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  • स्‍मॉग से जूझ रही दिल्‍ली, मीटिंग-मीटिंग खेल रहे केजरीवाल-खट्टर

    स्‍मॉग से जूझ रही दिल्‍ली, मीटिंग-मीटिंग खेल रहे केजरीवाल-खट्टर

     

     

    दिल्ली में प्रदूषण के संकट के समाधान के लिये हरियाणा और दिल्ली के मुख्यमंत्री की मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया पर आज जमकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर मुलाकात के लिये समय नहीं देने का आरोप लगाया. इसके जवाब में खट्टर ने कहा कि वह आज और कल दिल्ली में हैं और केजरीवाल कभी भी उनसे मिल सकते हैं.

    खट्टर ने केजरीवाल द्वारा आठ नवंबर को लिखे पत्र के जवाब में उन्हें भेजे अपने पत्र में अपने दिल्ली प्रवास की जानकारी दी. खट्टर ने दस नवंबर को लिखे जवाबी पत्र में न सिर्फ केजरीवाल पर प्रदूषण की समस्या का समाधान खोजने के बजाय इस पर राजनीति करने का आरोप लगाया बल्कि अपने पत्र को ट्वीटर पर चस्पा भी कर दिया.

    इसके जवाब में केजरीवाल ने खट्टर को ट्वीटर पर तंज कसते हुये कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय लगातार उनसे मुलाकात के लिये प्रयास कर रहा है लेकिन संपर्क नहीं हो पा रहा. केजरीवाल ने लिखा ‘सर मेरा कार्यालय आपके साथ बैठक तय करने के लिये लगातार संपर्क कर रहा है.’ इसके कुछ समय बाद केजरीवाल ने फिर से ट्वीट कर खट्टर से फोन पर बात होने की जानकारी दी.

    केजरीवाल ने ट्वीट किया ‘खट्टर जी ने फोन किया था, वह कल तक दिल्ली में हैं. उन्होंने कहा कि वह बहुत ज्यादा व्यस्त हैं और दिल्ली में उनसे नहीं मिल सकते हैं. उन्होंने मुझे बुधवार को चंडीगढ़ आकर मिलने को कहा है. मुझे बुधवार को चंडीगढ़ में उनसे मिलने का इंतजार है.’ हालांकि केजरीवाल के साथ खट्टर की बुधवार को चंडीगढ़ में मुलाकात को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से फिलहाल पुष्टि नहीं की गयी है. खट्टर की ओर से भी केजरीवाल के ट्वीट के जवाब में कोई ट्वीट नहीं किया गया.

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  • इंटरनेशनल ट्रेड फेयर शुरू, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे उद्घाटन

    इंटरनेशनल ट्रेड फेयर शुरू, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे उद्घाटन

     

     

    राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद प्रगति मैदान में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का उद्घाटन करेंगे. व्यापार मेले का यह 37वां संस्करण होगा. इस बार व्यापार मेला करीब 53,000 वर्गमीटर क्षेत्र पर ही लगेगा.

    मेला 14 से 27 नवंबर तक चलेगा. हालांकि, इसके पहले चार दिन केवल व्यापारियों के लिए रखे गए हैं. मेले में दुनिया भर से लगभग 3000 कंपनियां, फर्में भाग ले रही हैं.

    मेले का आयोजन हालांकि पहले से करीब आधे क्षेत्र पर ही किया जा रहा है लेकिन इसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश भाग लेंगे. उनके लिए अलग से एक बड़ा अस्थायी मंडप बनाया गया है. जहां इन राज्यों के उद्यमी और छोटे कारीगर अपने उत्पादों को प्रदर्शित कर सकेंगे.

    मेले की आयोजक इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन ने कहा है कि केंद्र सरकार के विभाग और मंत्रालय भी मेले में भाग लेंगे. इंडोनेशिया, इराक, ब्रिटेन, थाइलैंड, यूएई, चीन, तुर्की, अफगानिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, वियतनाम सहित कईदेशों की 225 से अधिक कंपनियां इस मेले में भाग लेंगे.ये भी पढ़ें: क्या देश को वाकई बुलेट ट्रेन की जरूरत है? रेल मंत्री ने इस तरह दिया जवाब

    भारत ने बनाई ‘ताकतवर चौकड़ी’, चीन के लिए हो सकती हैं ये मुश्किलें

  • swami-chakrapani अब खरीदेंगे दाऊद का होटल, तोड़कर बनवाएंगे पब्लिक टॉयलेट

    नई दिल्ली। हिंदू नेता स्वामी चक्रपाणि ने दावा किया है कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के मुंबई स्थित होटल को तोड़कर वहां एक पब्लिक टॉयलेट बनाया जाएगा। बता दें कि 14 नवंबर को दाऊद की भारत में मौजूद पांच प्रॉपर्टीज को नीलाम किया जा रहा है। इस पर स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि वे दाऊद के होटल रौनक अफरोज जिसे दिल्ली जायका भी कहा जाता है को इस नीलामी में खरीदने की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा कि वह इस होटल को खरीद कर वहां पब्लिक टॉयलेट बनवाएंगे। हालांकि साथ ही स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि उसकी दाऊद के साथ कोई निजी दुश्मनी नहीं है लेकिन मैं चाहता हूं कि डॉन का डर लोगों से निकाल सकूं, इसलिए उस होटल को खरीदना चाहता हूं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले चक्रपाणि ने 2015 में दाऊद की नीलाम की गई गाड़ी खरीदकर उसे सबके सामने आग लगा दी थी। हालांकि चक्रपाणि ने बाद में कहा था कि उसे दाऊद की ओर से धमकियां मिलीं।

     

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  • VIDEO: बाल दिवस 14 नवंबर को ही क्यों ?

    VIDEO: बाल दिवस 14 नवंबर को ही क्यों ?

     

     

    भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की जयंती को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस दिन बच्चों के अधिकारों और शिक्षा के बारे में लोगों को जागरुक किया जाता है. पंडित नेहरू भारत की आजादी के बाद पहले प्रधानमंत्री बने और बच्चों के प्रति लगाव के कारण वे बच्चों में खासे लोकप्रिय भी रहे.

    दुनिया में बाल दिवस की शुरुआत हुई कैसे?

    विश्व में पहली बार बाल दिवस की शुरुआत जून 1856 में इंग्लैंड के चेल्सी में हुई. वहां एक  चर्च में बच्चों के लिए एक स्पेशल दिन रखा गया था जिसे रोज़ डे भी कहा गया. इस दिन सभी प्रवचन, हिदायतें  और कहानियां बच्चों से जुडी हुआ करती थीं. यह प्रथा उन्नीसवीं शताब्दी के अंत और बीसवीं शताब्दी के प्रारंभ तक काफी मशहूर हुई.

    इसके बाद ज़्यादातर देशों ने अपनी सुविधा अनुसार बाल दिवस मानना शुरू किया और चुने गए दिनों में बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना शुरू किया. 1950 में विमेंस इंटरनेशनल फेडरेशन ने 1 जून को विश्व में बाल दिवस मनाना तय किया.  इसका कारण यह था कि 1 जून विश्व में प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन डे पहले से मनाया  जा रहा था.1954 में संयुक्त राष्ट्र ने बच्चों के अधिकारों की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए 20 नवम्बर को बाल दिवस घोषित किया. भारत ने और ज़्यादातर देशों ने संयुक्त राष्ट्र से सहमति जताते हुए 20  नवम्बर को बाल दिवस घोषित किया. 1954 से लेकर 1964 तक 20 नवम्बर ही भारत में बाल दिवस के रूप में मनाया गया.

    1964 में पं. जवाहरलाल नेहरू के देहांत हुआ. तभी भारत ने बाल दिवस की तारीख बदल ली और नेहरू का जन्म दिवस बाल दिवस बन गया. बच्चों के प्रति  नेहरू के प्रेम को देखते हुए  उनकी जन्मतिथि को बाल दिवस के रूप में अपनाया गया.

  • VIDEO : साइकिल से करो उत्तराखंड की सैर

    VIDEO : साइकिल से करो उत्तराखंड की सैर

     

     

    उत्तराखंड में साइकलिंग को स्पोर्ट्स के तौर पर प्रमोट करने की तैयारी है. मक़सद है इसके ज़रिए पर्यटन और रोज़गार दोनों को बढ़ावा देना. टीम कुमाऊं इसी कोशिश में जुटी हुई है. प्लान ये है कि कुमाऊं आने वाले सैलानियों को साइकिल से यहां की सैर करायी जाए. स्पोर्ट साइकलिंग के ज़रिए सैलानी यहां के प्राकृतिक सौन्दर्य को ज़्यादा आसानी और सुरक्षित तरीके से कर सकेंगे. अगर ऐसा होता है तो स्थानीय लोगों को भी रोज़गार मिलेगा.

  • केरल : संघ के ‘घर वापसी’ सेंटर से भागी लड़की

    केरल : संघ के ‘घर वापसी’ सेंटर से भागी लड़की

     

     

    केरल के थालासैरी की रहने वाली अशिता लक्ष्मी ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के त्रिपुनिथुरा योग केंद्र पर ज्यादतियां करने का आरोप लगाया है. अशिता का कहना है कि ‘आरएसएस और हिंदू हेल्पलाइन कार्यकर्ताओं द्वारा मुझे जबरदस्त योग केंद्र में लाया गया था. छह महीने तक कमरे में बंद कर बेरहमी से पीटा गया.’

    अशिता का आरोप यह भी है कि योग प्रशिक्षण केंद्र केवल नाम का है लेकिन वहां असल में ज़बरदस्ती धर्म परिवर्तन के लिए तैयार किया जाता है. बहुत बेरहमी से लड़कियों को तेज़ संगीत बजाकर पीटा जाता है ताकि कोई उनकी आवाज़ भी न सुन सके. पिटाई या तो हाथ या बांस की छड़ी से होती थी और तरीके बहुत क्रूर थे .

    हाईकोर्ट में जब हेबइज़ कॉर्पस पर विचार चल रहा था, तब अशिता को अपना बयान बदलने के लिए मजबूर किया गया था. अशिता की मानें तो उसे बार-बार धर्म के बारे में सलाह दी जा रही थी और उन्होंने मुस्लिम और ईसाई धर्म के बारे में घृणा से भरी बातें लगातार अशिता को कहीं. अशिता का कहना है कि इस केंद्र के लोगों की राय में केवल हिंदू धर्म अच्छा है और बाकी सब कुछ समाज के लिए हानिकारक है.

    यह आरोप भी लगाए गए कि केंद्र में छह महीने में 50 से अधिक लड़कियों को फंसाया गया है. अशिता केंद्र से भाग गई और बच गई. इन शिकायतों के बारे में उच्च न्यायालय ने पुलिस जांच के आदेश दिए हैं. कोर्ट ने लड़की और उसके दोस्त शुहाब के लिए पुलिस सुरक्षा का भी आदेश दिया है. माता-पिता से भी स्पष्टीकरण की मांग की गयी है.

  • सामाजिक कार्यकर्ता बसंती गोप का चाईबासा में भव्य स्वागत

    सामाजिक कार्यकर्ता बसंती गोप का चाईबासा में भव्य स्वागत

     

     

    झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले की बसंती गोप को बेस्ट पारा लीगल वॉलियंटर का अवार्ड मिलने के बाद उनके चाईबासा लौटने पर स्थानीय लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया. बसंती गोप को यह अवार्ड दिल्ली में मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने दिया.

    बंसती गोप के स्वागत में इप्टा के कलाकारों ने बैंड बाजे के साथ पूरे शहर में रैली निकाली. जहां लोगों ने जगह जगह बंसती का स्वागत किया. चाईबासा जिला विधिक सेवा प्राधिकार कार्यालय में भी बसंती गोप का स्वागत किया गया.  सोमवार को बंसती गोप का रांची हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस स्वागत करेंगे. इस मौके पर चाईबासा कोर्ट के भी कई जज भी मौजूद रहेंगे.

    बता दें कि चाईबासा की स्लम एरिया में रहने वाली समाजिक कार्यकर्ता बसंती गोप को बेस्ट पारा लीगल वॉलियंटर अवार्ड से सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने सम्मानित किया था. इस मौके पर केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद भी मौजूद थे.

    पूरे कोल्हान में बंसती गोप मुख्य रूप से प्रारंभिक दिनों में पुलिस के साथ लावारिस लाशों के दाह-संस्कार के लिए जानी गयी. बाद में इप्टा से जुड कर नाट्य मंच करने लगी, फिर जिला विधिक सेवा प्राधिकार से जुड़ी और इस मुकाम तक पहुंची.

  • लेफ्ट के गढ़ त्रिपुरा की सत्ता पर BJP की नजर, बनाई ये योजना

    लेफ्ट के गढ़ त्रिपुरा की सत्ता पर BJP की नजर, बनाई ये योजना

     

     

    पूर्वोत्तर में पैठ बनाने की कवायद के तहत बीजेपी अब वामदल शासित राज्य त्रिपुरा में जोर लगा रही है और राज्य में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (एम) को टक्कर देने का दायित्व बीजेपी पन्ना प्रमुखों को सौंपा गया है.

    पार्टी ने 60 मतदाताओं पर एक कार्यकर्ता को नियुक्त किया है जो सीधे मतदाताओं के सम्पर्क में रहेंगे. बीजेपी के त्रिपुरा प्रदेश प्रभारी सुनील देवधर ने कहा कि पार्टी काफी समय से राज्य में जमीन तैयार करने में जुटी है. इसी का नतीजा है कि करीब 2 साल में डेढ़ लाख लोग दूसरे दलों से बीजेपी में आए हैं. पार्टी का पूरा जोर बूथ प्रबंधन पर है.

    उन्होंने कहा, ‘हम फर्जी वोटरों की शिनाख्त कर उसे बाहर करवाने, नए वोटरों को जोड़ने और बांग्लादेश से आए फर्जी वोटरों को बाहर करने के साथ ही प्रदेश सरकार के घोटाले और स्थानीय समस्याओं को मुद्दा बना रहे हैं.’

    देवधर के मुताबिक, जो मुद्दे राज्य की जनता को प्रभावित करते हैं, उनमें सरकारी कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि नहीं होने के अलावा 1993 से सरकारी अध्यापकों की भर्ती न होने और मनरेगा है, जिसमें घोटाला ही घोटाला है. वहीं बहुचर्चित चिटफंड मामला भी एक प्रमुख मुद्दा है, जिसमें काफी संख्या में जनता प्रभावित है.2018 के चुनावों में पन्ना प्रमुख की भूमिका

    बीजेपी ने त्रिपुरा में मतदाता सूची के हर पन्ने के 60 मतदाताओं पर एक कार्यकर्ता नियुक्त किया है. फरवरी 2018 में आसन्न राज्य के विधानसभा चुनाव में इन पन्ना प्रमुखों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी.

    बीजेपी नेता ने कहा कि त्रिपुरा में 25 साल के वामपंथी शासन में राज्य में जनजातियों का सर्वाधिक शोषण हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि अत्यंत गरीब लोगों तक प्रदेश की कम्युनिस्ट सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की जन कल्याण की योजनाओं का लाभ नहीं पहुंचने दिया.

    देवधर ने कहा कि आज विपक्ष में रहकर हम उनकी केवल आवाज उठा सकते हैं जबकि सत्ता में आने पर जब केंद्र और राज्य में एक ही दल की सरकार होगी तब प्रदेश के विकास की रफ्तार तेज होगी.

    सीपीआई को हार साफ दिखाई दे रही है’

    उन्होंने कहा कि त्रिपुरा के 12 लाख युवाओं को अगर रोजगार देना है तो माणिक सरकार को बेरोजगार करना होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में बीजेपी की परिवर्तन सभा में शामिल होने वाली जनता की गाड़ियों को सीपीआई के लोगों द्वारा आने से रोका गया. इस बात से यह साफ प्रतीत होता है की सीपीआई बौखला गई है और उनको अपनी हार साफ दिखाई दे रही है.

    उन्होंने कहा कि सीपीआई को अब यह समझ लेना चाहिए की वो लोगों को सभा में आने से तो रोक सकती है लेकिन जनता के बुलंद हौसले को कैसे रोक पाएगी? देवधर ने कहा कि सीपीआई (एम) ने त्रिपुरा में पिछले 35 वर्षो के शासनकाल में आदिवासी लोगों के लिये कुछ भी नहीं किया. आदिवासी महिलाओं को न्याय नहीं मिल रहा है . मुख्यमंत्री माणिक सरकार के पास गृह विभाग भी है लेकिन कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है.

    बहरहाल, वामदलों के नेतृत्व वाले त्रिपुरा में प्रचार अभियान तेज करने के लिए भाजपा का एक संसदीय दल राज्य का दौरा करने वाला है. यह दल राज्य के वर्तमान हालात का जायजा लेगा. त्रिपुरा में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं.

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    राजनीतिक पार्टियों को बैनर और झंडियां हटाने के आयोग ने दिए आदेश

  • राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने 128वीं जयंती पर पंडित नेहरू को किया याद

    राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने 128वीं जयंती पर पंडित नेहरू को किया याद

     

     

    देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की 128वीं जयंती पर आज राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने उन्हें याद किया.

    राष्ट्रपति कोविन्द के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर नेहरू को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, पहले प्रधानमंत्री श्री जवाहरलाल नेहरू के प्रति उनकी 128वीं जयंती पर समादर —राष्ट्रपति कोविन्द.

    उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने ट्वीट किया, भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की जयंती पर देश को शुभकामनाएं.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत-आसियान शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए मनीला में हैं. उन्होंने भी ट्वीट कर पं.नेहरू को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने लिखा, पंडित जवाहर लाल नेहरू को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि.

    नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद में हुआ था. उनके जन्मदिन को बाल दिवस के तौर पर भी मनाया जाता है.

  • सफलता-विफलता की चिंता नहीं, हम देशहित में फैसले लेते हैं: मोदी

    सफलता-विफलता की चिंता नहीं, हम देशहित में फैसले लेते हैं: मोदी

     

     

    मनीला में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के लोगों ने कभी किसी का बुरा नहीं किया है. हमारा हर फैसला देश के हित में होता है. मोदी ने कहा कि हम देशहित में फैसले ले रहे हैं. सफलता–विफलता की चिंता नहीं है.

    मोदी ने कहा कि भारत के लोग देने वाले लोग हैं. लेने और छीनने वाले नहीं. दुनिया भर में फैले भारतीय आज सिर उठाकर जी रहे हैं. आज भारत से बुरी नहीं अच्छी खबरें आती हैं. मोदी ने कहा कि दुनिया उसी देश को मानती है, जिसका वर्तमान पराक्रमी हो. भले ही भविष्य कितना भी उज्जवल क्यों न रहा हो. लेकिन 21वीं सदी भारत की है, मुझे लगता है कि यह संभव है.

    पीएम मोदी ने शहीदों को याद करते हुए कहा कि प्रथम विश्व युद्ध में ढेड़ लाख भारतीय शहीद हुए थे. नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह गौरव के साथ भारतीय होने की बात करते हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत बुद्ध और गांधी की धरती है. हम वो लोग हैं, जिन्होंने शांति को जिया है, उसे पचाया है और बढ़ाया है. इसीलिए हमारे पूर्वजों ने वसुधैव कुटुम्बकम की बात कही है.

    मोदी ने कहा कि हमने प्रधानमंत्री जनधन योजना की शुरुआत की. मनीला में बैंकिंग कैसी है, सबको पता है. मैंने कहा कि हर भारतीय को बैंक में एंट्री का हक मिलना चाहिए. उसे बैंक के बाहर गार्ड देखकर डर लगता था. मैंने गरीबों को देखा है, लेकिन अमीरों की गरीबी को भी देखा है. आज उन जनधन अकाउंट्स में 67 हजार करोड़ों रुपए जमा हैं. पहले वे गेंहूं या घर के किसी कोने में पैसे छिपा कर रखते थे.इससे पहले मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की. बता दें. मोदी आसियान शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए फिलीपींस में हैं.