राहुल गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया: संसद में हुई मुलाकात ने खींचा सबका ध्यान
क्या आप जानते हैं कि हाल ही में संसद में एक ऐसी मुलाक़ात हुई जिसने सबको चौंका दिया? जी हाँ, हम बात कर रहे हैं कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पूर्व सहयोगी, अब बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की। दोनों नेताओं की यह मुलाक़ात सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है और लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएँ हैं। क्या आप जानना चाहेंगे कि आखिर इन दोनों नेताओं के बीच क्या बात हुई? क्या उनके बीच फिर से दोस्ती हो रही है? चलिए जानते हैं इस दिलचस्प घटना के बारे में सब कुछ।
पुरानी दोस्ती और राजनीतिक फूट
राहुल गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया, एक समय पर बेहद करीबी दोस्त थे। दोनों नेताओं के बीच गहरी दोस्ती राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय हुआ करती थी। उन्होंने मिलकर कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने के कई प्रयास किए और युवा नेताओं को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई। सिंधिया कांग्रेस के लिए एक प्रभावशाली चेहरा थे, और राहुल गांधी उन पर पूरा भरोसा करते थे। लेकिन राजनीति के रंगमंच में अक्सर दोस्ती भी बदल जाती है।
मध्य प्रदेश चुनाव और राजनीतिक मतभेद
2018 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में सिंधिया ने कांग्रेस की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर उनका कमलनाथ से मतभेद हुआ जिसके बाद उनके समर्थकों में असंतोष बढ़ने लगा। सिंधिया को मुख्यमंत्री पद से वंचित किये जाने से उनके समर्थक काफी नाराज़ हुए और यह पार्टी के अंदरूनी विवाद का कारण बना। यह विवाद आगे चलकर एक बड़े राजनीतिक परिवर्तन का कारण बना।
कांग्रेस से बीजेपी का सफ़र: एक बड़ा मोड़
साल 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी को अलविदा कह दिया और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गए। उन्होंने कांग्रेस पर जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और नेतृत्व की कमज़ोरियों के आरोप लगाए। यह घटना कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका थी और पार्टी के भीतर काफी हलचल मच गई थी। इस घटनाक्रम के बाद से ही राहुल गांधी और सिंधिया के बीच की खाई और गहरी होती गई।
संसद में हुई मुलाकात: क्या है इसका मतलब?
हाल ही में संसद के सेंट्रल हॉल में राहुल गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया आमने-सामने हुए। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत की। यह मुलाक़ात कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में हुई। इस घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं और तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। क्या यह दोनों नेताओं के बीच सुलह का संकेत है? या फिर केवल औपचारिक मुलाकात थी?
क्या है आगे की राजनीति?
इस मुलाक़ात के बाद से राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएँ हैं। कुछ लोग मानते हैं कि यह दोनों नेताओं के बीच एक नई शुरुआत का संकेत हो सकता है, जबकि कुछ का मानना है कि यह महज़ एक औपचारिक मुलाक़ात थी। आगे क्या होता है, यह देखना दिलचस्प होगा। क्या दोनों नेता एक बार फिर से साथ काम करेंगे? क्या यह राजनीतिक समीकरणों में कोई बदलाव लाएगा? हमें इंतज़ार करना होगा और देखना होगा कि आने वाला समय क्या लेकर आता है।
Take Away Points
- राहुल गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया की संसद में हुई मुलाक़ात ने सबका ध्यान खींचा है।
- दोनों नेताओं के बीच एक समय पर बेहद गहरी दोस्ती थी।
- मध्य प्रदेश चुनावों के बाद दोनों के बीच मतभेद बढ़ गए।
- 2020 में सिंधिया ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी जॉइन कर ली।
- इस मुलाक़ात के राजनीतिक निहितार्थों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएँ हो रही हैं।

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