नई दिल्ली. देशभर के केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को मोदी सरकार एक बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है. जानकारी के अनुसार मोदी सरकार ने देश के 1.1 करोड़ सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता बढ़ाने के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स की नई सीरीज पर काम शुरू कर दिया है. गौरतलब है कि कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आधार पर ही महंगाई भत्ते को तय किया जाएगा.
एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने बताया कि लेबर एंड एंप्लॉयमेंट मिनिस्ट्री के तहत काम करने वाले लेबर ब्यूरो ने इंडस्ट्रियल वर्कर्स के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स की नई सीरीज 2016 को बेस ईयर मानते हुए फाइनल कर दिया है जबकि मौजूदा इंडेक्स में बेस ईयर 2001 है.
माना जा रहा है कि लेबर मिनिस्ट्री इंडस्ट्रियल वर्कर्स के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स की नई सीरीज पर काम शुरू हो चुका है. रिपोर्ट के मुताबिक हर 6 साल पर इस बेस ईयर में बदलाव किया जाएगा, ताकि कर्मचारियों की जीविका में आने वाले बदलावों के असर को कम किया जा सके. इससे पहले साल 2006 में बेस ईयर में बदलाव किया गया था.
यदि बेस ईयर में बदलाव के आधार पर महंगाई भत्ता बढ़ता है तो इसका फायदा करीब 1.1 करोड़ कर्मचारियों को मिलेगा. आपको बता दें कि महंगाई भत्ता या डियरनेस अलाउंस या डीए एक लिविंग एडजस्टमेंट अलाउंस है, जो सरकारी कर्मचारियों, सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों और पेंशनर्स को उनकी सैलरी में जोड़कर दिया जाता है. डीएस की गणना कर्मचारी की बेसिक सैलरी के प्रतिशत के रूप में की जाती है.
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