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  • मोदी सरकार ने गुजरात चुनाव में हार से बचने के लिए GST कम की: शिवसेना

    मोदी सरकार ने गुजरात चुनाव में हार से बचने के लिए GST कम की: शिवसेना

     

     

    शिवसेना ने दावा किया कि केंद्र की बीजेपी सरकार ने गुजरात चुनाव में हार से बचने के लिए जीएसटी की दरों में कटौती की है. शिवसेना ने बीजेपी को किसी भी मुद्दे से ‘राजनीतिक लाभ उठाने और प्रचार पाने में विशेषज्ञ’ करार दिया.

    बता दें, उपभोक्ताओं और कारोबारियों को राहत प्रदान करने के क्रम में जीएसटी की दरों में अब तक के सबसे बड़े बदलाव के तहत 10 नवंबर को 200 से अधिक वस्तुओं पर कर दरों में कटौती कर दी गई. रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाली 178 वस्तुओं को शीर्ष कर दर 28 प्रतिशत के दायरे से बाहर कर 18 प्रतिशत कर की श्रेणी में स्थानांतरित कर दिया गया. जबकि सभी रेस्तराओं के लिए समान कर, पांच प्रतिशत निर्धारित किया गया.

    शिवसेना ने कर कटौती के समय पर सवाल उठते हुए केंद्र सरकार से पूछा कि उसने अब ‘झुकने’ का फैसला क्यों किया. पार्टी ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में कहा, ‘ये लोग किसी भी मुद्दे से राजनीतिक लाभ उठाने और प्रचार पाने में विशेषज्ञ हैं.’ मुखपत्र ने कहा, ‘यह सरकार अब क्यों झुक गई, जिसने कहा था कि वह मुद्दे (जीएसटी) पर समझौता नहीं करेगी और विरोध को नजरअंदाज करेगी. इसका उत्तर इसमें है कि गुजरात चुनावों में उन्हें जबर्दस्त विरोध का सामना करना पड़ रहा है.’

    शिवसेना ने दावा किया कि बीजेपी नेताओं को गांवों में नहीं घुसने दिया जा रहा है. उन्हें संवाददाता सम्मेलन नहीं करने दिए जा रहे हैं, उनके पोस्टरों को हटाया जा रहा है. केंद्र सरकार में सहयोगी शिवसेना ने कहा कि विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री गुजरात चुनाव प्रचार में भाग लेने के लिए देश से संबंधित मुद्दों को छोड़ देंगे.शिवसेना ने कहा, ‘जीएसटी से महंगाई बढ़ी है और आम आदमी का बजट गड़बड़ा गया है. जो लोग संकटग्रस्त अर्थव्यवस्था की तारीफ कर रहे हैं, वे देश के दुश्मन हैं.’ संपादकीय में कहा गया कि जीएसटी ने गरीब लोगों और छोटे कारोबारियों की ‘कमर तोड़ दी है’ और इससे देश में गुस्सा बढ़ा है. गुजरात में छोटे कारोबारी सड़कों पर उतरे हैं और लाठियों से उनकी पिटाई की गई है.

    संपादकीय में दावा किया, ‘इन लाठियों के परिणाम के डर और प्रधानमंत्री (नरेंद्र) मोदी के किसी भी अभियान के काम न करने की आशंका के चलते सरकार को जीएसटी के मुद्दे पर झुकना पड़ा.’ गुजरात विधानसभा चुनाव के तहत राज्य में नौ और 14 दिसंबर को दो चरणों में मतदान होगा. मतों की गिनती 18 दिसंबर को होगी.

  • एनजीटी ने दिल्ली सरकार से पूछा – ‘सिर्फ दिखावा है ऑड-ईवन?’

    एनजीटी ने दिल्ली सरकार से पूछा – ‘सिर्फ दिखावा है ऑड-ईवन?’

     

     

    दिल्ली में स्मॉग और प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार के उठाए गए कदमों को लेकर सोमवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में सुनवाई हुई. इस दौरान दिल्ली सरकार के वकील के नहीं पहुंचने पर एनजीटी ने सरकार को कड़ी फटकार लगाई है.

    एनजीटी ने कहा, “ऑड-ईवन लागू करने को लेकर नए आवेदन के साथ दिल्ली सरकर के वकील क्यों नहीं पहुंचे? क्या यह सिर्फ मीडिया के लिए ही था? क्या सरकार हमारे पास आएगी या फिर मंत्री ने सिर्फ प्रेस के लिए ही बयान जारी किया था?”

    बता दें कि ऑड-ईवन स्कीम का फैसला वापस लेने के बाद सरकार ने कहा था कि वह सोमवार को ग्रीन कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी. लेकिन, आज जब सुनवाई शुरू हुई, तो दिल्ली सरकार के वकील ही नहीं पहुंचे.

    सुबह एनजीटी ने दिल्‍ली सरकार से पूछा कि वह मीडिया को ऑड-ईवन पर रिव्‍यू पिटीशन के बारे में जानकारी क्‍यों दे रही थी, जबकि कोई रिव्‍यू पिटीशन अब तक दायर नहीं की गई है.

    बता दें कि इससे पहले शनिवार को एनजीटी ने दिल्ली सरकार को ऑड-ईवन लागू करने की मंजूरी दे दी थी. एनजीटी ने शर्त रखी थी कि इस बार महिलाओं और टू-व्हीलर्स को भी छूट नहीं मिलेगी. हालांकि, शनिवार शाम तक सरकार ने असमर्थता जताते हुए ऑड-ईवन का प्लान टाल दिया था.

    वहीं, आज प्रदूषण को लेकर पराली जलाने और निर्माण कार्यों को रोकने की मांग वाली याचिका पर भी सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई होनी है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच इसपर सुनवाई करेगी.

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि प्रदूषण की अनदेखी नहीं की जा सकती. अदालत ने कहा कि नियमित मामलों की सुनवाई के बाद इस केस पर सुनवाई की जाएगी.

    बता दें कि दिल्ली में प्रदूषण ने इस बार सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. रविवार को एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 57 पॉइंट की बढ़ोतरी के साथ 460 तक जा पहुंचा. सोमवार को भी कई इलाकों में विजिबिलिटी बहुत कम है. हालांकि, रविवार के मुकाबले सोमवार को स्थिति सुधरी है.

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    स्मॉग के चलते 69 ट्रेनें लेट, 22 का समय बदला

  • जॉब छोड़कर एमबीए पास लड़की रोड पर लगाती हैं फूड स्टॉल

    नई दिल्लीं। राधिका अरोड़ा ने एमबीए की पढ़ाई करने के बाद एचआर प्रोफेशनल की नौकरी छोड़ ठेले पर खाना खिलाने का काम शुरू किया और आज अपने इस फैसले से संतुष्ट होने के साथ-साथ वो गर्व भी महसूस करती हैं। राधिका का खाना इतना स्वादिष्ट होता है कि शुरुआती दिनों में खाना कुछ घंटों में ही खत्म हो जाया करता था। शुरू में वह रोजाना सिर्फ 70 प्लेट खाना तैयार करती थीं लेकिन धीरे-धीरे यह संख्या बढ़ती गई। अपनी पहली सफलता से बेहद खुश राधिका ने कहा कि अब वह इवेंट मैनेजमेंट के क्षेत्र में भी हाथ आजमाना चाहती हैं। इसके लिए वे पूरी तैयारी से लग गई हैं। चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेज से एमबीए करने के बाद नौकरी के सिलसिले में राधिका को चंडीगढ़ में रहना पड़ता था। वह पीजी में रहा करती थीं। लेकिन उन्हें वहां का खाना पसंद नहीं आता था। इस वजह से वह या तो बाहर का खाना खाती थीं या फिर कहीं से टिफिन मंगवाती थीं। राधिका बताती हैं, ‘जब मैं यहां काम कर रही थी तो मैं घर में मां के हाथ से बने खाने को काफी मिस किया करती थी। इसी मुश्किल से मुझे खाने की शॉप खोलने का ख्याल आया।’ राधिका ने हिम्मत करके नौकरी छोड़ दी और मोहाली के फेज-8 इंडस्ट्रियल एरिया में एक छोटे से ठेले से अपनी दुकान की शुरुआत कर दी। उन्होंने इसका नाम रखा – मां का प्यार।
    राधिका का खाना इतना स्वादिष्ट होता है कि कुछ घंटों में ही खाना खत्म हो जाया करता था। वह शुरू में रोजाना 70 प्लेट खाना तैयार करती थीं, लेकिन धीरे-धीरे यह संख्या बढ़ती गई। वह कहती हैं कि मुझे दूसरों के लिए घर जैसा खाना खिलाने में काफी खुशी मिलती है। राधिका के इस वेंचर की सफलता का राज यही है कि वह घर जैसा खाना बनाती हैं और किसी भी तरह से समझौता नहीं करतीं। उनके ठेले पर राजमा-चावल, कढ़ी, चना, भिंडी जैसी डिशेज रहती हैं।

    इसके लिए उन्होंने बकायदा कुक रखा है जो सभी के लिए खाना तैयार करता है। लेकिन राधिका की शुरुआत इतनी आसान भी नहीं थी। उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेने से लेकर सड़क पर पहले से ठेला लगाने वालें से उन्हें संघर्ष करना पड़ा। लेकिन राधिका कहती हैं कि उन्होंने यह सारा काम बड़े धैर्यपूर्वक किया। राधिका ने 1 लाख रुपए से अपने बिजनेस की शुरुआत की थी। उनके पैरेंट्स भी राधिका के इस फैसले से चिंतित थे। उन्हें लगता था कि एमबीए की पढ़ाई करने के बाद उनकी लड़की ठेला कैसे लगा सकती है। खैर, राधिका के अंदर खुद का काम शुरू करने का जुनून था इसलिए उन्होंने किसी की बात नहीं मानी और खुद पर यकीन करते हुए पूरी शिद्दत के साथ लगी रहीं। घरवालों का कहना था कि अच्छी खासी पढ़ी-लिखी लड़की ऐसा काम कैसे कर सकती है। उन्हें लगा कि सर्दी, गर्मी बरसात किसी भी मौसम में सड़क पर खड़े होकर काम करना पड़ेगा। लेकिन जब कुछ दिनों तक उनके इस फूड स्टाल से ठीक-ठाक पैसे आने लगे तो उनके घरवालों को भी लगा कि उनकी बेटी ने शायद सही फैसला किया है। यही वजह है कि एक बार सफलता का स्वाद चख लेने के बाद राधिका के परिवार वालों को आज उन पर गर्व होता है। आज राधिका के दो स्टॉल हैं। पहला इंडस्ट्रियल एरिया मोहाली में और दूसरा वीआईपी रोड जीरकपुर में। उनका खाना इतना स्वादिष्ट होता है कि जो भी खाने के लिए आता है वह बिना तारीफ किए नहीं जाता। उनकी टीम में कुल पांच लोग हैं जो पूरे काम को हैंडल करते हैं।

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  • Rahul Gandhi ने बदल दी गुजरात की चुनावी हवा, घूम-घूम कर खुद पोस्टर लगाने लगे अमित शाह

    एक तरफ जहां वो खुद डोर-टू-डोर कैंपेन चला रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ शाह दिवारों पर पोस्टर चिपका कर अपने कार्यकर्ताओं में नई उर्जा के संचार करने की कोशिश कर रहे हैं।

    अगले महीने होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले जिस तरह से राहुल गांधी ने गुजरात में प्रचार कमान संभाली है उससे राज्स में कांग्रेस का अंडर करंट दिखने लगा है। हाल ही में कांग्रेस के इंटरनल सर्वे में जैसे ही पार्टी को 110-120 सीटें मिलने की बात सामने आई उससे कांग्रेसियों का उत्साह और बढ़ गया है। राहुल के अक्रामक प्रचार को देखते हुए इधर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी कमान सीधे अपने हाथों में ले ली है। अमित शाह गुजरात की जनता को साधने के लिए खुद मैदान में उतर चुके हैं। एक तरफ जहां वो खुद डोर-टू-डोर कैंपेन चला रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ शाह दिवारों पर पोस्टर चिपका कर अपने कार्यकर्ताओं में नई उर्जा के संचार करने की कोशिश कर रहे हैं।
    हाल ही में मध्यप्रदेश के चित्रकुट विधानसभा सीच पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। हालांकि ये सीट कांग्रेस की पारंपरिक सीट रही है। इस सीट पर कभी बीजेपी जीत नहीं पाई है, लेकिन गुजरात चुनाव से ठीक पहले इस जीत को कांग्रेस एक बड़ी जीत की तरह प्रोजेक्ट कर रही है।
    गुजरात चुनाव में कांग्रेस ने अपनी रणनीति बदल ली है। इस बार राहुल गांधी गुजरात के हर मंदिरों में जा रहे हैं और भगवान का आशिर्वाद ले रहे हैं। ऐसे में बीजेपी के हिंदु वोट बैंक पर निशाना साधने की कोशिश अगर सफल होती है तो कांग्रेस को फायदा मिल सकता है।

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  • मसाज करा रहा था अफसर, महिला होमगार्ड से

    नई दिल्ली।. तेलंगाना के जोगुलांबा गडवाल में एक वीडियो सामने आया है जिसमें एक एएसआई एक महिला होम गार्ड से मसाज ले रहा है. यह वीडियो जैसे ही वायरल हुआ स्थानीय एसपी ने जांच के आदेश दे दिए हैं.।

    एएसआई की पहचान हसन के रूप में हुई है. वीडियो में दिखाई दे रहे हसन जिला मुख्यालय की आर्म्ड रिवर्स यूनिट में पदस्थ है. वीडियो में दिख रहा है कि हसन एक बेंच पर लेटा हुआ है और महिला होम गार्ड उसे मसाज दे रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक हसन इस दौरान बंदोबस्त ड्यूटी से लौटकर आया था और पुरुष बैरक में आराम कर रहा था. हसन ने यहां महिला होम गार्ड से मसाज लेने की बात कबूल की है. यह वीडियो 5 नवंबर का बताया जा रहा है. फिलहाल मामला सामने आने के बाद एएसआई को सस्पेंड किया गया है और जांच की जा रही है.
    पूरे वाकये पर एसपी विजय कुमार ने एएसपी भास्कर को जांच करने और रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं. बता दें कि इससे पहले भी कथित तौर पर सरूरनगर के इंस्पेक्टर एस लिंगैया की वीडियो वायरल हुई थी जिसमें भी एक महिला होम गार्ड मालिश कर रही थी.
    हाल ही में आए इन दो वीडियोज के जरिए यह समझा जा सकता है कि यहां पर महिला कर्मचारियों के लिए असुरक्षा का महौल है.यह वीडियो 5 नवंबर का बताया जा रहा है. फिलहाल मामला सामने आने के बाद एएसआई को सस्पेंड किया गया है और जांच की जा रही है.
    पूरे वाकये पर एसपी विजय कुमार ने एएसपी भास्कर को जांच करने और रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं. बता दें कि इससे पहले भी कथित तौर पर सरूरनगर के इंस्पेक्टर एस लिंगैया की वीडियो वायरल हुई थी जिसमें भी एक महिला होम गार्ड मालिश कर रही थी.
    हाल ही में आए इन दो वीडियोज के जरिए यह समझा जा सकता है कि यहां पर महिला कर्मचारियों के लिए असुरक्षा का महौल है.यह वीडियो 5 नवंबर का बताया जा रहा है. फिलहाल मामला सामने आने के बाद एएसआई को सस्पेंड किया गया है और जांच की जा रही है.पूरे वाकये पर एसपी विजय कुमार ने एएसपी भास्कर को जांच करने और रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं. बता दें कि इससे पहले भी कथित तौर पर सरूरनगर के इंस्पेक्टर एस लिंगैया की वीडियो वायरल हुई थी जिसमें भी एक महिला होम गार्ड मालिश कर रही थी.हाल ही में आए इन दो वीडियोज के जरिए यह समझा जा सकता है कि यहां पर महिला कर्मचारियों के लिए असुरक्षा का महौल है।

  • ‘भारत के वीर’ फंड में अब तक 26 करोड़ रुपये आए

    ‘भारत के वीर’ फंड में अब तक 26 करोड़ रुपये आए

     

     

    केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक फंड में लोगों ने करीब 26 करोड़ रुपये का योगदान किया है. इस फंड से आतंकियों से लड़ते हुए शहीद होने वाले अर्धसैनिक बलों के परिवार वालों की मदद की जाती है.

    गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने अप्रैल में ‘भारत के वीर’ कोष की शुरुआत की थी. लोगों ने इस कोष में 25,82,18,888 रुपये का योगदान किया है.

    गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि आम लोग ‘भारत के वीर’ ऐप या वेबसाइट पर जाकर ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले जवानों के परिवारों के लिए योगदान कर सकते हैं.

    वेबसाइट पर किए जाने वाला योगदान सीधे शहीद सैनिक के परिवार के बैंक खाते में चला जाता है.ये भी पढ़ें: खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ने से थोक महंगाई 6 महीनों की ऊंचाई पर

    इनकम टैक्स छापों के बाद इंजीनियर राजेश्वर सिंह यादव पर गिरी गाज, निलंबित

  • जानिए: क्यों पिता की अंतिम यात्रा में जमकर नाची ये बहनें

    जानिए: क्यों पिता की अंतिम यात्रा में जमकर नाची ये बहनें

     

     

    नोएडा। नोएडा में 4 बेटियों ने अपने पिता की अंतिम यात्रा इस तरह निकाली कि देखने वाले हैरान रह गए। दरअसल बेटियों ने अपने पिता की अंतिम यात्रा को पूरे धूम-धाम और बैंड बाजे के साथ निकाला और पूरे रास्ते चारों बेटिया नाजती गाती हुई गई और पिता का अंतिम संस्कार किया। इस बीच जहां जहां से उन्होंने अपने पिता की अंतिम यात्रा को निकाला लोग उन्हें देखकर हैरान रह गए।

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    बता दें कि द्योगपति और नोएडा एंटरप्रिनियोर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरी भाई लालवानी का नोएडा में निधन हो गया था। उनकी बड़ी बेटी का कहना है कि पापा की ये आखरी इच्छा थी कि जैसे बच्चे के जन्म का उत्सव मनाया जाता है ठीक वैसे ही उनकी मौत का भी जश्न मनाया जाए और उनकी अंतिम यात्रा को उत्सव की तरह निकाला जाए।

    वहीं अनिता का कहना है कि पापा का मानना था कि मौत जिंदगी से ज्यादा खूबसूरत होगी। जिसे पाने के लिए जिंदगी को कुर्बान करना पड़ाना है। इसलिए खूबसूरत मौत से मिलने का उनका सफर इस दुनिया में अंतिम उत्सव के रूप मनाया जाए। इसलिए हम चारों बहनों ने अपने पापा की अंतिम इच्छा को पूरा किया और वो जैसा चाहते थे उमकी अंतिम यात्रा को ठीक वैसे ही निकाला और हम बहनों ने खूब डांस किया। साथ ही उन्होंने कहा कि हमें इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि हमें देख कर हमारा समाज क्या कहेगा। हमें अपने पापा की खुशी के लिए सब कुछ मंजूर है।





  • हैंड बैगेज से निकलते धुएं से इंडिगो की बैंगलुरू जाने वाली उड़ान में हड़कंप

    हैंड बैगेज से निकलते धुएं से इंडिगो की बैंगलुरू जाने वाली उड़ान में हड़कंप

     

     

    तिरुवनंतपुरम में बैंगलुरू जा रही इंडिगो एयरलाइंस की एक उड़ान में उस वक्त हड़कंप मच गया जब यात्रियों को एक हैंड बैगेज से धुआं निकलता नजर आया. अग्निशमन यंत्र की मदद से फौरन धुएं को बुझाया गया. एयरलाइंस ने यह जानकारी दी.

    विमानन सेवा ने कहा कि शनिवार को हुई इस घटना के बारे में उड़ान नियामक- नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को जानकारी दी गई थी.

    एक प्रवक्ता ने दिए बयान में कहा, ‘तिरुवनंतपुरम से बैंगलुरू जा रही उड़ान संख्या 6ई-445 में इंडिगो के चालकदल के सदस्यों ने केबिन से धुआं निकलते देखा. चालक दल ने तुरंत सीट संख्या 24आरएच के हैट-रैक से निकलती मामूली चिंगारी को संज्ञान में लिया और फौरन कमांडर को इसके बारे में सूचित किया गया.’ इंडिगो के प्रवक्ता ने कहा कि एयरबस ए320 विमान में 186 यात्री और चालक दल के छह सदस्य थे. विमान ने सामान्य लैंडिंग की.

    ऐहतियाती कदम उठाते हुए चालक दल के सदस्यों ने प्राथमिकता के आधार पर आसपास की सीटों पर बैठे यात्रियों को वहां से हटाकर दूसरी जगह स्थानांतरित किया. एयरलाइंस ने कहा कि एक काले लैपटॉप से धुआं निकल रहा था, जिसे अग्निशमन यंत्र की मदद से बुझाया गया.

  • अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने दिया पत्नी को व्हाट्ऐप पर तलाक

    अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने दिया पत्नी को व्हाट्ऐप पर तलाक

     

     

    अलीगढ़। तीन तलाक देश के सबसे जटिल सामाजिक मुद्दों में से एक था। जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट की5 सदस्यों कि संविधान बेंच ने 22 अगस्त को अपना फैसला सुनाया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी लोग कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। अलीगढ़ से एक ऐसा हा मामला सामने आया है। जहां यास्मीन खालिद ने अपने पति पर आरोप लगाया है कि उसके पति ने व्हाट्सऐप के जरिए उसे तलाक दे दिया है। इतके साथ हा यास्मीन ने धमकी दी है कि अगर उसे इंसाफ नहीं मिला तो वो अपने बच्चो के साथ वायस चांसलर के घर के सामने आत्महत्या कर लेगी।

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    बता दें कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में संस्कृत विभाग के चेयरमैन खालिद की पत्नी ने आरोप लगाया है कि उन्होंने पहले तो गलत तरीके से उन्हें तलाक दिया और फिर व्हाट्सऐप पर टेक्स्ट मैसेज भेज कर तलाक दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वेक वीसी तारीक मंसूर के घर के सामने अपने बच्चों समेत आत्महत्या कर लेंगी। यास्मीन का कहना है कि खालिद ने उसे घर से निकाल दिया है और अब वो इंसाफ के लिए दर-दर भटक रही है। लेकिन किसी से उसे न्याय नहीं मिला। हालांकि पुलिस की मदद की वजह से उसे किसी तरह घर में रहने की इजाजत मिली।

    वहीं प्रोफेसर खालिद ने इन आरोपों का गलत साबित करते हुए कहा कि मैंने न सिर्फ उनको व्हाट्सऐप और एसएमएस के जरिए बल्कि शरिया के मुताबिक 2 लोगों की मौजूदगी में निर्धारित तय अवधि में मौखिक रूप से दिया है। इस मामले में खालिद ने खुद को पीड़ित बताया है। उनका कहना है कि मैं नहीं बल्कि मेरी पत्नी दो दशक से उत्पीड़न कर रही है। खालिद का कहना है कि उसने शादी से पहले मुझसे कई बाते छुपाई शादी से पहले वो कहती थी कि वो ग्रेजुएट है जबकि शादी के बाद पता चला कि वो ग्रेजुएट नहीं है।

    इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि मैं उसे दो तलाक दे चुका हूं और तीसरा तलाक भी तय तारीख पर दूंगा और ऐसा करने से मुझे कोई नहीं रोक सकता। वहीं यास्मीन का कहना है कि कि वो न सिर्फ ग्रेजुएट है बल्कि उसने एएमयू से एमए और बीएड भी किया है। वहीं इस मामले में पुलिस का कहना है कि यास्मीन घर चली गई है। यास्मीन ने मामला पुलिस में दर्ज नहीं कराया है। और न ही काउंसलिंग का आग्रह किया। इस मामले में पुलिस विभाग ज्‍यादा कुछ नहीं कर सकता।





  • दिल्ली प्रदूषण: पानी के छिड़काव की प्रक्रिया शुरू करेगी सरकार

    दिल्ली प्रदूषण: पानी के छिड़काव की प्रक्रिया शुरू करेगी सरकार

     

     

    राजधानी की अबोहवा खतरनाक स्तर तक पहुंच गई है. दिल्ली सरकार ने इससे निपटने के लिए शहर के सबसे प्रदूषित इलाकों में पानी का छिड़काव कराएगी. सरकार ने फैसला किया है कि मानक परिचालन प्रक्रिया शुरू कर शहर की सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जाएगा. इससे पार्टिकुलेट मैटर की समस्या पर काबू पाया जा सकेगा.

    पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने कहा कि उन्होंने पानी के हवाई छिड़काव की व्यवहार्यता का पता लगाने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा देने वाली कंपनी पवन हंस और केन्द्र के सभी संबंधित विभागों के साथ एक बैठक की.

    हुसैन ने सोशल मीडिया ट्विटर पर लिखा,पानी के छिड़काव की व्यवहार्यता का पता लगाने के लिये पवन हंस और केन्द्र के सभी संबंधित विभागों के साथ बैठक की. इसे शुरू करने के लिए मानक परिचालन प्रक्रिया पर काम करने का फैसला किया.

    दिल्ली सरकार हवा में पार्टिकुलेट मैटर की समस्या को नियंत्रित करने के लिए शहर में हेलीकाप्टरों से पानी का छिड़काव करने के बारे में पवन हंस से बातचीत कर रही है.