यूपी बेहाल, अब तक 44 की मौत, अगले दो दिन भी बारिश से राहत नहीं

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यूपी में लगातार भारी बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त है। बारिश के कारण अलग-अलग हादसों में 44 लोगों की मौत हो गई है। बुधवार देर रात से शुरू बारिश का दौर अब भी जारी है। मौसम विभाग ने अगले दो दिन भी भारी बारिश की आशंका जताई है। प्रदेश के अधिकतर जिलों में हुए जलभराव से मॉनसून को लेकर हुई तैयारियों की भी पोल खुल गई है।

यूपी में पिछले 24 घंटों के दौरान मकान ढहने या बारिश की वजह से हुए अन्य हादसों में 44 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून की ट्रफ लाइन उत्तर प्रदेश और बिहार होती हुई पश्चिम बंगाल की ओर जा रही है। ऐसे में पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड और गुजरात में अगले दो दिन भारी बारिश हो सकती है। मुख्यमंत्री योगी ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रभावित इलाकों का दौरा कर वहां फंसे लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाना सुनिश्चित करें।

इस कारण बढ़ी दिक्कत

उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण पहले ही बाढ़ का कहर झेल रहे प्रदेश के कई जिलों में बारिश ने मुसीबतें और बढ़ा दी हैं। नालों आदि की ठीक से सफाई न होने के कारण कई जिलों में गली-कूचों से लेकर कई गांव तक जलमग्न हो गए। लखनऊ में शुक्रवार सुबह जब लोग उठे तो उन्हें गुरुवार जैसा ही नजारा दिखा। कहीं रिमझिम तो कहीं झमाझम बारिश ने उनका स्वागत किया।

कई कॉलोनियों और मोहल्लों में घुटने से लेकर कमर तक पानी भरने से लोगों को काफी परेशानी हुई। कई जगह पेड़ भी गिर गए। मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान शहर में 84.60 मिमी बारिश रेकॉर्ड की गई।

इन क्षेत्रों में भारी तबाही
बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित रायबरेली, प्रतापगढ़ और बाराबंकी हुए। यहां बारिश की वजह से हुए हादसों में 6-6 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा अमेठी में पांच, चंदौली व वाराणसी में चार-चार, महोबा में तीन, अम्बेडकरनगर में दो, गोरखपुर, सोनभद्र, अयोध्या, सहारनपुर, जौनपुर, कौशाम्बी, कानपुर और आजमगढ़ में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। शिवालिक पहाड़ियों पर भारी बारिश ने सहारनपुर में सिद्ध पीठ श्री शाकंभरी देवी क्षेत्र में बाढ़ के रूप में तबाही मचा दी है।

तिलहन और दलहन की फसलों पर खतरा
बारिश से दलहन और तिलहन के किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। धान के लिए यह बारिश फायदेमंद है, लेकिन जहां बालियां निकल रही हैं, उसके लिए खतरनाक है। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो बारिश का असर आलू की बोआई पर भी पड़ेगा। बारिश नहीं रुकी तो फसलों के सड़ने का भी खतरा बढ़ जाएगा।

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