उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में परिवारवाद के लिए जगह नहीं होनी चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य से यहां पर टीआरएस सरकार ने एआईएमआईएम के साथ एक गठबंधन कर जनता की भावना के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं टीआरएस की सरकार से हाल ही में यहां बाढ़ आई थी। अगर प्रधानमंत्री देश के अंदर 12 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का छह हजार रुपए सालाना डीबीटी के माध्यम से आनलाइन उनके अकाउंट में डाल सकते हैं, तो फिर हैदराबाद में बाढ़ पीड़ितों की दी जाने वाली धनराशि गरीबों के खाते में क्यों नहीं पहुंच पाई है?
ये भ्रष्टाचार फैलाने की चोट और लूट खसोट की छूट यहां पर आखिर क्यों दी गई? ये चीजें एक बात को बताती हैं, जिस हैदराबाद के सामने विकास की बहुत संभावनाएं थीं, आज उन सपनों को धूल धूसरित करने का कार्य कर रहा है यहां पर एक परिवार और उनकी मित्र मंडली। इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक तरफ आपके पूर्वजों ने निजामशाही के खिलाफ एक लड़ाई लड़ी थी और निजाम के रूप में एक परिवार फिर से आकर इस पूरे तेलंगाना और हैदराबाद में लूट खसोट का एक नया जरिया बनाने का दुस्साहस करे, यह स्वीकार नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मैंने आज देखा कि यहां पर एक नदी के अतिक्रमण को न हटाने के कारण लोगों को बाढ़ की त्रासदी का सामना करना पड़ रहा है। मैं पूछना चाहता हूं कि एक नदी यहां पर भी है, लेकिन टीआरएस की सरकार उस नदी को और भी प्रदूषित कर दी है। उस नदी की अविरलता, निर्मलता इसलिए नहीं बन सकती, क्योंकि एआईएमआईएम से जुड़े हुए लोगों ने अवैध कब्जे कर यहां के लोगों को बाढ़ से पूरी तरह से डूबोने की साजिश का हिस्सा बनाकर कब्जा किया है। टीआरएस और एआईएमआईएम की मित्रता इस पवित्र नदी की अविरलता और निर्मलता में बाधक है। ये जो नापाक गठबंधन बना है यह यहां के विकास को अवरूद्ध कर रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि लोग मुझसे पूछ रहे थे क्या हैदराबाद भाग्य नगर हो सकता है। मैंने कहा क्यों नहीं, हमने कहा देखिए, उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार आई, हमने फैजाबाद को अयोध्या कर दिया। इलाहाबाद को प्रयागराज कर दिया। गंगा यमुना दो पवित्र नदियां मिलती हैं। कुंभ का आयोजन होता है, तो फिर यहां का वास्तविक नाम भाग्य नगर क्यों नहीं हो सकता। भाग्य नगर का मतलब संप्रति का प्रतीक भाग्य नगर का मतलब विकास का प्रतीक।
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