परसौनी कला में बेहतरीन नमूना है कुशीनगर का सबसे पुराना गिरिजाघर

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रिपोर्टर उपेंद्र कुशवाहा

पडरौना,कुशीनगर : पडरौना कस्बे के समीप परसौनी कला में अंग्रेजों के जमाने का बेरुआ मसीही कलेसिया गिरिजाघर जिले में स्थापित सबसे पुराना गिरिजाघर है। स्वीडन के फादर हंसन ने वर्ष 1935 में सबसे पहले बेरुआ मसीही कलिसिया चर्च का निर्माण कराया। प्रोटेस्टेंट इसाई समुदाय के लोगों द्वारा प्रत्येक क्रिसमस को 9.30 बजे से 12 बजे तक आयोजित प्रार्थना सभा में 100 से 150 लोग शामिल होकर पूजन अर्चन करते हैं।

साल में एक बार आने वाला क्रिसमस के त्योहार में इसाई समुदाय के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। पूरे उत्साह व धूमधाम से मनाए जाने वाले त्योहार की तैयारियां एक माह पूर्व से शुरू हो जाती हंै। चर्च का रंग रोगन सहित पूरे परिसर की साफ सफाई कर सजाया संवारा गया है। फादर सुरेंद्र ने बताया कि स्वीडन के फादर हंसन ने पहली बार कुशीनगर जिले के परसौनी कला में चर्च का निर्माण कराया था। इसके बाद तमकुहीरोड में कुष्ठ रोगियों के लिए अस्पताल बनवाया था। उन्होंने बताया कि क्रिसमस पर बजने वाले कैरेल गाने की तैयारियां चर्च और स्कूलों में चल रही हैं। इसके लिए सुबह प्रभात फेरी निकालकर इसाई समुदाय के लोगों को कैरेल की तैयारी और प्रभु यीशू की महिमा को बताया जा रहा है।

 

शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रसिद्ध रहा है यह चर्च

प्रोस्टेटेंट समुदाय के लोगों द्वारा परसौनी कला में बनवाया गया चर्च क्षेत्र के लोगों के शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रसिद्ध रहा है। 1934 में स्थापित चर्च का 1987 में सुंदरीकरण कराया गया। इसके बाद से चर्च शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए क्षेत्रवासियों में मशहूर है। स्वास्थ्य सेवा 1967 से लेकर 1996 तक चलकर बंद हो गया, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में मिशन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परसौनी कला लगातार चल रहा है। प्रधानाचार्य मिस आई थामस ने बताया कि स्कूल में मौजूदा समय में 700 सौ से अधिक बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

चर्च प्रमुख हस्तियों में शामिल हैं मिस होग्सटेड

परसौनी कला बेरुआ मसीही कलिसिया चर्च की प्रमुख हस्तियों में नार्वे की मिस होग्सटेड शामिल हैं। उन्होंने परसौनी कला में 1967 से लेकर 1996 तक निवास किया था। इस दौरान चर्च के साथ गरीबों के लिए स्कूल खोलने, मरीजों के लिए अस्पताल का निर्माण करने के अलावा लोगों को प्रदुषित पानी से मुक्ति दिलाने के लिए हैंडपम्प, बाढ़ और अग्नि प्रभावितों को मदद करना उनका मुख्य कार्य रहा। मिस होग्सटेड के 1996 में पुन: नार्वे जाने पर अस्पताल बंद हो गया। 2001 में परसौनी कला चर्च के इस नामचीन हस्ती का निधन हो गया। स्थानीय लोग इन्हें मदर टरेसा के नाम से पुकारते थे।

क्रिसमस पर गिरिजाघर में होंगे कई कार्यक्रम

प्रोस्टेटेंट समुदाय के इस गिरिजाघर में 25 दिसंबर को प्रभु यीशू के जन्मदिन पर विविध कार्यक्रम का आयोजन होगा। फादर एसके पाल ने बताया कि क्रिसमस की तैयारियों पर जोरों पर चल रही है। प्रत्येक शाम 5 से 8 बजे तक गिरिजाघर में कैरेल्स गाने का रिहर्सल होता है, जो 24 दिसंबर तक चलेगा। उन्होंने बताया कि 24 दिसंबर की शाम 5 बजे से 12 बजे तक प्रभु के जन्म होने तक कार्यक्रम का आयोजन होगा। क्रिसमस के दिन 25 को 10 बजे से 2 बजे तक विविध कार्यक्रमों का आयोजन होगा।

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