विकास खण्ड मूरतगंज के ग्राम पंचायत,उमरछा, गौसपुर में जिम्मेदारों ने सरकारी धन का जमकर किया बंदरबाट!
केन्द्र सरकार व राज्य सरकार देश के ग्रामीण क्षेत्रों को सुधारने में एड़ी चोटी का जोर लगा रही हो, परन्तु देश की गरीब जनता के जिम्मेदारों ने सरकारी योजनाओं को पलीता लगाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं, चाहे वो स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचमुक्त बनाने या फिर प्रधानमंत्री आवास योजना हो या सोलर लाइट या फिर इंटर लाकिंग रोड या नाली निर्माण या फिर सरकार द्वारा चलाई गई जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में बात करें तो जिम्मेदारों ने जमकर बंदरबाट कर केन्द्र व राज्य सरकार को बदनाम करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है।
बात करें तो उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जनपद में कुछ ऐसी ग्राम पंचायते हैं , जहां पर जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण शौचालय ही नहीं बनाये गए हैं । वहीं उत्तर प्रदेश सरकार के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का गृह जनपद होने के बाद भी जनपद के जिम्मेदारों ने सरकारी योजनाओं में बंदरबाट कर अपनी जेबें भरने काम कर रहें हैं, चाहे वो स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छ शौचालय का निर्माण कार्य हो या फिर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत छत विहीन लोगों को आवास देने के सम्बन्ध में हो या फिर सरकार द्वारा चलाई गई जनकल्याणकारी योजनाओं के विषयों में बात करें,तो गरीब जनता के जिम्मेदार लोगों द्वारा सिर्फ कागजी कोरम पूरा कर अपना स्वयं की पीठ थपथपा रहे हैं l
इसी क्रम में बात करें तो जनपद के विकास खण्ड मूरतगंज ग्राम पंचायत गौसपुर, उमरछा, गांव में जमीनी हकीकत तलाशी जाये तो भ्रष्टाचारी साफ देखी जा सकती है।चाहे वो शौचालय निर्माण या फिर शौच मुक्त(ओ.डी.एफ. ) होने का दावा हो या फिर पात्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देना ? जहाँ आज भी इन गावों में लगभग 60 फ़ीसदी से अधिक लोग खुले शौच करने को मजबूर हैं ,वहीं कुछ ऐसे भी परिवार हैं जहां गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले लोग जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर हैं ।वहीं क्षेत्रीय जनता जनार्दन कहना है कि जिम्मेदारों ने पात्रों को दर किनार कर ज्यादा तर अपात्रों एवं कारखासों से सांठगांठ कर सरकार द्वारा चलाई गई योजनाओं का लाभ देकर अपनी जेबें भरने का काम कर रहें हैं । इसी क्रम में बात करें, तो विकास खंण्ड मूरतगंज के गंगा तराई इलाकों की ग्राम सभायें जो गंगा एक्शन प्लान के तहत चयनित गांव हैं, जहां पर कई-कई बार सी.एल.टी.एस.टीम द्वारा पांच दिवसीय कार्यक्रम लगाकर लोगों को खुले में शौच न जाने हेतु जागरूक किया गया था , लोगों की माने तो जिम्मेदारों ने जो भी शासन द्वारा शौचालय निर्माण कार्य करवाया था। अधिकतर शौचालय मानकों के विपरीत बने हैं जिसमें कहीं गड्ढा नहीं तो कहीं शीट नहीं ,यहां तक की ऐसे भी शौचालय देखने को मिले हैं , जिनमें आजतक छत ही नहीं पड़ी है। शौचालय पूरी तरह से मानक के विपरीत बनाये गये हैं, जिसके कारण लोग शौचालय का इस्तेमाल नहीं करते और बाहर शौच जाने को मजबूर हैं।
वहीं विकास खंण्ड मूरतगंज के ग्राम पंचायत गौसपुर , उमरछा की जमीनी हकीकत तलाशी जाये तो भ्रष्टाचारी साफ देखी जा सकती ,जहां पर आजतक शासन द्वारा दी गई सम्पूर्ण योजनाएं अधिकतर गुणवत्ता एवं मानकों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, जिसके कारण गाँव के चारों तरफ व गंगा के किनारे गन्दगी ही गन्दगी है, इस गाँव में जिम्मेदारों की भ्रष्टाचारी साफ देखी जा सकती है।वहीं ग्रामीणों ने जनपद के तेज तर्रार जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है। साथ ही कुछ ग्रामीणों ने नाम छापे जाने की शर्त पर निष्पक्ष जांच कराये जाने की मांग की है ।
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