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  • ‘पद्मावती’ पर भड़के गिरिराज- ‘किसी और धर्म पर फिल्म बनाकर दिखाएं’

    ‘पद्मावती’ पर भड़के गिरिराज- ‘किसी और धर्म पर फिल्म बनाकर दिखाएं’

     

     

    संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती पर शुरू हुआ विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा, बल्कि उनकी मुसीबतें और बढ़ती ही जा रही हैं. अब यूनियन मिनिस्टर गिरिराज सिंह ने इस फिल्म पर इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है.

    गिरिराज सिंह ने कहा, ‘क्या संजय लीला भंसाली या किसी और में भी इतनी हिम्मत है कि वे दूसरे धर्मों पर फिल्म बनाएं या उनपर कोई टिप्पणी करें. ये लोग सिर्फ हिंदू गुरु, भगवान और योद्धाओं पर फ़िल्में बनाते हैं. जिसे हम और बर्दाश्त नहीं करेंगे.

    इससे पहले उमा भारती ने एक खुला ख़त लिखकर कहा था कि ये कलाकार अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर इतिहास के साथ खेल रहे हैं.

    उन्होंने लेटर में लिखा, ‘जब आप किसी ऐतिहासिक तथ्य पर फिल्म बनाते हैं तो आप उसके फैक्ट को तोड़-मरोड़ कर पेश नहीं कर सकते.’ उमा भारती ने इस लेटर को सोशल मीडिया पर शेयर किया और लिखा कि अभिव्यक्ति की आज़ादी की एक सीमा होती है आप इसके नाम पर कुछ भी नहीं दिखा सकते.

    पद्मावती फिल्म की शूटिंग के समय करणी सेना से इस फिल्म पर इतिहास के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे. उन्होंने फिल्म के सेट पर पहुंच भंसाली के साथ मार-पीट भी की थी. शूटिंग से शुरू हुआ यह विवाद बढ़ता ही जा रहा है. इस पूरे मामले पर भंसाली का कहना है कि ये इतिहास के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं है पर फिल्मों में मनोरंजन के लिए कुछ चीजें बदलीं जातीं हैं.

  • ITA अवार्ड में न्यूज़18इंडिया की ‘जन्नत’ को बेस्ट डॉक्यूमेंटरी अवार्ड

    ITA अवार्ड में न्यूज़18इंडिया की ‘जन्नत’ को बेस्ट डॉक्यूमेंटरी अवार्ड

     

     

    न्यूज18 
    इंडिया के आशीष पांडेय और सैयद सुहेल को बेस्ट टीवी डाक्यूमेंट्री आफ द ईयर में ITA AWARDSमिला है.

    यह डॉक्यूमेंटरी मूवी कश्मीर के ऊपर बनी थी, जिसे ITA के ज्यूरीज़ ने विजेता घोषित किया.

    इस डॉक्यूमेंटरी का नाम ‘जन्नत’ है. इस डॉक्यूमेंटरी में पत्थरबाज़ कश्मीरी नवयुवकों के बारे में विशेष रूप से बताया गया है.

    News18 इंडिया ने यह अवार्ड दूसरे न्यूज़ चैनल को पछाड़कर हासिल किया है. आपको बता दें कि इस डॉक्यूमेंटरी को न्यूज़18इंडिया ने 16 सितंबर 2016 को टीवी पर दिखाया था.

  • माल ढुलाई की लागत 12 फीसदी तक कम होगी: गडकरी

    माल ढुलाई की लागत 12 फीसदी तक कम होगी: गडकरी

     

     

    देश में माल ढुलाई की लागत (लॉजिस्टिक कॉस्ट) चिंताजनक स्तर तक अधिक है और सरकार तटीय नौवहन और अंतर्देशीय जलमार्गो को परिवहन के वैकल्पिक तरीकों को विकसित कर इसमें एक तिमाही तक की कमी लाने की दिशा में काम कर रही है.
    केंद्रीय नौपरिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को ये बात कही.

    ‘वर्ल्ड फूड इंडिया 2017’ में अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत में ढुलाई का खर्च 18 फीसदी तक ऊंचा है, जबकि चीन में ये 8 से 10 फीसदी तक है.

    गडकरी ने कहा कि सरकार तटीय परिवहन और अंतर्देशीय जलमार्गो पर सड़क और रेलगाड़ी की तुलना में प्राथमिकता दे रही है, क्योंकि इसकी लागत कम होती है. उन्होंने कहा, ‘हम लागत को 12 फीसदी के करीब लाने की कोशिश कर रहे हैं, जो अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में भारतीय माल को और प्रतिस्पर्धी बनाने में मददगार होगी.’

    गडकरी, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री भी हैं. उन्होंने कहा, ‘सड़क से प्रत्येक 10 रुपए की ढुलाई लागत की तुलना में मालगाड़ी से ढुलाई का खर्च 6 रुपए और जलमार्ग से ढुलाई का खर्च 1 रुपए है. इसका मतलब ये है कि आप वर्तमान लागत के मुकाबले केवल 10 फीसदी में ही माल की ढुलाई कर सकते हैं.’उन्होंने कहा, ‘हमने 111 नदियों को अंतर्देशीय जलमार्गों के रूप में विकसित करने का फैसला किया है, इनमें से 10 नदियों पर काम शुरू हो चुका है. ये जलमार्ग ढुलाई की लागत खर्च में महत्वपूर्ण कमी करेंगे.’

  • ‘अगले हफ्ते तक पटेल आरक्षण पर अपना रुख स्पष्ट करेगी कांग्रेस’

    ‘अगले हफ्ते तक पटेल आरक्षण पर अपना रुख स्पष्ट करेगी कांग्रेस’

     

     

    गुजरात में विधानसभा चुनाव को लेकर जारी गहमागहमी के बीच पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति ने कहा है कि अगले सप्ताह तक कांग्रेस सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में पटेल समुदाय को आरक्षण देने की मांग पर अपना रुख स्पष्ट करेगी.

    शनिवार को समिति के नेता हार्दिक पटेल ने दावा किया कि कानूनी विशेषज्ञों द्वारा तैयार एक रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंपी गई है. वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने एक रिपोर्ट दी है. इसमें मूल्यांकन किया जा गया है कि कोटा क्षेत्र से बाहर रहने वाले लोगों की आरक्षण की मांग कैसे पूरी हो सकती है.

    समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने पिछले महीने गांधीनगर में राज्य कांग्रेस के नेताओं के साथ इस विषय पर बात की थी. इस समिति की लगभग सभी मांगों पर एक आम सहमति है, फिर भी इस बात पर कोई स्पष्टता नहीं है कि पटेल समुदाय को ओबीसी आरक्षण के मौजूदा संवैधानिक ढांचे में कैसे शामिल किया जाएगा.

    दूसरी तरफ समस्या यह है कि अगर पटेल समुदाय को ओबीसी कोटे के तहत आरक्षण दिया जाता है तो इससे अोबीसी में असंतोष पनप सकता है. अभी गुजरात में लगभग 150 जातियां राज्य ओबीसी लिस्ट में हैं. राज्य की आबादी में इनकी हिस्सेदारी करीब 40 फीसदी है.इधर पिछले महीने अहमदाबाद में एक रैली के दौरान ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर पहले ही कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं. कांग्रेस के लिए अब चुनौती ओबीसी समूहों के विरोध के बिना हार्दिक पटेल की आरक्षण की मांग को पूरा करना है.

    इसी तरह, हार्दिक पटेल और उनके समर्थकों के लिए भी चुनौती है कि वे चुनाव से पहले अपने समुदाय को एकजुट रखने के लिए कांग्रेस से आरक्षण पर ठोस आश्वासन हासिल करें.

    कांग्रेस पार्टी के सूत्रों का कहना है कि इस मुद्दे पर अंतिम फैसला संभवतः चुनाव के करीब होगा. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी नवंबर के दूसरे हफ्ते में गुजरात में चुनाव कैम्पेन शुरू करेंगे और कांग्रेस कुछ करने से पहले भाजपा की अगली चाल का इंतजार कर रही है.

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  • तिहाड़ जेल में ब्रिटिश नागरिक यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हैं

    तिहाड़ जेल में ब्रिटिश नागरिक यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हैं

     

     

    दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को तिहाड़ जेल अधिकारियों से एक उत्तर देने की मांग की है, जो ब्रिटिश राष्ट्रीय कैदी द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न की शिकायत पर है।

    आतंकवादी संगठन अलकायदा के लिए युवाओं की भर्ती में कथित सहभागिता के लिए शिकायतकर्ता जेल में है।

    ‘अनुपयुक्त छुआ’

    बांग्लादेशी मूल के कैदी, सामीन रहमान ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि 2 नवंबर को तमिलनाडु के विशेष पुलिस (टीएसपी) के जवान अपने सेल की तलाश करने आए और लगभग पांच टीएसपी कर्मियों ने अपने शरीर की खोज की और “मुझे बहुत अनुचित रूप से छुआ”।

    रहमान ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सिद्धार्थ शर्मा की अदालत में पटियाला हाउस कोर्ट में शिकायत दर्ज की।

    “आमतौर पर, केवल एक टीएसपी कर्मियों को मेरे शरीर को उचित तरीके से खोजते थे लेकिन कल [नवंबर। 2] सभी पांच टीएसपी कर्मियों ने (छुआ) की खोज की और मेरे निजी हिस्से को छुआ … इसके बाद उन्होंने मुझे पट्टी करने के लिए कहा और उन सभी को, एक-एक करके, मेरे गुदा को छुआ … और जानबूझकर मुझे यौन उत्पीड़ित किया, “वह आगे कथित तौर पर।

    ‘लक्षित होने के नाते’

    कैदी ने आरोप लगाया कि वह इस प्रकार के उत्पीड़न का सामना कर रहा है क्योंकि वह एक ब्रिटिश नागरिक है और अदालत से इस मामले की जांच करने और क्षेत्रीय लोकसभा अधिकारी को पांच अपराधियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा।

    जेल की आंतरिक सुरक्षा को टीएसपी के साथ सौंपा गया है।

    दिल्ली पुलिस के विशेष दल ने सितंबर में रहमान को अल-कायदा के लिए रोहिंग्या मुसलमानों की भर्ती में कथित तौर पर शामिल होने के लिए गिरफ्तार किया था और उन्हें म्यांमार सेना के खिलाफ लड़ने के लिए प्रशिक्षण दिया था। उन्होंने कट्टरपंथी युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए मिजोरम या मणिपुर में ठिकानों की स्थापना करने की भी योजना बनाई थी।

    अदालत ने जेल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आवेदन पर 8 नवंबर तक जवाब दें।

  • शत्रुघ्न का हमला- ‘वन मैन शो’ और ‘टू मैन आर्मी’ ना बने BJP

    शत्रुघ्न का हमला- ‘वन मैन शो’ और ‘टू मैन आर्मी’ ना बने BJP

     

     

    अभिनेता से राजनेता बने शत्रुघ्न सिन्हा ने एक बार फिर अपनी पार्टी को सलाह दी है कि वह अगर जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना चाहती है तो उसे ‘वन मैन शो’ और ‘टू मैन आर्मी’ की तरह काम नहीं करना चाहिए.

    पटना साहिब से सांसद सिन्हा ने कहा कि भाजपा की वर्तमान नीतियों से युवा, किसान और व्यापारी असंतुष्ट हैं. उन्होंने कहा कि युवाओं, किसानों और व्यापारियों की असंतुष्टि को देखते हुए उन्हें लगता है कि पार्टी को गुजरात और हिमाचल प्रदेश चुनाव में गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ेगा. हालांकि, उन्होंने खुद के लिए दूसरी पार्टी का विकल्प तलाशने की बात को खारिज कर दिया.

    उन्होंने कहा कि वह छोड़ने के लिए भाजपा में शामिल नहीं हुए थे. लेकिन, जब वह कहते हैं कि पार्टी वन मैन शो और टू मैन आर्मी बनकर चुनौतियों को पूरा नहीं कर सकती तो इसमें वह कोई कोताही नहीं करते. वन मैन शो और टू मैन आर्मी से उनका स्पष्ट इशारा पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से था.

    पूर्व केंद्रीय मंत्री सिन्हा ने कहा कि पार्टी को एकजुट रहना चाहिए और वयोवृद्ध नेताओं, जिन्होंने इस पार्टी को बनाने में कड़ी मेहनत की, उनके से आशीर्वाद से मजबूती से लड़ना चाहिए.उन्होंने कहा कि वह यह नहीं समझ पा रहे हैं कि आखिर वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी जैसे नेताओं की क्या गलती है. क्यों उनको किनारा किया गया है. हम सभी एक परिवार की तरह हैं. अगर कोई गलती हुई है तो क्यों नहीं उसे सुधारने की कोशिश की जा रही है.

    सिन्हा ने विफलताओं की भी ईमानदारी से विवेचना पर जोर देते हुए कहा कि पार्टी इससे इनकार नहीं कर सकती कि नोटबंदी के बाद तमाम लोगों को नौकरी गंवानी पड़ी.

    उन्होंने कहा कि पिछले साल लागू की गई नोटबंदी से काले धन पर मामूली असर पड़ा. इसके बाद जीएसटी भी एक जटिल टैक्स सिस्टम के रूप में सामने आया. इससे लगता है कि केवल चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को फायदा हुआ है. इसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत गिरने के बावजूद तेल की कीमते बढ़ रही है.

    उन्होंने गुजरात में पाटीदार नेता हार्दिक पटेल को भाजपा के पाले में नहीं ला पाने के लिए पार्टी नेतृत्व में अहंकार समा जाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि हार्दिक पटेल वैचारिक रूप से भाजपा के करीब थे लेकिन पार्टी ने पाटीदार आंदोलन को लेकर बुरा बर्ताव किया.

    उन्होंने राजस्थान में नौकरशाहों के खिलाफ बिना अनुमति कार्रवाई नहीं करने वाले विधेयक को लेकर राज्य की वसुंधरा राजे सरकार की आलोचना की. उन्होंने कहा कि उनके पास कई ऐसे उदाहरण हैं जिससे पता चलता है कि पार्टी नेतृत्व में अहंकार आ गया है.

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  • ‘ नोटबंदी के बाद रद्द पंजीकरण वाली कंपनियों ने 17,000 करोड़ जमा कराए’

    ‘ नोटबंदी के बाद रद्द पंजीकरण वाली कंपनियों ने 17,000 करोड़ जमा कराए’

     

     

    सरकार ने कहा है कि पंजीकरण रद्द वाली करीब 35,000 कंपनियों ने
    नोटबंदी के बाद 17,000 करोड़ रुपये जमा कराए थे, जिसे बाद में निकाल लिया गया था.

    कालेधन के प्रवाह पर अंकुश के लिए उठाए गए कदमों के तहत अभी तक 2.24 लाख निष्क्रिय कंपनियों का नाम आधिकारिक रिकार्ड से हटा दिया गया है और 3.09 लाख निदेशकों को अयोग्य घोषित किया गया है.

    कंपनियों के बोर्ड में डमी निदेशकों की नियुक्त रोकने के लिए एक ऐसी व्यवस्था स्थापित की जा रही है जिसमें निदेशक के लिए नए आवेदनों को संबंधित व्यक्ति के पैन या आधार नंबर से जोड़ा जाएगा. सरकारी बयान में कहा गया है कि अभी तक 2.24 लाख कंपनियों का नाम आधिकारिक रिकार्ड से हटाया गया है. ये कंपनियां दो या अधिक साल से निष्क्रिय थीं.

    बयान में कहा गया है कि बैंकों से मिली शुरुआती सूचना के अनुसार 35,000 कंपनियों से जुड़े 58,000 बैंक खातों में नोटबंदी के बाद 17,000 करोड़ रुपये जमा कराए गए थे, जिसे बाद में निकाल लिया गया. इसमें कहा गया है कि एक कंपनी जिसके खाते में 8 नवंबर, 2016 को कोई धन जमा नहीं थी, ने नोटबंदी के बाद 2,484 करोड़ रुपये जमा कराए और निकाले.पिछले साल नवंबर में सरकार ने कालेधन और भ्रष्टाचार से निपटने के लिए 500 और 1,000 के नोटों को बंद कर दिया था. सरकार ने कहा कि एक कंपनी ऐसी थी जिसके 2,134 खाते थे.

    इस तरह की कंपनियों से संबंधित सूचनाओं को प्रवर्तन अधिकारियों से आगे की कार्रवाई के लिए साझा किया गया है. पंजीकरण रद्द कंपनियों के संदर्भ में राज्य सरकारों को सलाह दी गई है कि ऐसी इकाइयों की संपत्तियों के पंजीकरण की अनुमति नहीं दें.

  • शाह का तंज….‘चिट’ के सहारे किसानों की बात कर रहे हैं राहुल

    शाह का तंज….‘चिट’ के सहारे किसानों की बात कर रहे हैं राहुल

     

     

    भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने राहुल गांधी पर किसानों से हमदर्दी दिखाने और उनकी बात करने  पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष कुछ गैर सरकारी संगठनों की ओर से दिए गए ‘चिट’ पर निर्भर हैं. शाह ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी गुजरात के लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है.

    उन्होंने कांग्रेस को चुनौती दी कि वह विकास के मुद्दे पर चर्चा करे और विधानसभा चुनाव भी इसी मुद्दे पर लड़े. शाह ने दावा किया कि भाजपा के शासनकाल में गुजरात में किसानों की हालत सुधरी है और केंद्र सरकार की मुद्रा योजना के तहत राज्य के 25 लाख नौजवानों को रोजगार मिला.

    उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि राहुल गांधी राज्य में घूम रहे हैं और कुछ एनजीओ की ओर से दिए गए चिट के आधार पर किसानों के बारे में बात कर रहे हैं. वह नहीं जानते कि भाजपा सरकार ने वो हासिल किया जो कांग्रेस नहीं कर सकी. भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में गुजरात में 46 लाख टन दूध का उत्पादन होता था और भाजपा की सरकार में बढ़कर 122 लाख टन हो गया. शाह छह दिन के गुजरात दौरे पर हैं.

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  • VIDEO: वो मरी पड़ी रही, लोग लूटते रहे शराब की बोतलें

    VIDEO: वो मरी पड़ी रही, लोग लूटते रहे शराब की बोतलें

     

     

    महाराष्ट्र के जलगांव के भुसावल फैजपुर हाइवे पर एक हादसा हुआ, जिसमें शराब की बोतलों से लदे ट्रक ने एक बाइक को टक्कर मार दी. हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए.

    एक तरफ हादसे का शिकार हुए लोग खून से लथपथ सड़क पर पड़े थे, वे मदद की गुहार लगा रहे थे, लेकिन लोग शराब की बोतलें लूटने में व्यस्त थे.

    वहां मौजूद कुछ लोगों ने घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए आवाज़ भी दी, लेकिन कहां कोई सुनने वाला था. उनके लिए तो खून से ज्यादा नशीला पानी कीमती था. जब शराब लूट कर पूरा ट्रक खाली हो गया, तब जाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया.

  • दिल्‍ली के करोल बाग से 1 करोड़ रुपये का सोना चोरी

    दिल्‍ली के करोल बाग से 1 करोड़ रुपये का सोना चोरी

     

     

    दिल्ली के करोल बाग इलाके से 1 करोड़ रुपये का सोना चोरी होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आरोपी चोर कोई और नहीं ज्‍वैलर्स शॉप में ही काम करने वाला स्‍टाफ सरजीत है. जिसकी फोटो घटना को अंजाम देते वक्‍त सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है.

    बताया जा रहा है कि करोलबाग के रैगरपुरा की इस बिल्डिंग में काम करने वाले सुरजीत ने कल शाम वर्क शॉप में काम करने वाले करीब एक दर्जन से ज्यादा लोगो को रसगुल्ले में नशीला पदार्थ मिलाकर खिाला दिया था. सभी वर्कर्स बेहोश हो गए.

    इसके बाद सरजीत करीब साढ़े 3 किलो सोना लेकर चंपत हो गया. इसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये है. बताया जा रहा है कि सरजीत के सभी कारनामे बिल्डिंग में लगे चार सीसीटीवी कैमरों में कैद हो चुके हैं. पुलिस ने मामला दर्ज करने के साथ ही आरोपी की जांच शुरू कर दी है.

    लोगों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है, जब ज्‍वैलरी शॉप से चोरी की ऐसी बड़ी घटना हुई है. इससे पहले भी दीपावली की रात करोल बाग में ही करीब 6 करोड़ की ज्वेलरी और लाखों की नकदी पर हाथ साफ किया जा चुका है. लेकिन उस मामले का आरोपी अभी भी फरार है.