मार्क्स आए. उसे फुटबॉल खेलना काफी पसंद था. नौवीं क्लास में वह अनंतनाग के क्रिकेट और फुटबॉल क्लब का हिस्सा बन गया था. उसे टीम का बेहतरीन गोलकीपर माना जाता था.

    एके 47 के साथ माजिद की फोटो हुई थी वायरल
    परिवार वालों को बेटे के आतंकवादी बनने की जानकारी सोशल मीडिया से ही हुई. सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही थी, जिसमें माजिद एके 47 के साथ दिखा. परिवार का कहना है कि उसका ब्रेनवॉश किया गया, जिसकी वजह से उसने ये कदम उठाया.ऐसे बना आतंकवादी
    बताया जा रहा है कि माजिद अपने एक दोस्त की वजह से आतंकवादी बना. माजिद का दोस्त यावर निसार जुलाई में एक आतंकवादी गुट से जुड़ गया था. एक महीने बाद ही पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने उसे एनकाउंटर में मार गिराया. माजिद अपने दोस्त के मौत से इतना दुखी हुआ कि उसने भी आतंकवादी गुट जॉइन कर लिया.

    आतंकवादी बनने के लिए गायब होने से पहले माजिद ने खुद को समाज से दूर कर लिया था. वो किसी से भी बात करना पसंद नहीं करता था.

    दोस्तों ने फेसबुक पर की थी लौट आने की गुजारिश
    माजिद के दोस्तों ने सोशल मीडिया पर उससे लौट आने की गुजारिश की थी. उसके एक दोस्त ने फेसबुक पर लिखा- ‘आज मैंने तुम्हारी मां और अब्बू को देखा. वो बुरी तरह से टूट चुके हैं. प्लीज लौट आओ. इस तरह अपने मां-बाप को मत छोड़ो. प्लीज वापस आ जाओ. तुम अपने मां-बाप की इकलौती उम्मीद हो. वो तुमसे बिछड़ना नहीं सह पाएंगे. जब मैंने उन्हें देखा तब वो रो रहे थे. प्लीज माजिद उनके लिए लौट आओ. हम सब तुम्हें बहुत प्यार करते हैं.’

    ऐसा माना जा रहा है कि माजिद ने अपने परिवार और दोस्तों की गुजारिश मानते हुए शुक्रवार को सरेंडर किया है.

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    पाकिस्‍तान: युवती पर तेजाब फेंकने वाले युवक को 60 साल की सजा

     

  • नोटबंदी के बाद धनशोधन की कोशिश, ED ने कुर्क की संपत्ति

    नोटबंदी के बाद धनशोधन की कोशिश, ED ने कुर्क की संपत्ति

     

     

    प्रवर्तन निदेशालय ने आज कहा कि मुम्बई के एक सर्राफा कारोबारी की 21 करोड़ रुपये की संपत्तियां धनशोधन निरोधक कानूनों के तहत कुर्क की गयी है. यह कार्रवाई नोटबंदी के बाद कथित दागी धन से भारी मात्रा में सोना खरीदे जाने से जुड़े मामले में की गयी है.

    केंद्रीय जांच एजेंसी ने बताया कि उसने मुम्बई में नोटबंदी के बाद रुपये बदलवाने से जुड़े घोटाले में मैसर्स पुष्पक बुलियन के मामले में चंद्रकांत पटेल और अन्य की छह दुकानों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और तीन रिहायशी फ्लैटों को कुर्क करने का अंतरिम आदेश 14 नवंबर को धनशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत जारी किया.

    ये संपत्तियां 21.46 करोड़ की है. ईडी ने सितंबर में इस मामले में पटेल को गिरफ्तार किया था और वह फिलहाल जेल में है.

  • राहुल की बदली हुई छवि से डर हुए हैं पीएम मोदी: शरद पवार

    राहुल की बदली हुई छवि से डर हुए हैं पीएम मोदी: शरद पवार

     

     

    राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की बदली हुई छवि से डर गए हैं. इसलिए बीजेपी गांधी परिवार को बदनाम करने के लिए बोफोर्स जैसे पुराने मुद्दे उठा रही है.

    उन्होंने दावा किया कि बीजेपी नीत केंद्र सरकार और गुजरात सरकार गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिल रही ‘जबर्दस्त प्रतिक्रिया’ से घबरा गई है. पूर्वी महाराष्ट्र के चंद्रपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत में पवार ने आरोप लगाया, ‘ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राहुल गांधी की बदली हुई छवि से डरे हुए हैं.’

    बता दें गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए राहुल गांधी राज्य में प्रचार अभियान में लगे हुए हैं. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान उनकी रैली और सभाओं में भीड़ जुट रही है और उनके भाषणों को सुनने के लिए लोग भी जुट रहे हैं.

    नोटबंदी और जीएसटी सहित किसानों, युवाओं और दलितों के मुद्दे पर वह बीजेपी सरकार पर निशाना साध रहे हैं. उनके तेवर भी पहले की तुलना में बदले-बदले दिख रहे हैं. वहीं, बीजेपी उनपर लगातार हमलावर है.

  • ममता बनर्जी पर फोन टैपिंग का आरोप, मुकुल रॉय पहुंचे हाईकोर्ट

    ममता बनर्जी पर फोन टैपिंग का आरोप, मुकुल रॉय पहुंचे हाईकोर्ट

     

     

    बीजेपी नेता मुकुल रॉय ने कथित तौर पर अपने फोन टैपिंग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी और उनकी सरकार कई महीनों से उनका फोन टैप करवा रही है. हालांकि संबंधित जज के कोर्ट में मौजूद न होने की वजह से इस मामले की सुनवाई को 20 नवंबर तक के लिए टाल दिया गया.

    रॉय के वकील दुष्यंत सिंह ने कोर्ट को बताया कि पश्चिम बंगाल में कई लोग जो बनर्जी की पार्टी से जुड़े हुए नहीं हैं, उन्होंने भी फोन टैपिंग की आशंका जताई है. याचिका में कहा गया कि इससे पहले भारी उद्योग और लोक उपक्रम राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो ने भी आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल में कुछ चुने हुए लोगों के फोन टैप किए जा रहे हैं.

    रॉय ने इससे पहले मीडिया से बात करते हुए कहा था कि मैं फोन पर किसी से बात नहीं कर सकता. मेरे सभी फोन टैप हो रहे हैं. ये गैरकानूनी है. उन्होंने कहा था कि इस वजह से उन्हें व्हाट्सएप से फोन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.

    बता दें मुकुल राय ने हाल ही में टीएमसी छोड़कर बाजेपी का दामन थामा था. इसके बाद से ही टीएमसी और उनके बीच नोंकझोंक जारी है. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस को एक रैली के दौरान प्राइवेट लिमिटेड कंपनी कहा था. उन्होंने ममता बनर्जी पर ये आरोप लगाया था कि वो सत्ता का इस्तेमाल अपने रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाने में कर रही हैं.

  • सुषमा स्वराज ने कहा, भारत आसियान सम्मेलन से पहले बदलेगी दिल्ली की सूरत

    सुषमा स्वराज ने कहा, भारत आसियान सम्मेलन से पहले बदलेगी दिल्ली की सूरत

     

     

    विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दिल्ली के सभी नगर निगमों से जनवरी में प्रस्तावित भारत आसियान शिखर सम्मेलन से पहले सार्वजनिक स्थलों, स्मारकों और उद्यानों के सौंदर्यीकरण का काम शुरू करने को कहा.

    दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने कहा कि केन्द्रीय मंत्री ने शुक्रवार को तीन नगर निगमों की स्थायी समितियों के अध्यक्षों और सभी महापौरों की बैठक बुलाई.

    उत्तरी दिल्ली नगर आयुक्त मधुप व्यास ने बताया कि मंत्री ने नगर निकाय अधिकारियों से विशेष रूप से चांदनी चौक क्षेत्र के सौंदर्यीकरण पर जोर देने को कहा.

  • दिल्ली सरकार: सरकारी स्कूलों में 27 हजार पद खाली

    दिल्ली सरकार: सरकारी स्कूलों में 27 हजार पद खाली

     

     

    आप सरकार ने शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया कि यहां सरकारी स्कूलों में 27 हजार से ज्यादा नियमित शिक्षकों की कमी है. दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने एक हलफनामे में कहा कि एक अप्रैल तक शिक्षकों के स्वीकृत नियमित पद 64,263 थे और 25,337 पद खाली थे.

    शिक्षा निदेशालय ने कहा कि आज की तारीख के अनुसार स्वीकृत नियमित पदों की संख्या 66,736 है और इसी प्रकार रिक्तियों की संख्या बढ़कर 27,810 हो जाएगी. एक अप्रैल 2017 के बाद किसी नियुक्ति के विषय पर हलफनामे में कोई जिक्र नहीं किया गया है. मामले में अब 20 नवंबर को सुनवाई होगी.

  • ‘मोदी सरकार के अच्छे कामों से मूडीज की रेटिंग सुधरी’

    ‘मोदी सरकार के अच्छे कामों से मूडीज की रेटिंग सुधरी’

     

     

    सरकार के सुर में सुर मिलाते हुए भारतीय कॉरपोरेट जगत ने शुक्रवार को कहा कि मूडीज की संप्रभु राष्ट्रों को दी जाने वाली रेटिंग में भारत की रेटिंग में सुधार सरकार द्वारा पिछले 3-4 सालों में किए गए सुधारों का नतीजा है. फिक्की के अध्यक्ष पंकज आर. पटेल ने कहा, ‘मूडीज द्वारा भारत की रेटिंग में किया गया सुधार सरकार द्वारा पिछले तीन-चार सालों में किए गए विभिन्न सुधारों का नतीजा है और हम इसका स्वागत करते हैं.’

    उन्होंने कहा, ‘मूडीज द्वारा किए गए रेटिंग अपग्रेड के साथ ही हाल में भारत ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में भी सुधार किया है, जो बताता है कि हम सही दिशा में जा रहे हैं. भारत की विकास की कहानी पहले से कहीं अधिक आशाजनक है और हम वैश्विक निवेश समुदाय के आत्मविश्वास के स्तर में और सुधार देख रहे हैं. इस कदम से न सिर्फ देश में विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बेहतर दरों पर विदेशों से पैसे उधार लेने की हमारी संभावनाएं भी बढ़ेंगी.’

    अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने शुक्रवार को निवेश को लेकर भारत की रेटिंग अपने सबसे निचले स्तर के बीएए से बढ़ाकर बीएए2 कर दी, जबकि देश को लेकर अनुमान को सकारात्मक से बढ़ाकर स्थिर कर दिया है और कहा कि यह भारत सरकार के आर्थिक और संस्थागत सुधारों के लिए चलाए जा रहे व्यापक कार्यक्रम का नतीजा है.

    एसोचैम के महासचिव डी. एस. रावत ने कहा, ‘मूडीज इनवेस्टर सर्विस द्वारा भारत की रेटिंग बढ़ाने से भारतीय कॉरपोरेट जगत की प्रतिस्पर्धात्मक दरों पर वैश्विक वित्तीय बाजारों का लाभ उठाने की क्षमता में वृद्धि होगी.’भारती एंटरप्राइजेज के अध्यक्ष सुनील भारती मित्तल ने कहा, ‘रेटिंग में यह सुधार सरकार द्वारा हाल के सालों में किए गए साहसपूर्ण संरचनात्मक सुधारों के असर का परिणाम है. यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि अर्थव्यवस्था सही दिशा में है और एक बड़ी छलांग के लिए तैयार है और यह एक वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में भारत की विशाल क्षमता पर प्रकाश डालता है. सबसे महत्वपूर्ण यह है कि यह आनेवाले दिनों में सुधार के रास्ते पर चलने पर प्रोत्साहित करता है.”

    एचपी इंक के प्रबंध निदेशक समीर चंद्रा ने कहा, ‘हमारा मानना है कि मूडीज के रेटिंग अपग्रेड से भारत को बहुत बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि यह स्थानीय और वैश्विक निवेशकों में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को लेकर उनकी भावनाओं में सुधार करेगा. इससे उत्पादकता बढ़ाने और सतत विकास को बढ़ाने के सरकार के उद्देश्य में भी वृद्धि होगी. क्रेडिट प्रोफाइल में सुधार भारतीय कंपनियों और सरकार के लिए बहुत सकारात्मक है.’

  • गुजरात चुनाव: BJP नेता को नहीं मिला टिकट तो समर्थकों ने की जमकर तोड़फोड़

    गुजरात चुनाव: BJP नेता को नहीं मिला टिकट तो समर्थकों ने की जमकर तोड़फोड़

     

     

    गुजरात चुनाव के लिए भाजपा द्वारा किए गए टिकट बंटवारे को लेकर पार्टी के कार्यकर्ता खासा नाराज हैं. शनिवार को नाराज कार्यकर्ताओं ने बीजेपी दफ्तर पर जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की.

    भाजपा दफ्तर पर तोड़फोड़ और हंगामा करने वाले कार्यकर्ता पार्टी प्रवक्ता आई के जाडेजा के समर्थक बताए जा रहे हैं. बता दें कि भाजपा की तरफ से जारी उम्मीदवारों की सूची में जाडेजा का नाम न होने से उनके समथर्क खासा नराज हैं. यही कारण है कि उन्होंने पार्टी दफ्तर पर जमकर तोड़फोड़ की और अपनी नाराजगी दर्ज की.

    भाजपा में टिकट को लेकर ये हंगामा नया नहीं है. कुछ दिन पहले भी टिकट बंटवारे को लेकर हंगामा मचा था. असंतुष्ट पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाजपा दफ्तर में तोड़-फोड़ की. गुजरात विधान सभा चुनावों में पार्टी प्रवक्ता को टिकट न मिल पाने की वजह से पार्टी नेताओं का आपस में भीड़ने की घटनाएं आए दिन सुर्खियों में रह रही हैं.

    गौरतलब है कि गुजरात विधानसभा चुनाव में लड़ाई सीधे सीधे बीजेपी और कांग्रेस के बीच है. चुनाव प्रचार चरम पर है. बीजेपी और कांग्रेस के शीर्ष नेता चुनाव प्रचार में सब कुछ झोंक दी है. लेकिन इन सब के बीच बीजेपी के मौजूदा विधायकों में एक खामोशी है, एक डर है, एक संशय है. ये डर, खुद के टिकट के कट जाने का है. मौजूद विधायकों में कइयों को ये डर सता रहा है कि कहीं उनका टिकट ही ना कट जाए.पार्टी के कई मौजूदा विधायकों को डर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह सरकार विरोधी लहर से निपटने के लिए टिकटों के बंटवारे में अपना जांचा-परखा फॉर्मूला आजमा सकते हैं. यानी मोदी अमित शाह अपने फॉर्मूले पर कायम रहे तो कई विधायको की टिकट कट जाएगी.

    टिकट न मिल पाने की वजह से हिंसक झड़पें थमी नहीं तो शायद आने वाले दिनों में भाजपा के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

  • पद्मावती विवाद: अब थरूर से भिड़ीं स्मृति, 3 नेताओं से पूछा ये सवाल

    पद्मावती विवाद: अब थरूर से भिड़ीं स्मृति, 3 नेताओं से पूछा ये सवाल

     

     

    फिल्म ‘पद्मावती’ को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. राजपूतों और महाराजाओं पर कमेंट को लेकर कांग्रेस नेता शशि थरूर घिरते नजर आ रहे हैं. पहले थरूर को उनके ही पार्टी के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लताड़ा. अब केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी शशि थरूर से भिड़ गई हैं. स्मृति ईरानी ने थरूर के बयान पर जवाब मांगा है.

    उन्होंने ट्वीट किया- ‘क्या सभी महाराजाओं ने ब्रिटिश के सामने घुटने टेके थे??? शशि थरूर की इस टिप्पणी पर क्या कहेंगे ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्गी राजा और अमरिंदर सिंह?’ बता दें कि कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्विजय सिंह और अमरिंदर सिंह शाही परिवार से हैं.

    थरूर ने महाराजाओं को बताया था कायर
    पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेसी नेता शशि थरूर ने ‘पद्मावती विवाद’ पर महाराजाओं को कायर बता दिया था. इस बयान से बिफरे कांग्रेसी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने थरूर को नसीहत देते हुए सिंधिया ने कहा,‘शशि थरूर को पहले इतिहास पढ़ना चाहिए कि महाराजाओं की भूमिका क्या थी? और ऐसी बयानबाजी से उन्हें बचना चाहिए.’विवाद बढ़ने पर दी थी सफाई
    हालांकि, गुरुवार को थरूर ने ट्विटर पर अपने बयान को लेकर सफाई दी थी. थरूर ने लिखा, ‘कुछ बीजेपी अंधभक्त साज़िशन झूठा प्रचार कर रहे हैं. मैंने राजपूत समाज के सम्मान के खिलाफ नहीं टिप्पणी की है. मैंने राष्ट्र हित में अंग्रेज़ी हकूमत के कार्यकाल का विरोध करते हुए उन राजाओं की चर्चा की थी, जो स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेज के साथ थे.’

    बता दें कि पहले थरूर ने कहा था कि जो ये तथाकथित जांबाज महाराजा एक फिल्मकार के पीछे पड़े हैं. वे ऐसा दावा कर रहे हैं कि उनका सम्मान दांव पर लग गया है, यही महाराजा उस समय भाग खड़े हुए थे, जब ब्रिटिश शासकों ने उनके मान-सम्मान को रौंद दिया था.

    शूटिंग के वक्त से ही विवादों में है फिल्म ‘पद्मावती’

    दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर स्टारर संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावाती’ शूटिंग के दिनों से ही विवादों में रही है. फिल्म एक दिसंबर को रिलीज होनी है. लेकिन, उत्तर भारत और खासकर राजस्थान में इसे लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है.

    करणी सेना ने दी है धमकी

    राजस्थान की करणी सेना नाम के एक संगठन ने फिल्म में ‘पद्मावती’ का रोल कर रहीं दीपिका पादुकोण को धमकी तक दे दी है. करणी सेना का कहना है कि अगर फिल्म रिलीज हुई, तो वे दीपिका पादुकोण की नाक काट देंगे. इस धमकी के बाद दीपिका की सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

    यही नहीं, अफवाह ये भी है कि विवाद के बाद फिल्म की रिलीज डेट 12 जनवरी कर दी गई है. लेकिन, फिल्म मेकर्स ने इससे इनकार किया है.

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    धमकियों के बाद पुलिस के पहरे में ‘पद्मावती’

  • नही थम रहा वनो का अवैध कटान, काटे जा रहे फलदार एवं प्रतिबन्धित प्रजाति के वृक्ष

    अनिल कोबरा
    लखीमपुर खीरी । जुलाई अगस्त के महीनों में जब वन विभाग के प्रभागीय वनाधिकारी पौधा रोपण करने में जुटे रहते है और वृक्षों के कटान के परमिट भी जारी नहीं किये जाते है, फिर भी वन माफिया क्षेत्रीय पुलिस एवं वन विभाग के कमर््िायों की सांठ-गांठ करके अवैध रूप से वनों की अवैध कटान करने में पूर्ण से सक्रिय है। वन माफिया रात के समय वनों का कटान करके सुबह तक काटी गयी लकड़ी उठान करवाकर उसे लकड़ी मण्डी स्थित आढ़तो पर बिक्रकी हेतु पहुँचा देते है, प्रभागीय वन अधिकारी को इस अवैध कटान की जानकारी समाचार पत्रों अथवा पत्रकारों द्वारा मिलने के बावजूद भी कोई ठोस कार्यवाही न करने से वनमाफियाअें के हौसले बुलनद है। उत्तर खीरी वन प्रभाग के निघासन मझगई, सिंगाही, धौरहरा, वन क्षघ्ेत्रों में अवैध कटान का कार्य अपने चरम पर है। इसकी जानकारी जब नवागत वन प्रभागीय वनाधिकारी डा0 अनिल कुमार पटेल दी गयी तो उनका जवाब बड़ा ही गैरजिम्मेदाराना लगा। डा0 पटेल से जब अवैध कटान पर बात की गयी तो उन्होनें कहा कि जब मुझे अवैध कटान की सूचना मिलती है तो उस पर तत्काल प्रभावी कार्यवाही की जाती है इस पर जब प्रश्नकर्ता पत्रकार ने उनसे पूछा कि आपको अवैध कटान की जानकारी क्या अवैध कटान वाला देता है, इस पर श्री डा0 पटेल ने कहा कि चोर क्यों सूचित करेगा कि वह चोरी करने जा रहा है? आप लोगों के माध्यम से ही अवैध कटान की जानकारी मिलती रहती है जिस पर प्रभावी कार्यवाही की जाती है। डा0 पटेल से जब उक्त पत्रकार ने यह जानना चाहा कि वन विभाग का सबसे छोटा कर्मचारी वाचर क्या आपको कभी अवैध कटान की जानकारी नहीं देता हे डा0 पटेल ने अपनी कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की पत्रकार द्वारा यह पछे जाने पर आपके अधीन वन क्षेत्रों के प्रभारी, वन क्षेत्राधिकारी दो पेड़ों के कटान का परमिट बनाते है परन्तु वन माफिया दो पेड़ों की आंड़ में बीस पेड़ काट डालते है। अवैध रूप से काटे गये अतिरिक्त 18 पेड़ों का अवैध पैसा वन माफिया कटान करने से पूर्व ही वनक्षेत्राधिकारी को पहुँचा दिया जाता है, फिर भी यदि किसी माध्यम से अवैध कटान की सूचना जिलाधिकारी से होते हुए आप तक पहुँची है या सीधे आपकों दी जाती है तो आप अवैध रूप से काटी गयी लकड़ी का जुर्माना वसूल कर लकड़ी को वनमाफिया के हवाले कर देते है इस प्रकार वन माफिया यह सोच कर कि अदा किया गया जुर्माना किसी अन्य अधिकारी की जेब में जा रहा है, अतिरिक्त व्यय से हुए जुर्माने का भार वहन कर लेता है। क्या ऐसा कोई प्रावधान है कि अवैध रूप से काटी की गयी लकड़ी के साथ पकड़े गये कटान करने वालों, कटान करवाने वाले ठेकेदारों तथ अवैध कटान की लकड़ी खरीदने वाले आढ़तियों के विरूद्ध एक सख्त कानून बनाया जायें जायें जिससे अवैध कटान करने से पहले वनमाफिया सौ बार सोचे कि क्या वह अवैध कटान करने में फसने के बाद आने वाले संकट से बचाव कर पायेगा। इस पर डा0 पटेल बोले कि प्रावधान अथवा नियम कानून सरकार एवं साधन द्वारा बनायं जाते है जिन्हे हम लागू भर कर सकते है। डा0 पटेल से जब यह पूछा गया कि कटान परमिट जारी करने पूर्व कटान करवाने अथवा करने वाले व्यक्ति को उतनी ही नर्ह पौध का पोधारोपण करवाने का प्रावधान तो है जिसकी सिक्योरिटी भी जमा की जाती है क्या आप यह बता सकते है कि बीते वित्तीत्य वर्ष सहित वर्तमान वित्तीत्य वर्ष में कटान के लिये जारी किये गये पेड़ो की संख्या कितनी है? तथा उक्त काटे गये पेड़ों के स्थान पर कितनी नयी पौध लगायी गयी है और लगायी गयी उक्त पौध में से कितनी पौध जीवित है? इस प्रश्न के उत्तर में भी प्रभागीय वनाधिकारी ने यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया कि ये आंकड़े तुरन्त नहं बतायें जा सकते और अभी मुझे एक सप्ताह भी जनपद खीरी में आयें नहीं हुआ है। इस पर पत्रकार ने यह कहकर उक्त प्रभागीय वनाधिकारी पर एक प्रश्न और डाल दिया कि आप यह कहकर इससे मुक्ति नहीं पा सकते है क्योकि आप उत्तरी खीरी प्रभागीय वन क्षेत्र के शीर्षस्त अधिकारी है जिस प्रकार जिलाधिकारी यह कहकर आना बचान नहीं कर सकते कि अभी उन्हें चार दिन पहले जिले का चार्ज मिला हे अतः दहशत गर्भ नेपाल सीमा को पार कर भारत किस तरह आ गये तथा भारत नेपाल सीमा पर होने वाली तस्करी कौन क्यो और कैसे कर रहा है?

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    उत्तरी खीरी प्रभागीय वनाधिकारी खीरी को यह जानकारी देते हुए बताया कि निघासन धौरहरा वन क्षेत्र में प्लाईवुड बनाने के सर्वाधिक कारखाने है। प्लाई बनाने के लिये मुख्य रूप् से दो प्रजातियों के वृक्षों के विनियर प्रयुक्त किये जाने की अनुमति है फिर भी यूक्लिप्टस, पापुलर के अतिरिक्त सेमल एवं फलदार वृक्ष जामुन के विनियर किस आधार पर किया जाता है? इस पर सहमति व्यक्त करते हुए उक्त प्रभागीय वनाधिकारी डा0 पटेल ने स्वीकार किया कि वैसे तो प्लाईवुड कारखानों में पापुलर एवं यूक्लिप्टस के वृक्षों विनियर प्रयुक्त किये जाने चाहिए परन्तु सेमल तथा जामुन के वृक्षों विनियर का भी प्रयोग प्लाईवुड बनाने में किया जा रहा है इसकी जानकारी मुझे मिली है जिसके चलते निघासन तथा धौरहरा के प्लाईवुड कारखानों पर छापे मारी की गयी जिससे उक्त कारखानों में फिलहाल प्लाईवुड निर्माणकार बन्द है। प्रभागीय वनाधिकारी उत्तरी खीरी को उक्त पत्रकार द्वारा यह जानकारी भी दी गयी कि धौरहरा वन क्षेत्र के ग्राम मूसेपुर में अवैध रूप से काटी गयी सेमल के वृक्षों का अवैध रूप से भण्डारन किया जाता है जो क्षेत्रीय पुलिस सहित क्षेत्रीय वनाधिकारी के संज्ञान में रहता है। अवैध रूप से, प्रतिबन्धित प्रजाति की सेमल की लकड़ी यहाँ एकत्र करके रात के अंधेरे में प्लाईवुड कारखानों में पहुँचा दी जाती है यदि आप उक्त बताये गये स्थान के साथ निघासन एवं धौरहरा सहित मझगी स्थित प्लाईवुड छापेमारी करे तो वहाँ पर भारी मात्रा में सेमल एवं जामुन के वृक्षो के बोटे पाये जायेगें।