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  • झारखंड सरकार गठन: क्या कांग्रेस को जम्मू-कश्मीर जैसा नतीजा भुगतना होगा?

    झारखंड सरकार गठन: क्या कांग्रेस को जम्मू-कश्मीर जैसा नतीजा भुगतना होगा?

    झारखंड विधानसभा चुनावों के नतीजे आ गए हैं और एक बड़ा सवाल सबके जेहन में है: झारखंड में सत्ता की बागडोर कौन संभालेगा? चुनावी नतीजों के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में इसी की चर्चाएँ तेज हो गई हैं। जेएमएम के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक ने 56 सीटों पर जीत हासिल कर ज़बरदस्त प्रदर्शन किया है, लेकिन अब सरकार बनाने की राह में कुछ रोड़े भी दिखाई दे रहे हैं। क्या झारखंड में कांग्रेस को जम्मू-कश्मीर जैसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा? आइए, इस सवाल का जवाब ढूँढ़ते हैं।

    झारखंड में सरकार गठन की राजनीति: क्या है समीकरण?

    झारखंड में सरकार बनाने के लिए 41 सीटों का जादुई आंकड़ा पार करना ज़रूरी है। जेएमएम के पास 34 सीटें हैं, कांग्रेस के 16 विधायक हैं, RJD के 4 और CPI(ML) के 2 विधायक जीतकर आए हैं। इस हिसाब से इंडिया ब्लॉक के पास कुल 56 सीटें हैं जो बहुमत से काफी आगे है। लेकिन, यहीं से शुरू होती हैं राजनीतिक रस्साकशी। कांग्रेस ने शुरू में उपमुख्यमंत्री पद की मांग की थी, जो जेएमएम ने ठुकरा दिया। अब बात चार मंत्रालयों पर आकर अटक गई है। यहीं से सवाल उठता है: क्या कांग्रेस की बार्गेनिंग पावर कमज़ोर हो रही है? क्या उसे जम्मू-कश्मीर जैसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा, जहाँ उसने सरकार में शामिल होने के बजाय समर्थन देने का रास्ता चुना था?

    कांग्रेस की चिंता: क्या है जम्मू-कश्मीर का सबक?

    जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अकेले ही सरकार बना ली, कांग्रेस की ज़रूरत महसूस किए बिना। नेशनल कान्फ्रेंस को सिर्फ 42 सीटें मिली थी, लेकिन अन्य छोटी पार्टियों के साथ मिलकर उनका आंकड़ा 48 हो गया था। कांग्रेस के पास सिर्फ 6 विधायक थे, इस वजह से कांग्रेस की बार्गेनिंग पावर बहुत कम हो गयी थी।

    क्या झारखंड में भी दोहराया जाएगा जम्मू-कश्मीर का इतिहास?

    झारखंड में भी यही आशंका दिखाई दे रही है। जेएमएम के पास 34 विधायक हैं जो जादुई आंकड़े के करीब हैं। कांग्रेस के विधायक ज़रूर सरकार में हिस्सा बनना चाहते हैं, लेकिन उनकी बार्गेनिंग पावर को देखते हुए उनको मनचाही जगह न मिलने की संभावना बढ़ गई है। ऐसे में यह बिल्कुल मुमकिन है की कांग्रेस की तरह जम्मू कश्मीर वाली स्थिति यहां भी देखने को मिले।

    झारखंड में कौन सी पार्टी कितनी मजबूत?

    झारखंड विधानसभा में जेएमएम सबसे बड़ी पार्टी है। कांग्रेस दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन उसकी सीटों की संख्या जेएमएम से काफी कम है। RJD और CPI(ML) छोटी पार्टियाँ हैं, जिनका प्रभाव सीमित है। इसलिए, सरकार गठन में जेएमएम की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है और वो कांग्रेस को कितना महत्व देती है, यही सबसे बड़ा सवाल है।

    सहयोगी दलों की भूमिका क्या होगी?

    RJD और CPI(ML) की भूमिका भी अहम है। वे जेएमएम के साथ मिलकर सरकार बना सकती हैं, लेकिन उनकी अपनी शर्तें भी हो सकती हैं। ये सभी पार्टियां आपस में तालमेल बिठाकर सरकार बनाने की कोशिश करेंगी, नहीं तो स्थिति और भी जटिल हो सकती है।

    आगे क्या?

    झारखंड में सरकार गठन का खेल अभी खत्म नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में जेएमएम और कांग्रेस के बीच बातचीत का दौर जारी रहेगा, और कई तरह के समझौते हो सकते हैं। हालाँकि, कांग्रेस के लिए यह तय करना बेहद जरुरी होगा की सरकार के अंदर रहना है या बाहर से समर्थन करना।

    Take Away Points:

    • झारखंड में जेएमएम के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक ने चुनावों में जीत हासिल की है।
    • सरकार गठन के लिए जेएमएम और कांग्रेस के बीच वार्ता जारी है।
    • कांग्रेस की बार्गेनिंग पावर को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
    • जम्मू-कश्मीर जैसी स्थिति के झारखंड में भी बनने की आशंका है।
    • आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरणों में बदलाव देखने को मिल सकता है।
  • 15 दिसंबर 2025 का पंचांग: जानें आज का शुभ और अशुभ समय

    15 दिसंबर 2025 का पंचांग: जानें आज का शुभ और अशुभ समय

    15 दिसंबर 2025 का पंचांग: जानें आज का शुभ और अशुभ समय

    क्या आप जानना चाहते हैं कि 15 दिसंबर 2025 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा? इस लेख में, हम आपको 15 दिसंबर 2025 का संपूर्ण पंचांग प्रदान कर रहे हैं, जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग, शुभ और अशुभ मुहूर्तों की संपूर्ण जानकारी शामिल है। यह जानकारी आपको अपने दिन की योजना बनाने और महत्वपूर्ण कार्यों को करने में मदद करेगी। इसलिए, इस रोमांचक यात्रा पर हमारे साथ जुड़ें और 15 दिसंबर 2025 के पंचांग की गहराई में उतरें!

    तिथि और नक्षत्र

    15 दिसंबर 2025 को मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि रहेगी। यह दिन मृगशीर्ष नक्षत्र के प्रभाव में रहेगा। मृगशीर्ष नक्षत्र चंद्रमा का एक महत्वपूर्ण नक्षत्र है, जिसका प्रभाव जीवन के विभिन्न पहलुओं पर पड़ता है। प्रतिपदा तिथि नई शुरुआत और नए कामों के लिए अनुकूल मानी जाती है। इन दोनों का मिलन आपके जीवन पर क्या असर डालेगा जानने के लिए आगे पढ़ें।

    शुभ और अशुभ मुहूर्त

    इस दिन कई शुभ और अशुभ मुहूर्त भी हैं। अभिजीत मुहूर्त, अमृत काल, और ब्रह्म मुहूर्त जैसे शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य सफलता और समृद्धि प्रदान करते हैं। दूसरी ओर, राहू काल, यम गण्ड, गुलिक, दुर्मुहूर्त, और वर्ज्यम जैसे अशुभ मुहूर्तों में महत्वपूर्ण कार्य करने से बचना चाहिए। पंचांग में इन सभी मुहूर्तों के समय का उल्लेख किया गया है, जिससे आप अपनी योजना बना सकते हैं। यहाँ एक महत्वपूर्ण बात ध्यान रखने योग्य है कि विभिन्न क्षेत्रों और परंपराओं में इन मुहूर्तों के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।

    सूर्य और चंद्रमा का समय

    सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के साथ-साथ चंद्रोदय और चंद्रास्त के समय की जानकारी भी इस पंचांग में शामिल है। ये जानकारी खगोलीय घटनाओं को समझने और ज्योतिषीय गणनाओं में सहायक होती है। सूर्य और चंद्रमा की स्थिति दिन के दौरान कई तरह के प्रभाव डालती है।

    पंचांग का महत्व

    हिंदू धर्म में, पंचांग का विशेष महत्व है। यह हमें किसी भी दिन की खगोलीय और ज्योतिषीय स्थिति की जानकारी देता है। पंचांग की जानकारी के अनुसार ही, हम शुभ मुहूर्त चुनकर विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्य कर सकते हैं। इससे हमें जीवन में सफलता और सुख-समृद्धि प्राप्त करने में मदद मिलती है। आजकल तो हर किसी को एक क्लिक पर ये सारी जानकारी चाहिए होती है, और इसलिए आज के डिजिटल युग में, पंचांग की जानकारी ऑनलाइन भी आसानी से मिल जाती है।

    Take Away Points

    • 15 दिसंबर 2025 को मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि और मृगशीर्ष नक्षत्र रहेगा।
    • इस दिन कई शुभ और अशुभ मुहूर्त हैं, जिनके समय का ध्यान रखना ज़रूरी है।
    • सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, और चंद्रास्त के समय की जानकारी भी पंचांग में दी गई है।
    • हिंदू धर्म में, पंचांग का विशेष महत्व है, क्योंकि यह हमें शुभ मुहूर्त चुनने में मदद करता है।
  • कॉमेडियन सुनील पाल अपहरण कांड: सच्चाई क्या है?

    कॉमेडियन सुनील पाल अपहरण कांड: सच्चाई क्या है?

    कॉमेडियन सुनील पाल अपहरण कांड: क्या आप जानते हैं पूरी सच्चाई?

    भारतीय कॉमेडी जगत में एक सनसनीखेज घटना ने सभी को हैरान कर दिया है – मशहूर कॉमेडियन सुनील पाल का कथित अपहरण। सोशल मीडिया पर छाई इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या सच में सुनील पाल का अपहरण हुआ था? आरोपियों की गिरफ़्तारी के बाद क्या खुलासा हुआ? इस लेख में हम आपको इस पूरे मामले की पूरी जानकारी देंगे।

    सुनील पाल अपहरण कांड: शुरुआत से अंत तक

    यह मामला तब सामने आया जब सुनील पाल की पत्नी ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर उनके फैंस और कॉमेडी जगत में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की और कई सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले जिससे अपहरण की पुष्टि हुई।

    गिरफ़्तारियां और बरामदगी

    पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी अर्जुन कर्णपाल को गिरफ़्तार किया है और उसके पास से एक मोबाइल और कार बरामद की है। हालांकि, मुख्य आरोपी लवी अभी भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। यह गिरफ़्तारी एक बड़ी सफलता है लेकिन पूरी सच्चाई का खुलासा तब तक नहीं होगा जब तक लवी गिरफ़्तार नहीं हो जाता।

    क्या थी पुलिस की कार्यवाही?

    पुलिस ने इस मामले में बेहद सतर्कता और चुस्ती से काम किया। उन्होंने 100 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले और कई लोगों से पूछताछ की। पुलिस की तत्परता से ही आरोपी अर्जुन कर्णपाल को गिरफ़्तार करने में कामयाबी मिली। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए हर पहलू पर ध्यान दिया और संदिग्धों पर कड़ी नज़र रखी जिससे आगे जाकर अपहरणकर्ता को पकड़ने में सहायता मिलेगी।

    सुनील पाल: एक विवादों से घिरा कॉमेडियन

    सुनील पाल सिर्फ़ एक कॉमेडियन नहीं, बल्कि एक विवादों से घिरा व्यक्तित्व भी हैं। अपनी कॉमेडी के अलावा वे अक्सर अपने विवादित बयानों को लेकर भी चर्चा में रहते हैं। उन्होंने कई अन्य कॉमेडियन और कलाकारों के खिलाफ बेबाक बयान दिए हैं। उनके इस विवादास्पद स्वभाव ने भी इस घटना में सस्पेंस को बढ़ाया है, कहीं उनकी ये विवाद उनकी समस्या का कारण तो नहीं है?

    सुनील पाल का करियर

    सुनील पाल को 2018 में आई फिल्म ‘तेरी भाभी है पहले’ में देखा गया था। इसके बाद वे बड़े पर्दे पर कम नज़र आये लेकिन कॉमेडी शो करते रहे और सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहे। सुनील के करियर पर एक नज़र डालें तो पता चलता है कि उनके पास अच्छा फैन फॉलोइंग है लेकिन विवादों ने उनके करियर पर कभी-कभी प्रभाव डाला है।

    सोशल मीडिया का प्रभाव

    इस पूरे मामले में सोशल मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। सुनील पाल के गुमशुदा होने की खबर जैसे ही सोशल मीडिया पर आई, वैसे ही उनके चाहने वालों में चिंता और आक्रोश फैल गया। सोशल मीडिया के ज़रिये लोगों ने अपनी आवाज़ उठाई और पुलिस को कार्रवाई के लिए प्रेरित किया।

    क्या है इस मामले में आगे?

    यह मामला अभी पूरी तरह से सुलझा नहीं है। मुख्य आरोपी लवी की गिरफ्तारी बाकी है। यह जानना अभी भी बाकी है कि अपहरण के पीछे क्या मकसद था? पुलिस की जाँच अभी जारी है और आगे के खुलासे और भी चौंकाने वाले हो सकते हैं। इस मामले की निष्पक्ष और तीव्र जाँच ज़रूरी है ताकि दोषियों को सज़ा मिले और इस तरह की घटनाएँ भविष्य में न हों।

    Take Away Points

    • सुनील पाल के कथित अपहरण ने कॉमेडी जगत को हिला कर रख दिया है।
    • पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है और मुख्य आरोपी की तलाश जारी है।
    • सुनील पाल के विवादास्पद स्वभाव ने भी इस मामले में एक दिलचस्प पहलू जोड़ा है।
    • सोशल मीडिया इस मामले में एक महत्वपूर्ण माध्यम साबित हुआ है।
    • जांच अभी जारी है और इस मामले में आगे क्या होता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
  • सुनील पाल अपहरण कांड: सच्चाई क्या है?

    सुनील पाल अपहरण कांड: सच्चाई क्या है?

    कॉमेडियन सुनील पाल अपहरण कांड: एक दिलचस्प मोड़!

    क्या आप जानते हैं कि लोकप्रिय कॉमेडियन सुनील पाल के अपहरण की खबरों ने पूरी इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है? जी हाँ, आपने सही सुना! यह मामला इतना पेचीदा है कि आप सोच में पड़ जाएंगे। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ़्तार तो कर लिया है, लेकिन इस सस्पेंस से भरे मामले में अभी भी कई सारे राज़ दफ़न हैं। क्या आप जानना चाहते हैं कि इस केस में आखिर क्या हुआ? तो चलिए इस दिलचस्प कहानी में डूबते हैं।

    सुनील पाल कौन हैं?

    सुनील पाल एक जाना-माना कॉमेडियन और एक्टर हैं जिन्हें आप फिल्मों और कॉमेडी शोज़ में देख चुके होंगे। 2018 में आई फिल्म “तेरी भाभी है पहले” में उनके किरदार ने उन्हें काफी पहचान दिलाई थी। हालांकि, कॉमेडी के क्षेत्र में उन्होंने खासा नाम कमाया है, और सोशल मीडिया पर भी उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। वह अपने मज़ेदार रील्स के लिए भी जाने जाते हैं। लेकिन उनकी पर्सनालिटी विवादों से भी दूर नहीं रही है और सुनील अपने बेबाक बोलने के लिए भी जाने जाते हैं।

    अपहरण की कहानी: क्या सच में अपहरण हुआ?

    कुछ दिनों पहले ही खबर आई कि सुनील पाल लापता हो गए हैं। उनकी पत्नी ने मुंबई के सांताक्रुज पुलिस स्टेशन में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस खबर से मीडिया में तहलका मच गया, क्योंकि सुनील पाल अपने कॉमेडी शो के लिए काफी लोकप्रिय थे। पुलिस ने तुरंत एक्शन में आकर एक बड़ा ऑपरेशन शुरू किया, CCTV फुटेज खंगाले गए, और आखिरकार एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया।

    गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई

    पुलिस ने अपहरण के मामले में अर्जुन कर्णपाल नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है और उसके पास से एक मोबाइल और एक कार भी बरामद की गई है। लेकिन मुख्य आरोपी, जिसका नाम लवी है, वह अभी भी फरार है। पुलिस उसका सख्ती से पीछा कर रही है और उम्मीद है कि उसे भी जल्द ही गिरफ़्तार कर लिया जाएगा। इस अपहरण के पीछे क्या कारण है, यह अभी तक साफ़ नहीं है, लेकिन पुलिस द्वारा इस मामले की जांच जारी है।

    क्या यह सिर्फ़ अपहरण था या कुछ और?

    इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि क्या सुनील पाल का यह अपहरण वास्तव में हुआ था या यह कोई और प्लानिंग थी? कुछ लोगों का यह भी मानना है कि हो सकता है यह कोई पब्लिसिटी स्टंट हो। लेकिन यह भी एक सिर्फ़ अनुमान है जिसका सत्यता जाँच के बाद ही पता चलेगा।

    Take Away Points

    • कॉमेडियन सुनील पाल के अपहरण का मामला बेहद पेचीदा है।
    • पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी फरार है।
    • इस मामले में अभी कई सारे सवालों के जवाब तलाशे जाने बाकी हैं।
    • क्या यह एक सच्चा अपहरण था या कोई साजिश? यह सवाल भी अब तक अनसुलझा है।
    • मामले की जाँच जारी है और उम्मीद है कि सच्चाई जल्द ही सामने आएगी।
  • ऑस्ट्रेलिया बनाम भारत: तीसरे टेस्ट मैच में रोमांच का दूसरा दिन

    ऑस्ट्रेलिया बनाम भारत: तीसरे टेस्ट मैच में रोमांच का दूसरा दिन

    ऑस्ट्रेलिया बनाम भारत: तीसरे टेस्ट मैच का रोमांचक दिन 2 का हाल!

    दुनिया के दो सबसे बेहतरीन क्रिकेट टीमों के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का तीसरा टेस्ट मैच ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर खेला जा रहा है और इस रोमांचक मुकाबले का दूसरा दिन पहले दिन की बारिश के बाद भी कमाल का रहा। क्या आपको पता है कि गाबा में भारत की जीत का इतिहास कमाल का है? तो चलिए जानते हैं इस मैच के दूसरे दिन की पूरी जानकारी।

    ऑस्ट्रेलिया की शानदार बल्लेबाजी!

    ऑस्ट्रेलिया ने पहले दिन बारिश के कारण केवल 13.2 ओवर ही खेल पाया था लेकिन दूसरे दिन उन्होंने शानदार वापसी की और अपनी पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए  350  रन बनाए! स्टीव स्मिथ ने 101 और ट्रेविस हेड ने  152 रनों की शानदार पारियां खेलीं, दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए  245 रनों की कमाल की पार्टनरशिप हुई,  जिसने भारतीय टीम के गेंदबाजों को काफी परेशान किया। स्मिथ और हेड के अलावा  उस्मान ख्वाजा ने भी 21 रन बनाए. हालांकि भारतीय टीम के गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने 5 विकेट ले कर कमाल दिखाया। उनकी गेंदबाजी की कारगुज़ारी से सारे क्रिकेट प्रेमी बेहद प्रभावित हुए.

    बुमराह की धमाकेदार गेंदबाजी!

    जसप्रीत बुमराह एक ही ओवर में मिचेल मार्श (5 रन) और ट्रेविस हेड (152 रन) दोनों को आउट करके दर्शकों का मन मोह ले गए। बुमराह का प्रदर्शन अविश्वसनीय था।

    भारतीय गेंदबाजों का संघर्ष!

    भारतीय टीम के गेंदबाजों को ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के सामने काफी चुनौती का सामना करना पड़ा. ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने अपने शॉट्स की दमदार शैली और बेहतरीन कंसंट्रेशन से भारत को चौंका दिया। लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने आत्मसमर्पण नहीं किया और अपने आपको बढ़िया प्रदर्शन के लिए लगे रहे. हालांकि, उन्हें स्मिथ और हेड की जोड़ी को तोड़ने में काफी समय लग गया।

    विकेटों का पतन

    ऑस्ट्रेलिया के विकेट इस क्रम में गिरे: 1-31 (उस्मान ख्वाजा), 2-38 (नाथन मैकस्वीनी), 3-75 (मार्नस लाबुशेन), 4-316 (स्टीव स्मिथ), 5-326 (मिचेल मार्श), 6-327 (ट्रेविस हेड)

    टीम इंडिया का आक्रामक रवैया

    भारतीय टीम ने इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई टीम पर हावी होने का पूरा प्रयास किया. आकाश दीप ने हर्षित राणा की जगह ली, और रवींद्र जडेजा रविचंद्रन अश्विन के स्थान पर आए, जो दर्शाता है कि भारतीय टीम ने हर परिस्थिति का सामना करने के लिए पूरी तैयारी कर रखी थी। टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया में लगातार अपनी जीत का सिलसिला बनाये रखना चाहती है।

    ‘स्पेशल हैट्रिक’ का मौका

    टीम इंडिया के पास ऑस्ट्रेलिया में लगातार तीसरी टेस्ट सीरीज जीतने का सुनहरा मौका है. यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी, और पूरे देश में इसकी चर्चा हो रही है। यह मैच भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

    गाबा में ऑस्ट्रेलिया और भारत की प्लेइंग इलेवन

    ऑस्ट्रेलिया: उस्मान ख्वाजा, नाथन मैकस्वीनी, मार्नस लाबुशेन, स्टीव स्मिथ, ट्रेविस हेड, मिचेल मार्श, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), पैट कमिंस (कप्तान), मिचेल स्टार्क, नाथन लायन, जोश हेजलवुड।

    भारत: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, शुभमन गिल, विराट कोहली, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रोहित शर्मा (कप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, आकाश दीप, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज।

    Take Away Points

    • ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे दिन  350 रनों का स्कोर खड़ा किया, स्मिथ (101) और हेड (152) ने शानदार पारियां खेलीं।
    • बुमराह ने 5 विकेट लेकर भारत की तरफ से उम्दा गेंदबाजी की।
      * टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीत की हैट्रिक लगाने का चाहती है।
    • भारत ने ऑस्ट्रेलिया पर हावी होने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
  • इंजीनियर की आत्महत्या: पत्नी, सास और साले गिरफ्तार!

    इंजीनियर की आत्महत्या: पत्नी, सास और साले गिरफ्तार!

    इंजीनियर की आत्महत्या: पत्नी, सास और साले गिरफ्तार!

    एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है जहाँ एक इंजीनियर की मौत के बाद उसकी पत्नी, सास और साले को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में पुलिस की कई टीमें काम कर रही हैं। इस खबर ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है और सबके मन में एक सवाल है: क्या हुआ था? क्या वाकई इस आत्महत्या के पीछे कुछ और है?

    9 दिसंबर की घटना: सुसाइड नोट में चौंकाने वाले खुलासे

    9 दिसंबर, 2023 को बेंगलुरु में एक युवा इंजीनियर, अतुल सुभाष ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने सुसाइड नोट में पत्नी निकिता सिंघानिया, सास निशा सिंघानिया और साले अनुराग सिंघानिया को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने अपनी टी-शर्ट पर “Justice Is Due” लिखा था, जो इस बात का सबूत है कि उन्होंने मौत से पहले भी बहुत कुछ झेला। उन्होंने आत्महत्या से पहले 24 पन्नों का पत्र और डेढ़ घंटे का वीडियो भी बनाया था। इसमें अतुल ने तथ्य पेश किये जिससे उनके सुसाइड का कारण समझ में आता है।

    पत्नी, सास और साले की गिरफ्तारी: पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई

    पुलिस ने निकिता, निशा और अनुराग सिंघानिया को गिरफ्तार कर लिया है। बेंगलुरु पुलिस की टीम जौनपुर पहुँची जहाँ इन तीनों ने भागने की कोशिश की थी। एक टीम अतुल के घर की छानबीन करती रही और दूसरी टीम ने निकिता का पता लगाया। पुलिस ने पहले निकिता की MNC से उसका मोबाइल नंबर हासिल किया। नंबर के ज़रिए ही निकिता को गुरुग्राम से पकड़ा गया। इसके बाद निशा और अनुराग को एक फ्लैट से गिरफ्तार किया गया। तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। क्या पुलिस इस केस में पर्दा उठा पाएगी? आगे क्या होगा?

    अतुल का आरोप: तीन करोड़ रुपये की डिमांड!

    अतुल के अनुसार, शादी के बाद से ही पत्नी और उसके परिवार ने उस पर दहेज़ की माँग की और लगातार प्रताड़ित किया। उन्होंने अतुल के खिलाफ दहेज़ उत्पीड़न, पिता की हत्या, और अप्राकृतिक यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। अतुल ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि इन मामलों को खत्म करने के लिए उनसे तीन करोड़ रुपये की डिमांड की गई थी, जिसके चलते वह इतने मानसिक दबाव में आ गए थे कि आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा।

    जौनपुर में पुलिस की छानबीन: क्या है सच्चाई?

    पुलिस की एक टीम जौनपुर में भी पहुंची थी और निकिता के घर जाकर मामले की तफ्तीश की। जैसे ही निकिता के परिवार को इस बात का पता चला, वे रात के अंधेरे में भाग निकले। मीडिया से बात करने से भी उन्होंने साफ़ इनकार कर दिया। इस घटनाक्रम में क्या कुछ है जो अबतक छिपा है?

    टेक अवे पॉइंट्स

    • एक युवा इंजीनियर अतुल सुभाष की संदिग्ध मौत के मामले में उसकी पत्नी, सास और साले गिरफ्तार।
    • पुलिस ने आरोपियों को गुरुग्राम और जौनपुर से पकड़ा।
    • अतुल ने सुसाइड नोट में परिवार द्वारा दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाए।
    • अतुल के मामले से कई सवाल खड़े हुए है, जिनपर गंभीरता से विचार करने की ज़रूरत है।
    • क्या पुलिस इस मामले में सच उजागर करने में कामयाब होगी? इस सवाल का जवाब आने वाले दिनों में मिल सकता है।
  • 15 दिसंबर 2024 का पंचांग: शुभ और अशुभ समय

    15 दिसंबर 2024 का पंचांग: शुभ और अशुभ समय

    15 दिसंबर 2024 का पंचांग: जानिए आज का शुभ और अशुभ समय

    क्या आप जानना चाहते हैं कि आज, 15 दिसंबर 2024 को क्या आपके लिए शुभ है या अशुभ? यह लेख आपको आज के दिन के पंचांग के बारे में पूरी जानकारी देगा। जानें आज के महत्वपूर्ण तिथि, नक्षत्र, योग, सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, चंद्रास्त, शुभ मुहूर्त और अशुभ समय के बारे में, ताकि आप अपने दिन की योजना बेहतर तरीके से बना सकें। हम आपको सटीक जानकारी देंगे जिससे आप अपने कामों को सफलतापूर्वक पूरा कर सकें।

    तिथि और नक्षत्र

    आज, 15 दिसंबर 2024 को, पूर्णिमा तिथि 02:31 PM तक रहेगी। इसके बाद, अगली तिथि आरंभ होगी। वहीं, मृगशिरा नक्षत्र 02:20 AM तक रहेगा, और उसके बाद अगला नक्षत्र प्रारंभ होगा। इन तिथि और नक्षत्रों को ध्यान में रखते हुए, आप अपने महत्वपूर्ण कार्यों को करने का समय चुन सकते हैं।

    शुभ योग और मुहूर्त

    आज शुभ योग 02:04 AM तक रहेगा, जिसके बाद दूसरा योग आरम्भ होगा। इस शुभ योग के दौरान, नए काम आरम्भ करने, यात्रा करने, या किसी शुभ कार्य करने के लिए यह सबसे उपयुक्त समय होगा। आज का अभिजीत मुहूर्त 12:11 PM से 12:55 PM तक है। यह दिन का सबसे शुभ मुहूर्त माना जाता है, जिसमें की गई गतिविधियाँ सफल होती हैं। अमृत काल 03:36 AM से 05:04 AM तक है, यह भी शुभ मुहूर्त माना जाता है, जिसमें पूजा-पाठ, धार्मिक कार्य और शुभ शुरुआत करने के लिए अच्छा समय माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:19 AM से 06:11 AM तक रहेगा, जो आध्यात्मिक प्रवृत्तियों के लिए उत्तम समय माना जाता है।

    सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त

    सूर्योदय आज सुबह 07:03 AM पर होगा और सूर्यास्त शाम 06:03 PM पर होगा। चंद्रोदय दोपहर 04:04 PM पर होगा और चंद्रास्त 05:49 AM, 14 दिसंबर को होगा। इन समयों के बारे में जानकारी आपको अपने दिन के कार्यक्रम को ठीक से बनाए रखने में मदद करेगी।

    अशुभ काल और समय

    राहु काल आज 11:10 AM से 12:33 PM तक रहेगा। यह दिन का एक ऐसा समय होता है जिसे अशुभ माना जाता है। नए कार्य आरम्भ न करना बेहतर होगा। इसके अलावा, यम गण्ड 03:18 PM से 04:40 PM तक और गुलिक काल 08:25 AM से 09:48 AM तक रहेगा। दुर्मुहूर्त 09:15 AM से 09:59 AM तक रहेगा और वर्ज्य 06:49 PM से 08:17 PM तक है। इन अशुभ कालों में शुभ कार्य करने से बचें।

    Take Away Points

    • 15 दिसंबर 2024 के लिए पंचांग में दी गई सटीक जानकारी का ध्यान रखें।
    • शुभ और अशुभ मुहूर्तों का ध्यान रखकर अपने कार्य करें।
    • अपने दिन की योजना सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त के समय को ध्यान में रखकर बनाएँ।
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  • इंजीनियर की आत्महत्या: पत्नी, सास और साले गिरफ्तार

    इंजीनियर की आत्महत्या: पत्नी, सास और साले गिरफ्तार

    इंजीनियर की आत्महत्या: पत्नी, सास और साले गिरफ्तार

    बेंगलुरु में एक इंजीनियर की संदिग्ध मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने इंजीनियर अतुल सुभाष की पत्नी निकिता सिंघानिया, सास निशा सिंघानिया और साले अनुराग सिंघानिया को गिरफ्तार कर लिया है। क्या आप जानते हैं कि आत्महत्या से पहले अतुल ने एक दिल दहला देने वाला वीडियो और 24 पन्नों का पत्र छोड़ा था, जिसमें उसने अपनी पत्नी और ससुराल वालों पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है? इस मामले में कई सवाल उठ रहे हैं और सच्चाई का पता लगाना बहुत जरूरी है। आइये जानते हैं इस पूरे मामले की पूरी कहानी…

    अतुल का आरोप: दहेज उत्पीड़न और जान से मारने की धमकी

    अतुल सुभाष ने अपने आखिरी वीडियो और पत्र में आरोप लगाया था कि उसकी शादी के बाद से ही उसका ससुरालवाले उसे लगातार परेशान करते रहे थे। उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था और जान से मारने की धमकी दी जाती थी। उसने आरोप लगाया कि उसके खिलाफ झूठे मामले दर्ज कराए गए और 3 करोड़ रुपये की डिमांड की गई। इन आरोपों की सच्चाई का पता लगाना बहुत जरूरी है। क्या ये सब केवल दहेज के लिए किया जा रहा था?

    पुलिस जांच और गिरफ्तारी

    अतुल के भाई की शिकायत पर, बेंगलुरु पुलिस ने इस मामले में निकिता सिंघानिया, निशा सिंघानिया और अनुराग सिंघानिया के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया। पुलिस ने आरोपियों का नंबर हासिल किया और गुरुग्राम और जौनपुर से उनको गिरफ्तार किया। पुलिस ने अतुल की डेथ के बाद से ही निकिता सिंघानिया, निशा सिंघानिया और अनुराग सिंघानिया को खोजने के लिए एक बड़ी अभियान चलाया था, जो इस गुत्थी को सुलझाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ। अतुल की मौत की जांच चल रही है। क्या पुलिस इस केस में न्याय दिला पाएगी?

    जौनपुर में छापेमारी और फरार होने का प्रयास

    पुलिस की एक टीम जौनपुर में आरोपियों के घर पर कागजी कार्रवाई कर रही थी और जौनपुर कोर्ट में चल रहे केस के डॉक्यूमेंट्स एकत्रित कर रही थी। जैसे ही निकिता सिंघानिया और उसके परिवार को पुलिस की जांच की भनक लगी, वे रात के अंधेरे में फरार होने की कोशिश करते हुए नज़र आए। पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्यवाही के कारण, वे पुलिस के चंगुल से बच नहीं पाए और गिरफ्तार किए गए। इस भागने की कोशिश क्या इस बात का सबूत नहीं है कि वे मामले में दोषी हैं?

    अतुल का आखिरी संदेश: ‘Justice Is Due’

    अतुल ने फांसी लगाने से पहले अपने टी-शर्ट पर “Justice Is Due” लिखा था। ये शब्द इस पूरे मामले की गंभीरता को दर्शाते हैं। उसकी मौत ने न्यायिक प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या अतुल को वक्त रहते न्याय मिला होता तो आज ये नौबत नहीं आती? उसके द्वारा छोड़े गए 24 पन्नों के पत्र में कई महत्वपूर्ण बातें खुलासा हुई है।

    आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया

    फिलहाल, तीनों आरोपियों को बेंगलुरु पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह मामला दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ा है। क्या यह एक मिसाल बनेगा अन्य ऐसे मामलों को रोकने में? अदालत द्वारा तय समय पर ही न्याय की उम्मीद है। क्या न्यायालय इसमें सत्य का पता लगाने में सफल होगा?

    टेकअवे पॉइंट्स

    • एक इंजीनियर की संदिग्ध मौत के मामले में पत्नी, सास और साले को गिरफ्तार किया गया।
    • मृतक इंजीनियर ने आत्महत्या से पहले दहेज उत्पीड़न और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया।
    • आरोपी, पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए भागने का प्रयास किया।
    • तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
    • यह मामला दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ा है।
  • जयमाल के बाद दुल्हन ने किया शादी से इनकार! जानिए क्या है पूरा मामला

    जयमाल के बाद दुल्हन ने किया शादी से इनकार! जानिए क्या है पूरा मामला

    शादी से पहले दूल्हे की पढ़ाई देखकर दुल्हन ने किया इनकार! क्या है पूरा मामला?

    क्या आपने कभी सुना है कि शादी के मंडप में दुल्हन ने दूल्हे को पढ़ाई और समझदारी कम होने की वजह से शादी करने से इनकार कर दिया हो? जी हाँ, उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में ऐसा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ जयमाल के बाद दुल्हन ने दूल्हे को मंदबुद्धि बताते हुए शादी से इनकार कर दिया. सोशल मीडिया पर इस घटना से खलबली मच गई है, और हर कोई इस अनोखे किस्से के बारे में जानना चाहता है.

    दुल्हन का हैरान कर देने वाला फैसला

    सुल्तानपुर के दोस्तपुर थाना क्षेत्र के मुस्तफाबाद कला गांव में 28 वर्षीय ग्रेजुएट दुल्हन ने 30 वर्षीय हाईस्कूल फेल दूल्हे के साथ शादी से इनकार कर दिया. शादी की सारी रस्में पूरी हो चुकी थीं और जयमाल की रस्म भी संपन्न हो गई थी. लेकिन जयमाल के तुरंत बाद दुल्हन ने मंच पर खड़े होकर दूल्हे को अपनी तुलना में कम पढ़ा लिखा और मंदबुद्धि बताते हुए शादी से इंकार कर दिया. इस अचानक घटना ने सभी को हैरान कर दिया, और शादी का माहौल पूरी तरह से बदल गया.

    दोनों परिवारों के बीच हुआ समझौता

    इस घटना के बाद दोनों परिवारों में काफी बहस हुई और अंत में उन्होंने दोस्तपुर थाने में समझौता किया. थानाध्यक्ष पंडित त्रिपाठी के अनुसार, लड़के वाले तिलक का सामान वापस करेंगे और लड़की वाले शादी में दिए गए गहने लौटाएंगे. यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है और लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं. कुछ लोग दुल्हन के फैसले का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे अनुचित बता रहे हैं.

    दूल्हे की पढ़ाई-लिखाई और समझदारी का मसला

    इस घटना ने एक बहुत महत्वपूर्ण बात को उजागर किया है और वह है शादी से पहले लड़के-लड़की के बीच सही समझ और अनुकूलता होना ज़रूरी है. ज़ाहिर है कि शादी सिर्फ एक रिश्ता नहीं बल्कि एक ज़िंदगी भर का बंधन होता है, इसलिए दोनों पक्षों के बीच पारस्परिक समझदारी होना बहुत ज़रूरी है. अगर दो व्यक्तियों में इतना बड़ा अंतर हो कि वे एक-दूसरे को समझ ही न पाएँ तो शादी का कोई मतलब नहीं बनता है.

    क्या ज़रूरी है पढ़ाई-लिखाई?

    कई लोग मानते हैं कि पढ़ाई-लिखाई से ज़िन्दगी में सफलता ज़रूर मिलती है, लेकिन हर इंसान में अलग-अलग प्रतिभाएँ होती हैं और हर एक इंसान में अलग-अलग प्रकार के हुनर होते हैं। शादी में पढ़ाई-लिखाई का होना कितना ज़रूरी है यह तय नहीं किया जा सकता क्योंकि दो लोगों के बीच के रिश्ते को पढ़ाई लिखाई ही नहीं बल्कि कई और चीज़ें निर्धारित करती हैं. महत्वपूर्ण बात ये है कि एक-दूसरे को समझना और आदर देना कितना ज़रूरी है।

    शादी से पहले जांच-पड़ताल क्यों ज़रूरी है?

    इस घटना से हमें ये सीख मिलती है कि शादी जैसे अहम फैसले से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना कितना जरूरी है. सिर्फ़ परिवार के कहने या समाज के दबाव में आकर शादी करने से शायद ही किसी को खुशी मिलेगी. शादी से पहले दोनों पक्षों को एक-दूसरे के बारे में अच्छी तरह जानने और समझने की कोशिश करनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या से बचा जा सके. सही समझदारी से लिया गया फैसला ही जीवन में खुशियों को लाता है और शादी का सबसे मुख्य पहलू भी यही है.

    शादी एक जीवनभर का फैसला है

    इसलिए ध्यान रहे कि शादी का निर्णय ज़िन्दगी का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय होता है और सोच समझकर किया जाना चाहिए. ये सिर्फ़ दो परिवारों को जोड़ता नहीं बल्कि दो लोगों को एक जीवन भर के लिए साथ बांधता है और इस निर्णय को बहुत सोच समझकर ही लेना चाहिए. परिवार और समाज के दबाव में आकर किया गया ये फ़ैसला जीवन भर पछतावे का कारण भी बन सकता है। इसलिये ध्यान रखें की प्यार, विश्वास और आपसी समझदारी ही शादी के सफल होने की गारंटी है. आपसी पसंद और सम्मान बहुत ज़रूरी है।

    Take Away Points

    • शादी से पहले पूरी तरह से जाँच-पड़ताल करें।
    • अपने जीवनसाथी को अच्छे से जानें और समझें।
    • परिवार और समाज के दबाव में न आएँ।
    • प्यार, विश्वास और आपसी समझदारी ही शादी के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं।
  • सीरिया संकट: 77 भारतीयों की सुरक्षित वापसी की कहानी

    सीरिया संकट: 77 भारतीयों की सुरक्षित वापसी की कहानी

    सीरिया संकट: 77 भारतीयों की सुरक्षित वापसी की कहानी

    क्या आप जानते हैं कि हाल ही में सीरिया में हुए भीषण संकट के बीच 77 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया है? यह एक ऐसी कहानी है जो साहस, दृढ़ता और भारत सरकार की तत्परता का प्रमाण है। आइए, जानते हैं इन नागरिकों के संघर्ष और उनके सुरक्षित वापस आने की कहानी के बारे में।

    युद्ध और अराजकता की चपेट में

    सीरिया में हालात अचानक बिगड़ गए। सुनील दत्त, एक मैकेनिकल इंजीनियर ने बताया कि कैसे असामाजिक तत्व सड़कों पर लूटपाट कर रहे थे, और आग और धमाकों की आवाजें चारों ओर से सुनाई दे रही थीं। संचित कपूर, जो लगभग 7 महीनों से सीरिया में थे, ने बताया कि कैसे 7 दिसंबर को हालात बहुत खराब हो गए और लोगों को दमिश्क ले जाया गया। उन्होंने आग और बमबारी के बीच गली-गली में भागते लोगों और लूटपाट को भी अपनी आंखों से देखा।

    भारतीय दूतावास का अहम योगदान

    इस भयावह स्थिति में भारतीय दूतावास ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने भारतीय नागरिकों से लगातार संपर्क बनाए रखा, उन्हें शांत रहने और सुरक्षित रहने की सलाह दी। दूतावास के कर्मचारियों ने दमिश्क में भारतीय नागरिकों को सीमा तक पहुंचाया, और लेबनान में भारतीय मिशन ने उनका स्वागत किया और उनकी आगे की यात्रा में मदद की। रतन लाल, जो 5 सालों से सीरिया में थे, ने भी भारतीय दूतावास की सहायता की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें दमिश्क में एक होटल में ठहराया गया और वीज़ा मिलने पर वापसी की यात्रा में पूर्ण सहयोग मिला। चेतन लाल, जो पिछले 10 सालों से सीरिया में नौकरी कर रहे थे, ने भी दूतावास की सहायता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

    सुरक्षित वापसी की खुशी

    भारत सरकार ने “ऑपरेशन सीरिया रेस्क्यू” के तहत 77 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि सभी भारतीय नागरिकों को जो वहां से लौटना चाहते थे उन्हें निकाल लिया गया है। लेबनान में उनके ठहरने और खाने-पीने की उचित व्यवस्था की गई। यह घटना न केवल भारत सरकार की प्रभावशीलता और कूटनीतिक प्रयासों का प्रमाण है, बल्कि उन भारतीय नागरिकों के साहस और धैर्य की भी गाथा है जिन्होंने इस कठिन समय में भी खुद को संभाला रखा।

    सीरिया संकट और शांति की अपील

    सीरिया में चल रहा संकट एक वैश्विक चिंता का विषय है। भारत ने सीरिया में शांति की अपील की है और स्थिरता के लिए प्रयासों में योगदान दे रहा है। यह घटना एक बार फिर से इस बात की याद दिलाती है कि कठिन परिस्थितियों में, एकजुटता और समय पर मदद कितनी अहम होती है।

    Take Away Points

    • 77 भारतीय नागरिक सीरिया के संकट से सुरक्षित वापस आए।
    • भारतीय दूतावास ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
    • सुरक्षित वापसी की प्रक्रिया एक बड़ी कूटनीतिक सफलता थी।
    • भारत सरकार ने सीरिया में शांति की अपील की है।