नई दिल्ली। क्रिकेटर गौतम गंभीर हाल ही में दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में जब माथे पर बिंदी लगाए और दुपट्टा ओढ़े हुए नजर आए तो हर कोई उन्हें देखकर हैरान रह गया. दरअसल गंभीर किन्नरों के प्रति समर्थन जताने के लिए इस कार्यक्रम में पहुंचे थे. उनकी इस पहल की देशभर में सराहना हासिल हुई है. गौरतलब है कि गौतम सामाजिक और चैरिटी कार्यों में बढ़ चढ़कर भागीदारी करते रहे हैं।
मैदान पर भले ही वे आक्रामक तेवरों वाले क्रिकेटर के रूप में नजर आते रहे हों, लेकिन राष्ट्र से जुड़े मुद्दों को लेकर उनकी राय अथवा उनकी ओर से उठाए गए कदमों में परिपक्वता देखने को मिली है.छत्तीसगढ़ में पिछले साल अप्रैल में हुए नक्सली हमले में शहीद हुए 25 जवानों के बच्चों की पढ़ाई का खर्च वहन करने का ऐलान करके उन्होंने देश के प्रति अपने कर्तव्य भाव का अहसास कराया था. समाज में उपेक्षा और भेदभाव के शिकार किन्नर समाज के प्रति समर्थन जताने के लिए जब गौतम पहुंचे तो किन्नर समाज ने दुपट्टा ओढ़ाकर और बिंदी लगाकर उनका स्घ्वागत किया।
जम्मू-कश्मीर के कठुआ में आठ साल की बच्ची के साथ गैंगरेप की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. इस घटना को लेकर देशभर में भारी गुस्सा देखने को मिला था. देश के इस गुस्से में अपनी आवाज को भी शामिल करते हुए उन्होंने तीखे सवाल किए थे. गंभीर ने इस मामले को लेकर दो ट्वीट किए थे. पहले ट्वीट में उन्होंने लिखा था, भारतीय चेतना का उन्नाव और फिर कठुआ में रेप किया गया. अब इसकी हमारे सड़ चुके सिस्टम में हत्या की जा रही है।
सामने आओ, मिस्टर सिस्टम, मैं आपको चुनौती देता हूं. यदि हिम्मत है तो दोषियों को सजा दो. एक अन्य ट्वीट में गौतम ने लिखा था, उन लोगों को, खासकर वकीलों को शर्म आनी चाहिए जो कठुआ की हमारी पीड़ित बेटी की वकील को चुनौती दे रहे और रोक रहे हैं. बेटी बचाओ से क्या हम बलात्कारी बचाओ हो गए हैं।
— sreekanth sree (@sreekanthsre999) August 25, 2018
टिप्पणियां कश्मीर में मानवाअधिकार के कथित उल्लंघन को लेकर पाकिस्तान के शाहिद अफरीदी का इसी माह अप्रैल में बयान आया था, इसका भी गौतम गंभीर ने मुंहतोड़ जवाब दिया था.गंभीर ने अफरीदी के बयान के आधार पर उन्हें अपरिपक्व व्यक्ति बताया था. गौरतलब है कि गंभीर ने कश्मीर की मौजूदा स्थिति पर अफरीदी के ट्वीट के जवाब में यह बात कही है।
“It’s not about being a man or a woman. It’s about being a HUMAN.” With proud transgenders Abhina Aher and Simran Shaikh and their Rakhi love on my hand. I’ve accepted them as they are. Will you? #respecttransgenders pic.twitter.com/6gBOqXu6nj
— Gautam Gambhir (@GautamGambhir) August 25, 2018
ध्यान हो कि शाहिद अफरीदी ने ट्वीट कर जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के मारे जाने पर दुख जताया था. उन्घ्होंने कहा था कि कि कश्मीर में मौजूदा स्थिति चिंताजनक और भयानक है. इस ट्वीट के जबाव में ही गंभीर ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा था कि हमारे कश्मीर और संयुक्त राष्ट्र को लेकर किए गए शाहिद अफरीदी के ट्वीट पर रिएक्शन के लिए मीडिया की ओर से मुझे कॉल आए. इसमें क्या कहना है? अफरीदी सिर्फ यूएन की ओर देख रहे हैं, जिसका मतलब उनके शब्दकोश में अंडर-19 है. मीडिया इसे हल्के में ही ले. अफरीदी नो बॉल पर आउट होने का जश्न मना रहे हैं.
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