जानिए बुराड़ी खुदखुशी कांड के 11 लोगों का पुनर्जन्म का पूरा सच

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कुछ रिपोर्ट के मुताबिक, बुराड़ी में रहने वाले ललित भाटिया के परिवार के 11 लोगों ने प्लान करके खुदकुशी की थी. घर के रजिस्टर में लिखा मिला था कि घर के सभी लोग फंदे से लटकेंगे, उनके हाथ बंधे होंगे. इनमें से किसी की मौत नहीं होगी, बल्कि नई जिंदगी मिलेगी.

10 लोगों के शव घर में रॉड से लगे फांसी के फंदे पर लटकते मिले, जबकि ललित भाटिया की मां का शव कमरे में चारपाई पर पड़ा था. तो सवाल उठता है कि अब सोशल मीडिया पर पुनर्जन्म के दावे कैसे वायरल हो रहा है. कई लोग सवाल पूछ रहे हैं कि क्या बुराड़ी के ललित भाटिया के परिवार को नई जिंदगी मिल गई?

ये वीडियो हिंदुत्व नमो नमः नाम से बने फेसबुक प्रोफाइल से 20 जुलाई को पोस्ट किया गया था. जिसमें दावे के साथ इसे पुनर्जन्म को न मानने वालों के गाल पर तमाचा करार दिया था.

पड़ताल- वायरल मैसेज में जो तस्वीर वायरल की जा रही थी, उसमें एक पोस्टर दिख रहा है, उसमें साफ-साफ टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर सूरत लिखा हुआ है. 21st सेंचुरी हॉस्पिटल का नाम भी दिख रहा है.

11 नवंबर 2011 को सूरत में टेस्ट ट्यूब तकनीक से एक ही दिन में 11 बच्चों की डिलिवरी करवाई गई थी. 11.11.11 जैसे खास दिन को 9 महिलाओं ने डिलिवरी की इच्छा जताई थी. 9 महिलाओं में से 7 ने एक-एक बच्चों को जन्म दिया था और 2 महिलाओं ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था. एक दिन में 11 टेस्ट ट्यूब बेबी को जन्म देकर अस्पताल में रिकार्ड बनाया था.

हमारी पड़ताल में सभी बातें साफ हो चुकी थीं. जिस गर्भवती महिला को पारसी महिला कहकर वायरल किया जा रहा था, उसके पेट में छह बच्चे थे. उसे अमेरिका में रह रहे एक पारसी ने इंटरनेट पर शेयर कर दिया था और बाद में किसी ने इस तस्वीर के साथ फोटो शॉप करके जोड़ दिया. हमारी पड़ताल में साफ हुआ कि 11 नवंबर 2011 की सूरत की तस्वीर को बुराड़ी कांड से जोड़ने की बात, सोशल मीडिया पर मौजूद खुराफातियों ने फैलाई है. पड़ताल में ये वायरल खबर पूरी तरह फेल हो गई.

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