सिर मुंडवाकर शिक्षामित्रों ने सरकार के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन

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चार सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले 70 दिनों से इको गार्डन पार्क में धरना दे रहे शिक्षामित्रों का धैर्य बुधवार को जवाब दे गया। यहां सैंकड़ों महिला-पुरुष शिक्षामित्रों ने यूपी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन मुंडन करवाकर किया। बता दें कि सरकार ने 25 जुलाई, 2017 में समायोजन रद्द कर दिया था। तब से लेकर अब तक 705 शिक्षा मित्रों की मौत हो चुकी है। जिसको लेकर आज शिक्षामित्र काला दिवस के रूप में मना रहे हैं।

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शिक्षामित्र 1

विरोध कर रही शिक्षामित्रों की नेता मंजू लता का कहना है कि, हम बीते 70 दिनों से इको गार्डन पार्क में धरना दे रहे हैं, बार-बार अधिकारी आते हैं और आश्वासन देते है लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। सीएम योगी अपने वादे भूल गए है और आजतक हमसें मुलाकात नहीं की है। इसी कराण से हम महिलाओं ने मुंडन करवाया है यह नारी के सम्मान के खिलाफ हो रहा है कि सुहागिन नारियों ने मुंडन करवाएं।

शिक्षा मित्रों की प्रदेश में मौते हो चुकी हैं। हम अपने अधिकारों को मांग रहे हैं लेकिन यह सरकार हमें हमारे अधिकार नहीं दे रही है। हाईकोर्ट के आदेश को भी सरकार नहीं मानने को तैयार नहीं है। हम अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहेंगे। सरकार अगर अब नहीं मानती तो हम अगला स्टेप पर क्या करेंगे यह सरकार सोच नहीं सकती है।

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शिक्षामित्र 3

शिक्षा मित्रों की मांगे .
आईटीई ऐक्ट 2009 के तहत 1ए24ए000 पैरा टीचर को अपग्रेड करते हुए शिक्षा अधिकार अधिनियम कानून के तहत पूर्ण शिक्षक का दर्जा दिया जाए। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा नियमावली के अनुसार पूर्णशिक्षक शिक्षक का वेतनमान भी दिया जाए।
-जो शिक्षा मित्र आरटीई ऐक्ट 2009 में किसी विधिक पहलू के कारण समाहित नहीं हो सकते हैंए उन्हें भारत के राजपत्र 2017 के अनुसार सहायक अध्यापक पद पर रखते हुए चार वर्ष में उत्तराखंड की तर्ज पर टेट उत्तीर्ण करने की छूट प्रदान की जाए।
-जो शिक्षा मित्र टेट उत्तीण हैंए उनको बिना लिखित परीक्षाए उम्र और अनुभव का भरांक देकर नियमित किया जाए।
-बिहार मॉडल के तर्ज पर असमायोजित शिक्षा मित्रों को समान कार्य समान वेतन के आधार पर 12 माह 62 वर्ष सेवा का अवसर दिया जाए।
-मृतक शिक्षा मित्रों के परिवार को उचित मुआवजा और आर्थिक सुरक्षा के लिए परिवार के किसी एक सदस्य को उसकी योग्यता के अनुसार नौकरी दी जाए।

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