मुजफ्फरपुर । मुजफ्फरपुर में स्थित श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज ऐंड हॉस्पिटल के पीछे जंगल में शनिवार को 100 मानव कंकाल और जले हुए शव पाए गए। अब इस मामले में जिला प्रशासन ने स्पष्टीकरण दिया है कि ये कंकाल ऐसे शवों के हैं, जिनके लिए किसी ने कोई दावा नहीं किया है।
मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी के मुताबिक, अस्पताल प्रशासन की ओर से सभी कानूनी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद इन शवों का निस्तारण किया गया था। मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष ने उन रिपोर्ट्स को खारिज किया, जिसमें कहा जा रहा था कि इनमें चमकी बुखार से मरने वालों के शवों के कंकाल भी शामिल हो सकते हैं।
जिलाधिकारी ने कहा, जैसे ही कंकाल पाए जाने की सूचना मेरे दफ्तर पहुंची, मैंने तुरंत जांच के आदेश दे दिए। सब-डिविजनल ऑफिसर और एसपी सिटी को मामले की जांच करके रिपोर्ट सौंपने को कहा गया था। जिलाधिकारी के मुताबिक, इन दोनों अधिकारियों की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि पाए गए कंकाल उन शवों के हैं, जिनके लिए कोई दावा करने नहीं आया। रिपोर्ट के मुताबिक, इन शवों को कानूनी प्रक्रिया के बाद ही निस्तारित किया गया था।
Bihar: Human skeletal remains found behind Sri Krishna Medical College & Hospital, Muzaffarpur. SK Shahi, MS SKMCH says,”Postmortem dept is under Principal but it should be done with a humane approach. I’ll talk to the Principal & ask him to constitute an investigating committee” pic.twitter.com/TBzuo2ZnqP
— ANI (@ANI) June 22, 2019
जिलाधिकारी ने यह भी बताया, श्नियम के मुताबिक, अज्ञात शवों को 72 घंटे तक रखने के बाद उन्हें नष्ट कर दिया जाता है। ऐसे शवों के अंतिम संस्कार के लिए जिला प्रशासन 2000 रुपये भी देता है। जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष ने यह भी कहा, श्इस अस्पताल के पीछे अज्ञात शवों को फेंकने की प्रक्रिया काफी समय से चल रही है।
शवदाह गृह अस्पताल के बिलकुल पास में ही है इसलिए अकसर कन्फ्यूजन हो जाता है। अब प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से फैसला लिया है कि शवदाह गृह को दादर घाट पर शिफ्ट किया जाएगा।श् उन्होंने यह भी बताया कि पांच साल के कम उम्र के बच्चों और मुस्लिमों के शवों को दफनाया जाता है जबकि हिंदुओं के शवों को जलाया जाता है।
इस मामले में शव हिंदुओं के थे इसलिए उन्हें जलाया गया था। आपको बता दें कि मुजफ्फरपुर के श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज ऐंड हॉस्पिटल के पीछे मौजूद जंगल में एक या दो जले हुए शव मिले थे। साथ ही 100 कंकालों के अवशेष भी जमीन पर पड़े हुए और बोरियों में भरे हुए मिले। इसी अस्पताल में कुछ ही दिनों के भीतर चमकी बुखार के चलते 100 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है।
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