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  • इंडोनेशिया: वीजा मुक्त यात्रा का सुनहरा अवसर!

    इंडोनेशिया: वीजा मुक्त यात्रा का सुनहरा अवसर!

    इंडोनेशिया: वीजा मुक्त यात्रा का अद्भुत अवसर!

    क्या आप सपनों के देश इंडोनेशिया की यात्रा करने का सपना देख रहे हैं? 17,000 से ज़्यादा आश्चर्यजनक द्वीपों वाला यह देश, अपने मनमोहक समुद्र तटों, जीवंत संस्कृति और प्राचीन इतिहास के लिए जाना जाता है। और अब, इंडोनेशिया ने 96 देशों के लिए वीज़ा मुक्त यात्रा की घोषणा की है, जिससे आपका सपना साकार होने वाला है! यह सुनहरा अवसर मत चूकिए, आइए जानते हैं इस शानदार खबर के बारे में विस्तार से।

    वीज़ा मुक्त यात्रा का खुला आगाज़: कौन-कौन करे इंडोनेशिया की सैर?

    इंडोनेशिया की इस नई वीज़ा नीति से दुनिया भर के 96 देशों के नागरिक अब बिना किसी वीज़ा की परेशानी के इस खूबसूरत देश की यात्रा कर सकते हैं। इस लिस्ट में अमेरिका, सिंगापुर, यूनाइटेड किंगडम, जापान, मैक्सिको, और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश शामिल हैं। यह निर्णय इंडोनेशिया के पर्यटन उद्योग को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा और इसकी अर्थव्यवस्था को और भी मजबूत बनाएगा। क्या आप भी इस अवसर का फायदा उठाना चाहते हैं?

    वीज़ा मुक्त देशों की पूरी सूची कहाँ देखें?

    इंडोनेशिया के आधिकारिक पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर जाकर, आप वीज़ा मुक्त देशों की पूरी सूची देख सकते हैं। ज़रूरी जानकारियाँ प्राप्त करने के लिए, इंडोनेशियाई दूतावास की वेबसाइट या पासपोर्ट जारी करने वाले विभाग से भी संपर्क करें। यात्रा से पहले, यात्रा दस्तावेज़ों, स्वास्थ्य संबंधी नियमों और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी की अच्छी तरह जांच-पड़ताल करना ना भूलें।

    पर्यटन में बढ़ोतरी: इंडोनेशिया का आकर्षण क्यों बढ़ा?

    इंडोनेशिया की पर्यटन व्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है। मई 2024 में, पर्यटकों की संख्या बढ़कर 11.5 लाख से अधिक हो गई, जो पिछले महीने की तुलना में 7.36% और पिछले साल की तुलना में 20.11% ज़्यादा है! यह इंडोनेशिया के बढ़ते आकर्षण का ही परिणाम है।

    आकर्षक स्थलों का जादू:

    इंडोनेशिया अपनी खूबसूरती से दुनिया को मोहित कर लेता है। बाली के मनमोहक समुद्र तट, जकार्ता का जीवंत माहौल, और लोम्बोक की शानदार हरियाली – हर कोई यहाँ खो जाना चाहता है! अपनी आधुनिक सुविधाओं के साथ, यह देश पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता रहता है।

    बेहतर ढाँचे और सुविधाओं का योगदान:

    इंडोनेशिया की सरकार ने पर्यटन उद्योग के विकास में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने पर्यटन स्थलों पर बेहतर अवसंरचना, आधुनिक होटल, और यात्रा संबंधी बेहतर सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित किया है। यह प्रयास पर्यटकों के लिए सुविधाएँ बढ़ाते हैं, जिससे उन्हें इंडोनेशिया की यात्रा अधिक सुगम और यादगार बनाता है।

    किन देशों से आते हैं सबसे ज़्यादा पर्यटक?

    पड़ोसी देशों के पर्यटक इंडोनेशिया की यात्रा में सबसे बड़ा योगदान करते हैं। मलेशिया (17.47%), ऑस्ट्रेलिया (11.98%) और सिंगापुर (9.69%) के पर्यटक इंडोनेशिया के क्षेत्रीय संबंधों की मजबूती को प्रदर्शित करते हैं।

    वैश्विक पर्यटन में बढ़ती लोकप्रियता:

    इन आँकड़ों से स्पष्ट है कि इंडोनेशिया दुनिया में एक बेहतरीन पर्यटन स्थल के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। इसका बढ़ता पर्यटन उद्योग न केवल राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है, बल्कि दुनिया भर में इंडोनेशिया की सांस्कृतिक विरासत का भी प्रचार कर रहा है।

    इंडोनेशिया की आर्थिक प्रगति में योगदान:

    यह नई वीज़ा नीति केवल पर्यटन उद्योग के लिए ही नहीं, बल्कि इंडोनेशिया की समग्र आर्थिक प्रगति के लिए भी एक बड़ा कदम है। इससे व्यापार के अवसर बढ़ेंगे, विदेशी निवेश आएगा, और देश की वैश्विक कनेक्टिविटी में सुधार होगा।

    आर्थिक विकास और वैश्विक संबंधों का मजबूत होना:

    यह पहल इंडोनेशिया को दुनिया के सामने एक आकर्षक व्यापार और पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने में सहायक होगी, जिससे राष्ट्र के विकास के रास्ते पर और गति मिलेगी।

    Take Away Points:

    • इंडोनेशिया ने 96 देशों के लिए वीज़ा मुक्त यात्रा की घोषणा की है।
    • इस निर्णय से इंडोनेशिया के पर्यटन और व्यापार दोनों में तेज़ी आएगी।
    • मई 2024 में इंडोनेशिया में पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
    • इंडोनेशिया की सुंदरता और बेहतर अवसंरचना पर्यटकों को अपनी ओर खींचती है।
  • अमृतसर में सुखबीर बादल पर जानलेवा हमला: बाल-बाल बचे पूर्व डिप्टी सीएम

    अमृतसर में सुखबीर बादल पर जानलेवा हमला: बाल-बाल बचे पूर्व डिप्टी सीएम

    अमृतसर में सुखबीर बादल पर जानलेवा हमला: बाल-बाल बचे पूर्व डिप्टी सीएम!

    पंजाब की राजनीति में भूचाल ला देने वाली एक घटना सामने आई है जहाँ पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल पर अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में जानलेवा हमला हुआ है। यह घटना उस समय हुई जब वह स्वर्ण मंदिर में सेवा कर रहे थे। क्या आप जानते हैं कि हमलावर कौन था और इस घटना के पीछे क्या राज छुपा है? आइये जानते हैं इस दिल दहला देने वाली घटना के बारे में विस्तार से।

    हमले की पूरी कहानी: कैसे बाल-बाल बचे सुखबीर बादल?

    सुबह स्वर्ण मंदिर में सेवा करते समय, सुखबीर बादल पर एक व्यक्ति ने पिस्टल लहराते हुए हमला किया। हमलावर ने ट्रिगर भी दबाया, लेकिन गोली हवा में चली गई। मौके पर मौजूद लोगों ने हमलावर को तुरंत पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। हमले में सुखबीर बादल बाल-बाल बच गए, हालांकि उनको मामूली चोटें आई हैं। यह घटना पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है। इस घटना ने पंजाब की राजनीति में तूफ़ान ला दिया है।

    हमलावर का खुलासा: नारायण सिंह चौरा

    पुलिस पूछताछ में हमलावर ने अपना नाम नारायण सिंह चौरा बताया है। जानकारी के मुताबिक, वह बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ा हुआ है और पाकिस्तान भी जा चुका है। चौरा पर आतंकवाद और कई अन्य गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस ने दावा किया है कि उसने एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है।

    नारायण सिंह चौरा: कौन है ये शख्स?

    नारायण सिंह चौरा का नाम आतंकवाद से गहराई से जुड़ा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, वह 1984 में पाकिस्तान गया था और वहां आतंकवादी गतिविधियों में शामिल रहा है। उसने पाकिस्तान में गुरिल्ला युद्ध और देशद्रोही साहित्य पर किताब भी लिखी है। उसे पहले भी पंजाब की जेल में सजा काटनी पड़ी है और बुड़ैल जेल ब्रेक मामले में भी वह आरोपी है। उसके भाई के कांग्रेस नेता सुखजिंदर रंधावा से संबंध होने की भी चर्चा है।

    शिरोमणि अकाली दल की प्रतिक्रिया

    इस हमले के बाद शिरोमणि अकाली दल ने इस घटना की न्यायिक जांच की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यह हमला सुनियोजित था और इस मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए। पार्टी ने सरकार पर गंभीर सुरक्षा चूक का आरोप लगाया है।

    सुरक्षा में चूक का सवाल?

    सुखबीर बादल पर हुए हमले ने पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। पूर्व डिप्टी सीएम की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हो सकती है? क्या सरकार की ओर से सुरक्षा इंतजाम में कोई कमी थी? ये सवाल अब आम लोगों के मन में उठ रहे हैं। यह घटना पंजाब के सुरक्षा तंत्र के लिए चिंता का विषय है।

    पुलिस का दावा: साजिश नाकाम

    पुलिस का दावा है कि उन्होंने एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। उन्होंने हमलावर को पकड़कर उसकी पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया है कि हमले से पहले ही उन्होंने सुरक्षा घेरा बना रखा था।

    टेक अवे पॉइंट्स

    • पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल पर अमृतसर में जानलेवा हमला हुआ।
    • हमलावर नारायण सिंह चौरा बब्बर खालसा से जुड़ा हुआ है।
    • सुखबीर बादल बाल-बाल बच गए।
    • पुलिस ने हमलावर को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ जारी है।
    • इस घटना ने पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
  • नोएडा किसान प्रदर्शन: तारीख, कारण, प्रभाव और आगे की रणनीति

    नोएडा किसान प्रदर्शन: तारीख, कारण, प्रभाव और आगे की रणनीति

    नोएडा किसान प्रदर्शन: क्या आप जानते हैं पूरी कहानी?

    नोएडा और ग्रेटर नोएडा में किसानों का आगामी प्रदर्शन, खासकर 4 दिसंबर की महापंचायत, सुर्खियों में है। यह प्रदर्शन केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि किसानों के संघर्ष और उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों का प्रतीक है। इस लेख में हम आपको इस प्रदर्शन से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराएंगे।

    किसानों की मांगें: क्या है असली मुद्दा?

    किसानों का यह प्रदर्शन मुख्य रूप से दो प्रमुख मुद्दों पर केंद्रित है:

    अधिग्रहित भूमि का मुआवजा

    किसानों की पहली और सबसे महत्वपूर्ण मांग है, अधिग्रहित भूमि का उचित मुआवजा। वह चाहते हैं कि सरकार उन्हें 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के अनुसार उचित मुआवजा दे, जो उनके जीवन और आजीविका के लिए बेहद ज़रूरी है। यह मुआवजा न केवल जमीन के बाजार मूल्य को ध्यान में रखेगा बल्कि जीवनयापन के नुकसान और पुनर्वास की लागत को भी सम्मिलित करेगा।

    विकसित भूमि का आवंटन

    दूसरी महत्वपूर्ण मांग है, अधिग्रहित भूमि का 10% हिस्सा पूर्ण रूप से विकसित करके किसानों को आवंटित करना। यह एक ऐसा कदम है जो किसानों को उनके खोए हुए आवास और आजीविका के साधन प्रदान करने में मदद करेगा, और उन्हें एक नया जीवन शुरू करने में मदद करेगा। इस मांग को पूरा करना किसानों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।

    प्रदर्शन का प्रभाव: क्या होगा नोएडा का हाल?

    इस बड़े किसान प्रदर्शन का नोएडा और ग्रेटर नोएडा के ट्रैफ़िक और आम जनजीवन पर बड़ा असर पड़ सकता है। कई इलाकों में भारी जाम लगने की आशंका है, और कई मार्ग बंद होने की संभावना है। नोएडा पुलिस ने ट्रैफ़िक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पहले से ही कड़े प्रबंध किए हैं, लेकिन फिर भी, यातायात बाधित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

    यातायात मार्गों की जानकारी

    यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि आप प्रदर्शन के दौरान यातायात पर अपडेट प्राप्त करते रहें, और पुलिस की सलाह का पालन करें। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे, सेक्टर 52 मेट्रो स्टेशन मार्ग, और नोएडा सेक्टर-62 तिराहा जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर विशेष सावधानी बरतें। आप वैकल्पिक मार्गों का पता लगाने की योजना पहले से ही बना सकते हैं ताकि ट्रैफ़िक जाम में फँसने से बचा जा सके।

    किसानों का अल्टीमेटम: आगे क्या?

    किसानों ने पहले ही अधिकारियों को कई बार चेतावनी दी है। वे अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह से दृढ़ हैं। यदि उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं तो यह संभव है कि आंदोलन और तेज हो जाए। किसानों के आगे की रणनीति इस महापंचायत में तय होगी। यह महापंचायत किसान आंदोलन के भविष्य को निर्धारित कर सकती है और यूपी के विभिन्न ज़िलों में आने वाले दिनों में किसानों के और भी अधिक आंदोलन देखे जा सकते हैं।

    टेक अवे पॉइंट्स

    • नोएडा में 4 दिसंबर को होने वाला किसान प्रदर्शन बेहद महत्वपूर्ण है।
    • किसानों की प्रमुख मांगें हैं- उचित मुआवजा और विकसित भूमि का आवंटन।
    • इस प्रदर्शन का नोएडा और ग्रेटर नोएडा के ट्रैफ़िक और आम जनजीवन पर असर पड़ सकता है।
    • यातायात की जानकारी के लिए नोएडा पुलिस के अपडेट्स को देखें।
    • किसानों की मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज हो सकता है।
  • दुल्हन के बाबा का पैर उड़ा, शादी की खुशी हुई गम में!

    दुल्हन के बाबा का पैर उड़ा, शादी की खुशी हुई गम में!

    दुल्हन के बाबा का पैर उड़ा, हर्ष फायरिंग का मंजर!

    यूपी के महराजगंज में शादी की खुशी में हुई हर्ष फायरिंग ने एक परिवार की खुशी को गम में बदल दिया। दूल्हे के स्वागत के दौरान चली गोली दुल्हन के बाबा के पैर में जा लगी और उनका आधा पैर ही उड़ गया। इस घटना ने सभी को हिलाकर रख दिया। आइए जानते हैं इस दिल दहला देने वाले हादसे के बारे में विस्तार से।

    हर्ष फायरिंग का खौफनाक नतीजा

    मंगलवार की रात महराजगंज जिले के गोरखपुर रोड पर स्थित श्याम पैलेस में एक शादी समारोह चल रहा था। बारात के आगमन पर हर्ष फायरिंग शुरू हुई, और इसी दौरान एक गोली दुल्हन के नाना राजन तिवारी के पैर में जा लगी। गोली की ताकत इतनी ज्यादा थी कि उनके पैर का निचला हिस्सा ही उड़ गया। मौके पर चीख-पुकार मच गई और घायल को तुरंत पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    पुलिस ने चार असलहाधारियों को हिरासत में लिया

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बारात में मौजूद चार असलहाधारियों को हिरासत में ले लिया, जिनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि हर्ष फायरिंग में प्रयुक्त असलहा दूल्हे पक्ष का ही था। फिलहाल गोली चलाने वाले की तलाश जारी है।

    डॉक्टरों ने की कई घंटों तक सर्जरी

    घायल राजन तिवारी को कई घंटों तक सर्जरी की गई। डॉक्टरों ने उनके पैर में फंसे कई छर्रे निकाले। राजन की हालत गंभीर बनी हुई है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि वो खतरे से बाहर हैं।

    हर्ष फायरिंग पर सख्त कार्रवाई का आदेश

    इस घटना के बाद पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना ने कहा है कि हर्ष फायरिंग पूरी तरह से प्रतिबंधित है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस हर संभव कदम उठा रही है।

    Take Away Points

    • शादी में हर्ष फायरिंग से हुई दुर्घटना बेहद दुखद है।
    • इस घटना से साफ है कि हर्ष फायरिंग जानलेवा हो सकती है।
    • पुलिस ने चार असलहाधारियों को हिरासत में लिया है और आरोपियों की तलाश जारी है।
    • हर्ष फायरिंग पर पूरी तरह से रोक लगानी चाहिए।
  • दिवाली की बची हुई सोन पापड़ी से बनाएं स्वादिष्ट खीर

    दिवाली की बची हुई सोन पापड़ी से बनाएं स्वादिष्ट खीर

    दिवाली की बची हुई सोन पापड़ी से बनाएं स्वादिष्ट खीर – रेसिपी

    दिवाली का त्योहार आते ही घरों में मिठाइयों का भरमार हो जाता है. सोन पापड़ी एक ऐसी मिठाई है जो लगभग हर घर में जरूर दिखाई देती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिवाली के बाद बची हुई सोन पापड़ी का क्या किया जाए? ज़्यादा सोन पापड़ी से परेशान न हों, क्योंकि आज हम आपको बताएंगे एक ऐसी रेसिपी जो बची हुई सोन पापड़ी को एकदम नए स्वाद में बदल देगी! यह है ‘सोन पापड़ी की खीर’! जी हाँ, आपने बिलकुल सही सुना! यह रेसिपी ना सिर्फ बनाने में आसान है, बल्कि बेहद स्वादिष्ट भी है. तो आइए, जानते हैं इसे कैसे बनाया जाता है.

    सामग्री:

    • 1 लीटर दूध
    • 200 ग्राम सोन पापड़ी (कुटा हुआ)
    • 50 ग्राम ड्राई फ्रूट्स (काजू, बादाम, किशमिश – कटे हुए)
    • 1 चम्मच घी
    • आधा चम्मच इलायची पाउडर
    • चीनी (स्वादानुसार)

    बनाने की विधि:

    1. ड्राई फ्रूट्स को भूनें: सबसे पहले एक कढ़ाई में 1 चम्मच घी डालकर हल्का गर्म करें. इसमें सभी कटे हुए ड्राई फ्रूट्स डालकर हल्का सा भून लें. ध्यान रहे, ज़्यादा भूनने से ड्राई फ्रूट्स जल सकते हैं. भूनने के बाद इन्हें अलग एक बाउल में निकाल लें.

    2. सोन पापड़ी और दूध मिलाएं: अब उसी कढ़ाई में 1 लीटर दूध डालें. इसमें कुटी हुई सोन पापड़ी डालकर अच्छे से मिला लें. ध्यान रहे कि सोन पापड़ी दूध में अच्छे से घुल जाए.

    3. मसाले डालें और पकाएँ: मिश्रण में आधा चम्मच इलायची पाउडर डालें और फिर उसे अच्छे से चलाते हुए पकाएँ. ध्यान रखें कि दूध लगातार चलाते रहना है, नहीं तो वह चिपक सकता है.

    4. चीनी मिलाएँ: जब दूध थोड़ा गाढ़ा होने लगे तो स्वादानुसार चीनी डालें. याद रखें, सोन पापड़ी पहले से ही मीठी होती है, इसलिए चीनी कम ही डालें. अब इसमें पहले भूने हुए ड्राई फ्रूट्स को भी डाल दें और फिर थोड़ी देर और पकाते रहें.

    5. खीर तैयार है: जब खीर गाढ़ी हो जाए और आपकी मनपसंद गाढ़ापन आ जाए तो गैस बंद कर दें. आपकी स्वादिष्ट सोन पापड़ी की खीर बनकर तैयार है! इसे बाउल में निकालें और बचे हुए ड्राई फ्रूट्स से गार्निश करें. ठंडा करके सर्व करें।

    सोन पापड़ी की खीर की और भी रेसिपीज

    • कटे हुए बादाम और पिस्ता डालकर: इस खीर में आप कटे हुए बादाम और पिस्ता भी डाल सकते हैं. यह खीर को एक कुरकुरा और अलग ही स्वाद देगा.
    • इलायची की जगह केसर: अगर आपको इलायची पसंद नहीं है, तो आप केसर का प्रयोग कर सकते हैं। एक छोटा सा चुटकी केसर को गर्म दूध में भिगोकर, खीर में डालें और उसका रंग व खुशबू का आनंद लें।
    • रंग बिरंगा स्वाद: आप चाहें तो थोड़े से रंग-बिरंगे कन्फ़ेक्शनरी के टुकड़े भी डालकर खीर को और भी आकर्षक बना सकते हैं।

    टिप्स एंड ट्रिक्स

    • सोन पापड़ी को पहले कुटकर इस्तेमाल करें।
    • ज़्यादा मीठा ना करने के लिए चीनी कम ही डालें।
    • खीर को गाढ़ा या पतला अपनी पसंद के अनुसार बना सकते हैं।

    Take Away Points

    इस स्वादिष्ट सोन पापड़ी की खीर को बनाकर, दिवाली के बाद बची हुई सोन पापड़ी का भी बेस्ट इस्तेमाल करें. ये रेसिपी बहुत ही आसान है और इससे बनने वाली खीर बहुत ही स्वादिष्ट होती है! इस रेसिपी को जरूर ट्राई करें और अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें! आप किस तरीके से इसे और बेहतर बना सकते हैं, कमेंट करके जरूर बताएं!

  • 3 दिसंबर 2024 का पंचांग:  पूरा विवरण

    3 दिसंबर 2024 का पंचांग: पूरा विवरण

    3 दिसंबर 2024 का पंचांग: जानिए आज का शुभ और अशुभ समय

    क्या आप जानते हैं कि 3 दिसंबर 2024 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा? क्या आज कोई महत्वपूर्ण काम करने का शुभ समय है या कोई अशुभ योग? इस लेख में हम आपको 3 दिसंबर 2024 के पंचांग की पूरी जानकारी देंगे। जानिए आज का तिथि, नक्षत्र, योग, सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, चंद्रास्त, शुभ और अशुभ काल आदि। इस जानकारी से आप अपने दिन की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं और महत्वपूर्ण कार्यों को शुभ मुहूर्त में पूरा कर सकते हैं।

    तिथि, नक्षत्र और योग

    आज, 3 दिसंबर 2024 को, शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि सुबह 12:43 बजे से शुरू होकर अगले दिन 01:09 बजे तक रहेगी। इसके अलावा, मूल नक्षत्र दोपहर 03:45 बजे से शुरू होकर अगले दिन 04:41 बजे तक रहेगा। आज का योग शूल है, जो दोपहर 04:00 बजे से अगले दिन 03:08 बजे तक रहेगा। इन तिथि, नक्षत्र और योगों के बारे में जानकर आप अपने दिन के कामों को व्यवस्थित कर सकते हैं।

    शुभ मुहूर्त: कामयाबी के लिए सही समय

    आज का दिन कुछ खास शुभ मुहूर्त भी लेकर आया है। अभिजीत मुहूर्त, जो कि दिन का सबसे शुभ मुहूर्त माना जाता है, आज दोपहर 11:55 बजे से 12:37 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, अमृत काल सुबह 06:26 बजे से 08:08 बजे तक और ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:20 बजे से 06:08 बजे तक है। इन शुभ मुहूर्तों में किए गए कार्य अवश्य ही सफल होंगे।

    अशुभ समय: सावधानी बरतें

    जैसा कि हर दिन में कुछ अशुभ समय भी होते हैं, इसी तरह 3 दिसंबर 2024 को भी कुछ अशुभ समय हैं जिन पर ध्यान देना आवश्यक है। राहू काल दोपहर 02:47 बजे से 04:06 बजे तक, यम गण्ड सुबह 09:35 बजे से 10:53 बजे तक, और गुलिक काल दोपहर 12:11 बजे से 01:29 बजे तक है। इन समयों में किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को आरंभ न करें। इसके अतिरिक्त, दुर्मुहूर्त और वर्ज्यम् का भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है।

    सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त

    सूर्योदय आज सुबह 6:56 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 5:36 बजे। चंद्रोदय 2 दिसंबर को सुबह 7:48 बजे था और चंद्रास्त उसी दिन शाम 6:25 बजे हुआ था। ये समय भी आपके दिनचर्या में मदद कर सकते हैं।

    पंचांग का महत्व: जानिए इसका उपयोग कैसे करें

    पंचांग हिंदू धर्म और ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह हमें हर दिन की खगोलीय घटनाओं की जानकारी देता है, जिससे हम अपने कार्यों की योजना बनाने में सहायता ले सकते हैं। शुभ और अशुभ समयों को जानकर हम अपने कार्यों को सफल बना सकते हैं और मुश्किलों से बच सकते हैं। पंचांग का नियमित उपयोग जीवन में सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

    पंचांग और आधुनिक जीवन: कैसे करे उपयोग

    आधुनिक जीवनशैली में भी पंचांग का महत्व कम नहीं हुआ है। व्यापार, यात्रा, विवाह, नए काम की शुरुआत जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त चुनने में पंचांग आपकी सहायता कर सकता है। यह न केवल व्यक्तिगत जीवन बल्कि व्यावसायिक जीवन में भी सकारात्मक ऊर्जा ला सकता है।

    Take Away Points

    • 3 दिसंबर 2024 का पंचांग आपके दिन की योजना बनाने में मदद करेगा।
    • शुभ मुहूर्त में कार्य करने से सफलता मिलेगी।
    • अशुभ काल से बचकर रहें।
    • पंचांग का उपयोग आधुनिक जीवन में भी महत्वपूर्ण है।
  • सेना में नौकरी का झांसा देकर ठगी: गिरोह का भंडाफोड़!

    सेना में नौकरी का झांसा देकर ठगी: गिरोह का भंडाफोड़!

    सेना में नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाला गिरोह का भंडाफोड़

    क्या आप सेना में नौकरी पाने का सपना देख रहे हैं? क्या आपको किसी ने फर्जी दस्तावेज़ों और झूठे वादों से आकर्षित किया है? अगर हाँ, तो यह खबर आपके लिए बेहद ज़रूरी है! उत्तर प्रदेश एसटीएफ और मिलिट्री इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो सेना में अस्थायी पदों पर भर्ती कराने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर रहा था। इस गिरोह के एक सदस्य की गिरफ्तारी ने इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया है।

    गिरोह का काम करने का तरीका

    यह गिरोह लोगों को सेना के कैंटीन स्टोर डिपो में नौकरी दिलाने का झांसा देता था। वे फर्जी दस्तावेज़, व्हाट्सएप पर भेजे गए फर्जी ऑफर लेटर और झूठे वादों का इस्तेमाल करते थे। एक बार जब लोग उनके झांसे में आ जाते थे, तो उन्हें भारी रकम अदा करनी होती थी। पीड़ितों से भारी रकम वसूल करने के बाद भी उन्हें नौकरी नहीं मिलती थी और उनका पैसा भी डूब जाता था। धीरेन्द्र उर्फ मनोज, जो एक अस्थायी कंप्यूटर ऑपरेटर है, इस गिरोह का एक प्रमुख सदस्य था।

    धीरेन्द्र उर्फ मनोज की गिरफ्तारी और बरामद सामान

    धीरेन्द्र उर्फ मनोज को 2 दिसंबर को आगरा के मधुनगर चौराहा से गिरफ्तार किया गया। एसटीएफ और मिलिट्री इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने उसे गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की। उसके पास से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामान बरामद हुए, जिनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, एटीएम कार्ड, बैंक ट्रांजेक्शन से संबंधित धोखाधड़ी के दस्तावेज, दो मोबाइल फोन, एक बाइक और 600 रुपये नकद शामिल हैं। ये सबूत गिरोह के काम करने के तरीके को उजागर करते हैं।

    मामले का खुलासा कैसे हुआ?

    इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब इटावा के एक निवासी अनिल यादव ने मिलिट्री इंटेलिजेंस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि कैसे मनीष भदौरिया और जसकरन पठानिया नामक आर्मी हवलदारों ने धीरेन्द्र के जरिए उनसे कैंटीन स्टोर डिपो में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की। अनिल यादव ने बताया कि कैसे उन्हें इस प्रक्रिया के लिए भारी रकम का भुगतान करना पड़ा।

    आरोपी की भूमिका और गिरोह का नेटवर्क

    पुलिस पूछताछ में, धीरेन्द्र उर्फ मनोज ने बताया कि वह आगरा के कैंटीन स्टोर डिपो में अस्थायी कंप्यूटर ऑपरेटर है और मनीष भदौरिया और जसकरन पठानिया के साथ मिलकर लोगों से पैसे लेता था। वह व्हाट्सएप पर फर्जी दस्तावेज भेजकर उन्हें नौकरी का झांसा देता था। इस मामले में मिलिट्री इंटेलिजेंस ने पाया कि मनीष भदौरिया ने दिल्ली में सेना के अधिकारियों से सेटिंग करने का दावा किया था और फर्जी दस्तावेज भेजकर लोगों से पैसे लिए थे।

    गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी

    पुलिस ने धीरेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन जांच अभी भी जारी है। अन्य आरोपियों जैसे मनीष भदौरिया और जसकरन पठानिया को गिरफ्तार करने के प्रयास किये जा रहे हैं। यह गिरोह कितना बड़ा था और कितने लोगों से ठगी की गई है, यह जांच का विषय है।

    कानूनी कार्रवाई

    धीरेन्द्र के खिलाफ आगरा के थाना सदर बाजार में एफआईआर संख्या 687/2024 धारा 318(4)/61(02) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। एसटीएफ और मिलिट्री इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई ने इस गिरोह का भंडाफोड़ किया है, लेकिन इससे सावधान रहने और ऐसे फर्जी वादों में नहीं फंसने का संदेश सभी को मिलना चाहिए।

    Take Away Points

    • सेना में नौकरी के नाम पर होने वाली ठगी से सावधान रहें।
    • किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या संस्था से संपर्क करने से पहले पूरी तरह से जांच करें।
    • फर्जी दस्तावेजों पर ध्यान न दें।
    • किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को करें।
  • बच्चे की मौत से उजागर हुआ अंधविश्वास का कलंक

    बच्चे की मौत से उजागर हुआ अंधविश्वास का कलंक

    बच्चे की मौत से उजागर हुआ अंधविश्वास का कलंक: तंत्र-मंत्र और मानव बलि का सच

    क्या आप जानते हैं कि आज के आधुनिक युग में भी लोग अंधविश्वास के जाल में फंसकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं? एक 12 साल के बच्चे की मौत ने एक बार फिर से तंत्र-मंत्र और मानव बलि की काली सच्चाई को उजागर किया है। बिहार के मोतिहारी में सुमन नाम के बच्चे की मौत तांत्रिक के झांसे में आने की वजह से हुई। इस घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है और अंधविश्वास के खतरों के प्रति जागरूकता फैलाने की जरूरत को और भी अधिक प्रबल बना दिया है। क्या आप इस अंधविश्वास के चंगुल से बचने के लिए तैयार हैं? आइए, इस लेख में हम इस सनसनीखेज घटना और इसके पीछे छिपे अंधविश्वास के जाल के बारे में विस्तार से जानेंगे।

    सुमन की मौत: एक बेरहम सच्चाई

    सुमन की मां, सरोज देवी, अपने बेटे की अचानक बिगड़ी तबियत को देखकर घबरा गईं। डॉक्टर के पास ले जाने के बजाय, उन्होंने एक ढोंगी तांत्रिक, राहिल खान, का सहारा लिया। राहिल खान ने अपनी झाड़-फूंक के नाम पर बच्चे के साथ ऐसा क्रूर व्यवहार किया जिससे बच्चे की मौत हो गई। डॉक्टरों ने बाद में बच्चे की मौत की पुष्टि की और बताया कि उसकी मौत झाड़-फूंक से हुई है। यह घटना अंधविश्वास के खतरों का एक भयावह उदाहरण है जिसके चलते एक मासूम बच्चे की जान चली गई। कितनी भयावह है ये सच्चाई!

    तंत्र-मंत्र का जाल: कब तक चलेगा यह भ्रम?

    भारत में तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास सदियों से गहरे जड़े हैं। लोग छोटी-मोटी परेशानियों के लिए भी तांत्रिकों के पास भागते हैं, बजाय इसके कि वे वैज्ञानिक तरीके से इलाज करवाएँ। ये तांत्रिक, अज्ञानता का फायदा उठाते हुए, लोगों को गुमराह करते हैं और उनका शोषण करते हैं। ऐसा लगता है कि मानो लोग अंधेरे से उभरने की जगह, इसमें खुद को और ज्यादा घुमा रहे हैं। कई बार ये अंधविश्वास जानलेवा भी साबित होते हैं, जैसा कि सुमन के मामले में देखा गया। इस धोखेबाजी का शिकार बनने से बचने के लिए हमें जागरूक रहना होगा।

    क्या हैं इसके समाधान?

    इस समस्या के समाधान के लिए हमें मिलकर काम करने की ज़रूरत है। सरकार को कठोर कानून बनाकर ऐसे ढोंगी तांत्रिकों पर लगाम लगानी चाहिए। साथ ही, शिक्षा और जागरूकता अभियान के जरिए लोगों को अंधविश्वास से बचाया जाना चाहिए। हमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का समाधान करना चाहिए और आधुनिक चिकित्सा पर विश्वास रखना चाहिए। आइये, हम साथ मिलकर एक अंधविश्वास-मुक्त समाज का निर्माण करें।

    मानव बलि की कुप्रथा: एक जघन्य अपराध

    तंत्र-मंत्र और मानव बलि अक्सर साथ-साथ चलते हैं। ऐसे अनेक मामले सामने आ चुके हैं जहां छोटे बच्चों का अपहरण करके उनकी बलि दी गई है। ये एक बेहद जघन्य अपराध है, जो मानवता के खिलाफ है। हमें इस क्रूर कुप्रथा को खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे। पुलिस को ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, और लोगों को इस तरह के अपराधों के बारे में जागरूक करना चाहिए। अंधविश्वास ही तो है जो ऐसे अपराधों को जन्म देता है।

    क्या कर सकते हैं हम?

    इस क्रूरता को रोकने में हम सभी की भूमिका महत्वपूर्ण है। हमें अंधविश्वासों को खारिज करना होगा और तार्किक सोच को अपनाना होगा। यदि हमें कहीं भी किसी भी ऐसे अपराध की जानकारी मिलती है तो हमें पुलिस को तुरंत सूचित करना चाहिए। हम अपनी जागरूकता से, मानव बलि और अन्य अंधविश्वासों पर एक निर्णायक वार कर सकते हैं। नई पीढ़ी को तार्किक शिक्षा देना अति आवश्यक है।

    जागरूकता ही है एकमात्र रास्ता

    अंधविश्वास के जाल से बचने का एक ही रास्ता है – जागरूकता। हमें खुद को और अपने आस-पास के लोगों को शिक्षित करने की आवश्यकता है। हमें वैज्ञानिक सोच को अपनाना होगा और अंधविश्वासों को त्यागना होगा। सुमन की मौत एक सबक है, जिससे हमें सीख लेनी चाहिए। यह समय है जब हम अंधविश्वास के खिलाफ खड़े हों और मानवता को बचाने का काम करें। हम सब एक साथ इस अभियान को सफल बना सकते हैं।

    अगला कदम क्या?

    सुमन की कहानी सभी के लिए चेतावनी है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम अंधविश्वास को जड़ से उखाड़ फेंकें। इसके लिए हमें शिक्षा, जागरूकता और कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है। आइये, हम एक अंधविश्वास-मुक्त भविष्य का निर्माण करें।

    Take Away Points

    • अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र से बचें।
    • स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए डॉक्टर के पास जाएँ।
    • मानव बलि और अन्य जघन्य अपराधों की जानकारी होने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
    • शिक्षा और जागरूकता से अंधविश्वास पर विजय प्राप्त की जा सकती है।
  • दिन-रात टेस्ट मैचों में भारत का जलवा: ऑस्ट्रेलिया को देती है कड़ी टक्कर

    दिन-रात टेस्ट मैचों में भारत का जलवा: ऑस्ट्रेलिया को देती है कड़ी टक्कर

    दिन-रात टेस्ट मैचों में भारत का जलवा! ऑस्ट्रेलिया को देती है कड़ी टक्कर

    क्या आप जानते हैं कि दिन-रात टेस्ट मैचों में भारत का प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया को कड़ी टक्कर देने वाला है? यह रोमांचक मुकाबला पिंक बॉल से खेला जाता है, और भारतीय टीम ने इस फॉर्मेट में खुद को एक मजबूत दावेदार साबित किया है। तो आइए, गूगल सर्च के लिए ऑप्टिमाइज इस लेख में, हम भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच दिन-रात टेस्ट मैचों के रोमांचक इतिहास पर एक नज़र डालेंगे और जानेंगे कि भारत इस फॉर्मेट में क्यों है ऑस्ट्रेलिया के लिए एक बड़ा खतरा।

    भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया: पिंक बॉल का रोमांच

    भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पिंक बॉल टेस्ट मैचों का इतिहास अभी शुरुआती दौर में है, फिर भी इन मैचों ने दर्शकों को खूब रोमांच प्रदान किया है। ऑस्ट्रेलिया ने इस फॉर्मेट में शानदार जीत दर्ज की है, लेकिन भारत ने भी ऑस्ट्रेलिया को कई मौकों पर कड़ी टक्कर दी है। हालांकि भारत को विदेशी जमीन पर दिन-रात टेस्ट मैच जीतने में अभी तक सफलता नहीं मिली है।

    दिन-रात टेस्ट मैचों का इतिहास

    पहला दिन-रात टेस्ट मैच नवंबर 2015 में एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया था। ऑस्ट्रेलिया ने यह मैच जीता था। इसके बाद से, दुनिया भर में कई टीमों के बीच कई रोमांचक दिन-रात टेस्ट मैच खेले गए हैं।

    भारत का सफ़र दिन-रात टेस्ट मैचों में

    भारत ने अपना पहला दिन-रात टेस्ट मैच नवंबर 2019 में बांग्लादेश के खिलाफ कोलकाता में खेला था और जीत दर्ज की थी। इसके बाद भारत ने इंग्लैंड और श्रीलंका को भी अपने घरेलू मैदान पर दिन-रात टेस्ट मैचों में हराया। लेकिन अभी तक विदेशी जमीन पर भारत का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा।

    ऑस्ट्रेलिया के लिए भारतीय टीम एक चुनौती क्यों है?

    ऑस्ट्रेलिया ने दिन-रात टेस्ट मैचों में भले ही जबरदस्त जीत का सिलसिला बनाया हुआ है, लेकिन भारत के प्रदर्शन को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। अपने घरेलू मैदान पर शानदार जीत दर्ज करने के बाद, भारत ने दुनिया को दिखाया है कि वह दिन-रात टेस्ट मैचों में ऑस्ट्रेलिया को टक्कर दे सकता है।

    जीत का प्रतिशत: एक महत्वपूर्ण आँकड़ा

    ऑस्ट्रेलिया के दिन-रात टेस्ट मैचों में जीत का प्रतिशत बहुत ज़्यादा है, लेकिन भारत का जीत प्रतिशत ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरा सबसे अच्छा है। यह साफ़ इशारा है कि भारत इस फ़ॉर्मेट में एक मजबूत टीम है और ऑस्ट्रेलिया के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।

    भारत का विदेशी जमीन पर प्रदर्शन

    हालांकि, भारत को अब तक विदेशी जमीन पर दिन-रात टेस्ट मैच जीतने में सफलता नहीं मिली है। यह एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ भारतीय टीम को अपनी रणनीति को बेहतर बनाना होगा। ऑस्ट्रेलिया में होने वाला अगला दिन-रात टेस्ट मैच इस चुनौती को स्वीकार करने का मौका है।

    मौजूदा सीरीज: स्क्वॉड और उम्मीदें

    ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज दोनों टीमों के लिए बेहद अहमियत रखती है। इस सीरीज में दोनों ही टीमों ने ताकतवर स्क्वॉड तैयार किए हैं।

    भारत का स्क्वॉड

    रोहित शर्मा (कप्तान), जसप्रीत बुमराह (उप-कप्तान), और कई अन्य दिग्गज खिलाड़ी।

    ऑस्ट्रेलिया का स्क्वॉड

    पैट कमिंस (कप्तान), स्टीव स्मिथ, और अन्य दिग्गज खिलाड़ी।

    यह टेस्ट सीरीज बेहद कांटे की होगी, और रोमांच से भरपूर होने का अनुमान है। यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर अपनी पहली दिन-रात टेस्ट मैच जीत दर्ज कर पाता है या नहीं।

    Take Away Points

    • भारत ने दिन-रात टेस्ट मैचों में खुद को एक मजबूत टीम के रूप में स्थापित किया है।
    • हालांकि, भारत को अभी भी विदेशी जमीन पर दिन-रात टेस्ट मैच जीतने में सफलता मिलनी बाकी है।
    • ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आने वाले दिन-रात टेस्ट मैच में भारत के प्रदर्शन पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
    • यह टेस्ट सीरीज दोनों टीमों के लिए बेहद अहमियत रखती है, और बेहद रोमांचक होने का अनुमान है।
  • पुष्पा 2: क्या यह जवान को दे पाएगी टक्कर?

    पुष्पा 2: क्या यह जवान को दे पाएगी टक्कर?

    पुष्पा 2: द रूल की धमाकेदार ओपनिंग: क्या ये शाहरुख खान की जवान को दे पाएगी टक्कर?

    साउथ सिनेमा के सुपरस्टार अल्लू अर्जुन की मोस्ट अवेटेड फिल्म, पुष्पा 2: द रूल, अपनी रिलीज के लिए पूरी तरह तैयार है। इस फिल्म ने पहले से ही रिकॉर्ड तोड़ एडवांस बुकिंग के साथ बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाने की पूरी तैयारी कर ली है। क्या ये फिल्म हिंदी सिनेमा में एक नया इतिहास रच पाएगी? क्या ये शाहरुख खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म जवान को भी पीछे छोड़ पाएगी? आइए, जानते हैं इस रोमांचक सवाल के जवाब।

    पुष्पा 2 की रिकॉर्डतोड़ एडवांस बुकिंग

    पुष्पा 2 के लिए एडवांस बुकिंग ने पहले ही सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मल्टीप्लेक्स चेन में रिलीज से पहले ही लाखों टिकट बिक चुके हैं, जो फिल्म की जबरदस्त लोकप्रियता का प्रमाण है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कितना धमाका करने वाली है। हिंदी सिनेमा में अल्लू अर्जुन का जादू इस बार भी कमाल दिखाने वाला है।

    अन्य फिल्मों से तुलना

    2024 में रिलीज़ हुई अन्य बड़ी फिल्मों जैसे स्त्री 2, KGF 2, पठान और जवान की एडवांस बुकिंग के आंकड़ों से तुलना करने पर पता चलता है कि पुष्पा 2 ने रिकॉर्डतोड़ बुकिंग की है। अगर यही रफ्तार जारी रही, तो फिल्म पहले दिन 50 करोड़ से ज़्यादा का कलेक्शन कर सकती है।

    क्या पुष्पा 2 देगी हिंदी दर्शकों को सरप्राइज?

    अल्लू अर्जुन की फिल्म सिर्फ़ शहरों तक सीमित नहीं है; यह छोटे कस्बों और एकल स्क्रीन सिनेमाघरों में भी बड़ी भीड़ खींचेगी। बिहार, बंगाल, उड़ीसा और गुजरात जैसे राज्यों में, जहाँ शाहरुख खान की जवान ने अच्छी कमाई की थी, वहाँ पुष्पा 2 भी कमाल दिखा सकती है।

    टिकट की कीमत का असर

    पुष्पा 2 के टिकट अन्य फिल्मों के मुकाबले थोड़े ज़्यादा महंगे हैं, जिससे कमाई में और इज़ाफ़ा होने की उम्मीद है। यही कारण है कि अल्लू अर्जुन की दूसरी पैन-इंडिया रिलीज़ हिंदी में बेहतरीन शुरुआत कर सकती है और अगर फिल्म को दर्शकों ने पसंद किया, तो पहले दिन ही 60-65 करोड़ तक या उससे भी ज़्यादा की कमाई हो सकती है।

    हिंदी सिनेमा में सबसे बड़ी ओपनिंग की रेस

    हिंदी सिनेमा में पहले दिन सबसे ज़्यादा कमाई करने का रिकॉर्ड शाहरुख खान की जवान के नाम है, जिसने 65.5 करोड़ रुपये कमाए थे।

    टॉप 5 फिल्मों की लिस्ट:

    1. जवान – 65.5 करोड़ रुपये
    2. स्त्री 2 – 55.40 करोड़ रुपये
    3. पठान – 55 करोड़ रुपये
    4. एनिमल – 54.75 करोड़ रुपये
    5. KGF 2 – 53.95 करोड़ रुपये

    पुष्पा 2 के वर्तमान हाइप को देखते हुए, इसमें कोई शक नहीं है कि यह 5 दिसंबर को इस लिस्ट में अपनी जगह बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह देखना दिलचस्प होगा कि अल्लू अर्जुन की यह फिल्म कितनी फिल्मों को पीछे छोड़ पाती है।

    Take Away Points

    • पुष्पा 2 ने रिकॉर्डतोड़ एडवांस बुकिंग के साथ धमाकेदार ओपनिंग की तैयारी कर ली है।
    • फिल्म छोटे कस्बों और सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों में भी अच्छी कमाई कर सकती है।
    • पुष्पा 2 हिंदी सिनेमा में पहले दिन सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की लिस्ट में अपनी जगह बनाने की तैयारी में है।
    • अल्लू अर्जुन का जादू बॉक्स ऑफिस पर एक बार फिर कमाल दिखा सकता है।