नई दिल्ली। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने महिलाओं के साथ हो रही यौन हिंसा पर कहा है कि सरकार ने कानून बनाए हैं, इसे ठीक से लागू किया जाना चाहिए। प्रशासन पर सब कुछ नहीं छोड़ा जा सकता है। पुरुष महिलाओं के साथ कैसे व्यवहार करें इस बारे में पुरुषों को शिक्षित करने की आवश्यकता है।
यह बात संघ प्रमुख ने दिल्ली के लाल किला मैदान में रविवार को आयोजित गीता प्रेरणा महोत्सव को संबोधित करते हुए कही। संघ प्रमुख भागवत ने अपने संबोधन के दौरान तेलंगाना में महिला वेटनरी डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी और हत्या की घटना का जिक्र किए बगैर महिलाओं को लेकर पुरुषों के नजरिए में बदलाव लाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि सरकार ने कानून बना दिया, मगर सब कुछ शासन-प्रशासन पर नहीं छोड़ा जा सकता। मातृशक्ति की तरफ देखने की पुरुषों की नजर शुद्ध और स्वस्थ होनी चाहिए। इसकी शुरुआत घर से होनी चाहिए।
इस कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ कांग्रेस नेता और पूर्व राज्यसभा सदस्य जनार्दन द्विवेदी ने भी मंच साझा किया। ‘जीओ गीता’ की ओर से आयोजित इस बड़े कार्यक्रम का उद्देश्य था भगवत गीता की सार्थकता और उपयोगिता से लोगों अवगत करवाना। मंच पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी सहित कई भाजपा नेता दिखे।
Leave a Reply