डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि (डीएसपीएमयू) में सीएआईटी के एक छात्र के साथ विभाग के समन्वयक की बदसलूकी का मामला सामने आया है। आरोप है कि विभाग के समन्वयक डॉ जीसी बास्के ने कुछ शिक्षकों व छात्रों की मौजूदगी में छात्र को सजा देने के लिए उसके कपड़े उतरवाये, फिर उसका वीडियो बनवाया और उसकी पिटाई भी की।
बताया जाता है कि पीड़ित छात्र सीए तृतीय वर्ष का विद्यार्थी है। उसका कहना है कि 29 नवंबर को उसके साथ यह घटना हुई। इस घटना के बाद उसने आत्महत्या तक की कोशिश की। बताया जाता है कि विश्वविद्यालय में फ्रेशर पार्टी को लेकर एक व्हाट्सएप ग्रुप बना था, जिसमें छात्र हंसी-मजाक करते थे। जिस पर डॉ बास्के ने छात्र को कक्ष में बुलाकर बदसलूकी की।
आरोपों पर डॉ जीसी बास्के ने कहा कि उन्हें बदनाम करने की साजिश है। उन्होंने छात्र को सिर्फ डांटा था। उन्होंने इस आरोप को सिरे से खारिज किया कि उन्होंने छात्र के कपड़े उतरवाकर डंडे से पीटा। उन्होंने कहा कि वह किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हैं।
इस मामले को लेकर छात्रों और आजसू कार्यकर्ताओं ने रजिस्ट्रार कार्यालय का घेराव और हंगामा। मामले की जांच के लिए विवि ने कमेटी गठित की है। आजसू के अभिषेक झा ने कहा कि शिक्षक ने मर्यादा को तार-तार किया है। ऐसे शिक्षकों को विश्वविद्यालय में रहने का कोई अधिकार नहीं है।
छात्रों के उग्र विरोध प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। डीएसडब्ल्यू डॉ अशोक कुमार महतो की अध्यक्षता वाली इस कमेटी में प्रभारी प्रॉक्टर डॉ पंकज कुमार, प्रो रामदास उरांव, डॉ अभय सागर मिंज, डॉ एमएम अब्बास शामिल हैं।
Leave a Reply