पीलीभीत एचआईवी पीड़ित अपनी ही जमीन पर दबंगो द्वारा कब्जा किये जाने को लेकर दर दरभटक रहा है

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पीलीभीत l थाना जहानाबाद में दबंग लोग दबंगई के बल पर पीड़ित की जमीन को जोत रहे हैं पीड़ित ने उपजिलाधिकारी सदर के दर पर पत्नी संग लगाई गुहार।जबकि पीड़ित एचआईवी ग्रस्त है  तथा बहुत बीमार भी है पीड़ित प्रमोद कुमार ने कहा। उसके पिता का देहांत हो चुका है,जो उनकी जमीन थी मेरे नाम आने वाली है,रजिस्ट्री बैनामा भी मेरे नाम है मगर दबंग लोग दबंगई के बल पर मेरी जमीन को जोत रहे हैं साहब  मेरी मदद कीजिए दबंग लोगों को मेरे खेत को जोतने से  रुकबाइये।

आपको बताते चलें । उत्तर प्रदेश के जिला पीलीभीत के थाना जहानाबाद के मोहल्ला काजी टोला निवासी प्रमोद कुमार पुत्र स्वर्गीय धर्मवीर ने एक लिखित  शिकायती प्रार्थना पत्र थान जहानाबाद प्रभारी निरीक्षक तथा पीलीभीत तहसील के उप जिलाधिकारी सदर सौरभ दुबे को देते हुए फरियाद लगाई है तथा पीड़ित ने अपने बयान मे बताया। मैं एचआईवी रोग से पीड़ित हूँ और बीमार भी हूँ l अभी हाल ही में मेरे पिताजी का स्वर्गवास हो गया है और मेरे पिता ने जीते जी गाटा संख्या1138 रकबा7290व 1449रकवा 0.445व 1450रकवा1.558 व1601रकवा1.6070व 1609रकवा0.2310 हैक्टेयर स्थित ग्राम जहानाबाद परगना जहानाबाद तहसील व जिला पीलीभीत के प्रार्थी के पिता स्वर्गीय धर्म वीर पुत्र सुंदरलाल निवासी मोहल्ला काजी टोला जहानाबाद पीलीभीत उन्होंने मृत्यु होने से पहले अपने नाम की जमीन मेरे तथा मेरी पत्नी सीमा देवी के नाम रजिस्ट्री के द्वारा कर दी थी,मेरे पिता के साथ सह खातेदार दर्ज चले आ रहे हैं l

पिता की मृत्यु हो जाने के बाद आज सह खातेदार ओम प्रकाश उर्फ उमाशंकर पुत्र सुंदरलाल तथा उसके पुत्र शिवकुमार व रवि शंकर तथा केशव निवासी मोहल्ला काजी टोला जबरन कब्जा कर खेत को जोत रहे हैं, जबकि उक्त भूमि के हाथ वसीयत अपने नाम निरस्त कराने हेतु प्रार्थी ने न्यायालय तहसीलदार के यहां आवेदन कर दिया है। उक्त प्रकरण में थाना प्रभारी जहानाबाद कमल सिंह से फोन द्वारा जानकारी ली गई तो उन्होंने मीडिया को बताया उक्त लोगों का जमीनी विवाद है और इसका सही तरीके से राजस्व बिभाग ही निपटारा कर पाएगा। बहीं जब उक्त प्रकरण में उप जिलाधिकारी  तहसील सदर पीलीभीत से ली गई तो वह मीडिया को किसी भी प्रकार के जवाब देने से बचते हुए अपने कार्यालय से चले गए।एक सवाल यह है कि क्या पिता की जमीन पर पुत्र का कोई अधिकार नहीं है और अगर है तो एचआईवी पीड़ित पुत्र किस तरह से अपनी जमीन पर काबिज होगा राजस्व अधिकारियों को जल्द ही इसका निस्तारण कराना चाहिए क्योंकि यह छोटी सी घटना बड़ी घटना का रूप भी ले सकती है फिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा ऐसे ही मामले कोई भयंकर कारण बन जाते है l

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