लखनऊ। मिशन 2022 के लिए उत्तर प्रदेश में राजनीतिक हलचल का दौर शुरू हो गया है। बीजेपी, एसपी समेत सभी राजनीतिक दल अपने कील-कांटे दुरुस्त करने में जुट गए हैं। इस बीच, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि वह अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि मायावती और कांग्रेस अच्छे सहयोगी नहीं हैं।
एनडीटीवी न्यूज चैनल से बातचीत में अखिलेश यादव ने बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस से दोबारा गठबंधन से इन्कार किया है। उन्होंने कहा कि बड़ी पार्टियों के साथ मेरा अनुभव अच्छा नहीं रहा है। हम उनके साथ नहीं बल्कि छोटी पार्टियों के साथ गठबंधन करेंगे। यादव ने दावा किया कि यूपी की जनता अब बदलाव चाहती है, इसलिए अगले चुनावों में बीजेपी को हार का मुंह देखना पड़ेगा।
पूर्व सीएम ने कहा कि राज्य की 403 सीटों में एसपी का टारगेट करीब 350 सीटों पर है। जल्द ही समाजवादी पार्टी की सरकार आने वाली है। उन्होंने कहा कि जो बीजेपी की हार चाहते हैं, उनसे वह एसपी को वोट देने की अपील करते हैं। यादव ने दावा किया कि बीएसपी के कुछ नेता उनके संपर्क में हैं । गौरतलब है कि 2019 के लोकसभा चुनावों में एसपी ने बीएसपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था।
कांग्रेस को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि यह पार्टी यूपी में बीजेपी को हराने के लिए बहुत कमजोर है। 2017 के चुनावों में हमारा कांग्रेस के साथ अच्छा अनुभव नहीं रहा। हमने उन्हें 100 से ज्यादा सीटें दीं पर वे जीत हासिल करने में सफल नहीं रहे। यूपी की जनता ने कांग्रेस को रिजेक्ट कर दिया।
योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला बोलते हुए एसपी अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र और यूपी की डबल इंजन सरकार अलग- अलग दिशाओं में जा रही है। कोरोना की दूसरी लहर में हुई मौतों को योगी सरकार छिपा रही है। खुद के कोरोना टीका लगवाने के सवाल पर यादव ने कहा कि इस साल दिवाली तक जब यूपी सरकार सभी लोगों को फ्री में टीका लगवा देगी, तब वह भी वैक्सीन ले लेंगे।
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