दिल्ली चुनावों में संजय सिंह का बड़ा बयान: कांग्रेस से गठबंधन नहीं, चुनाव में ‘घोटाला’ नहीं होने देंगे!
क्या आप जानते हैं कि दिल्ली विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) का कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा? जी हाँ, आपने सही सुना! आपके पसंदीदा नेता संजय सिंह ने खुद इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने एक चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि कोई भी ख्याली पुलाव बना सकता है लेकिन दिल्ली में कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं होगा। लेकिन क्या यही सच है? क्या दिल्ली में ‘AAP का दबदबा’ बना रहेगा, या फिर कांग्रेस भी मैदान में उतरकर ‘मोदी सरकार’ को चुनौती देगी?
हरियाणा में गठबंधन की ‘गलती’ और दिल्ली की रणनीति
संजय सिंह ने बताया कि हरियाणा में अगर कांग्रेस AAP से हाथ मिला लेती, तो वह चुनाव जीत जाती। उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों से कांग्रेस हरियाणा में लगातार हार रही है और AAP ने महज 2% वोट शेयर हासिल किया। उनका कहना है कि ये कांग्रेस की बड़ी रणनीतिक चूक थी। क्या यह AAP और कांग्रेस के रिश्तों की अनकही कहानी का एक छोटा हिस्सा है? क्या संजय सिंह के इस बयान का असर दिल्ली चुनावों पर पड़ेगा? आइये, हम इस सवाल का जवाब ढूंढते हैं। आगे बढ़ने से पहले, ध्यान रखें, राजनीति में सब कुछ बदलता रहता है।
दिल्ली चुनाव में AAP का दबदबा
संजय सिंह के मुताबिक AAP दिल्ली में पिछले 15 साल से लगातार जीत रही है और वे अपने दम पर दिल्ली चुनाव जीतने में पूरी तरह समर्थ हैं। यह कितना सही है? क्या AAP दिल्ली की जनता का विश्वास जीतने में सक्षम है? क्या किसी भी पार्टी की जीत में, जनता की भागीदारी और ‘जनाधार’ महत्वपूर्ण होते हैं? इन सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों के जवाब अभी सामने नहीं आए हैं। चुनाव आयोग के निर्णयों और जनता की पसंद के बाद ही हम वास्तविक चित्र देख पाएंगे।
महाराष्ट्र और हरियाणा की तरह ‘चुनाव घोटाला’ नहीं!
संजय सिंह का बड़ा दावा: महाराष्ट्र और हरियाणा की तरह दिल्ली में ‘चुनाव घोटाला’ नहीं होने देंगे। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की चुनाव आयुक्त के साथ मीटिंग के बाद संजय सिंह ने यह बयान दिया। क्या उनका मतलब है कि ये चुनाव पूर्ण रूप से निष्पक्ष और पारदर्शी होंगे? क्या उन्होंने इस बयान से कोई छुपा संदेश दिया है? चुनाव आयोग निष्पक्ष होगा या नहीं, इसका पता तो चुनाव परिणाम ही बताएँगे। लेकिन क्या आप वाकई इस पर विश्वास करते हैं?
मतदाताओं के नाम काटने का मुद्दा
केजरीवाल जी ने वोटर लिस्ट से मतदाताओं के नाम कटने के मामले को भी उठाया है। क्या इस तरह से चुनाव में गड़बड़ी की आशंका बढ़ जाती है? क्या हम सचमुच ‘स्वच्छ’ और निष्पक्ष चुनाव देख पाएँगे? यह बड़ा प्रश्न है, जिसका उत्तर केवल चुनाव के परिणाम ही बता सकते हैं।
एलजी को पीएम मोदी और गृह मंत्री को पत्र लिखने का आह्वान
संजय सिंह ने बांग्लादेशी घुसपैठियों पर एलजी के पत्र और दिल्ली पुलिस के एक्शन के बाद एक और चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर बांग्लादेशी दिल्ली पहुँचने में कामयाब हो गए हैं, तो एलजी को पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग करनी चाहिए। क्या इस बयान का सीधा मतलब केंद्र सरकार पर निशाना साधना है? क्या बांग्लादेशी घुसपैठियों का मामला चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा? आने वाले समय में यह और स्पष्ट हो पाएगा।
केंद्र सरकार की विफलता का आरोप?
उन्होंने आगे कहा कि बांग्लादेश की सीमाएं असम, त्रिपुरा और बंगाल से लगती हैं। यदि बांग्लादेशी सीमा पार कर दिल्ली तक पहुंचने में सक्षम रहे, तो यह केंद्र सरकार की विफलता है। यह गंभीर आरोप है, और इस पर विस्तृत जांच की ज़रूरत है। घुसपैठियों को निष्कासित करने की जिम्मेदारी विदेश मंत्रालय पर है।
Take Away Points:
- दिल्ली चुनाव में AAP का कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं होगा।
- AAP दिल्ली चुनाव में अपनी ताकत पर भरोसा रखती है।
- महाराष्ट्र और हरियाणा की तरह दिल्ली में चुनाव में गड़बड़ी नहीं होगी, ऐसा AAP का दावा है।
- बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए गए हैं।

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