उत्तर प्रदेश पूरे देश में बिजली चोरी मामले में शीर्ष पर , केंद्र सरकार ने जारी किए खास निर्देश

बिजली चोरी (लाइन हानियों) के मामले में उत्तर प्रदेश पूरे देश में शीर्ष पर है। 40 प्रतिशत से ज्यादा लाइन हानियों वाले देश भर के 145 विद्युत वितरण खंडों में 51 यूपी के हैं। केंद्र सरकार ने यूपी में लाइन हानियों पर चिंता जताते हुए इसे कम करने को कहा है।

 बिजली मंत्रालय ने 40 फीसदी से ज्यादा लाइन हानियों वाले वितरण खंडों के संबंध में 3 अप्रैल को दिल्ली में बैठक भी बुलाई है। प्रमुख सचिव ऊर्जा व पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष आलोक कुमार ने बिजली वितरण निगमों के एमडी को पत्र भेजकर लाइन हानियां कम करने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास करने को कहा है।

पुनरीक्षित त्वरित विद्युत विकास एवं सुधार कार्यक्रम (आरएपीडीआरपी) के तहत जिन नगरों में पूंजी निवेश किया गया है, वहां लाइन हानियां घटाकर 15 फीसदी तक लाने का लक्ष्य रखा गया था।

बिजली मंत्रालय ने इन नगरों को लाइन हानियों के अनुसार वर्गीकृत किया है। जिन 241 नगरों की लाइन हानियां 10 प्रतिशत से कम हैं, उनमें यूपी का एकमात्र नोएडा शामिल है। वहीं, दूसरे प्रदेशों के कई बड़े नगरों में लाइन हानियां दो से 10 प्रतिशत तक लाई जा चुकी हैं।

इसी प्रकार आरएपीडीआरपी के तहत देश में कुल 266 नगर ऐसे हैं जहां लाइन हानियां 10 से 15 प्रतिशत के बीच हैं। इनमें यूपी का एकमात्र गाजियाबाद है।

नोएडा व गाजियाबाद को छोड़कर प्रदेश के बाकी सभी नगरों में लाइन हानियां 15 फीसदी से ज्यादा हैं। आलोक कुमार का कहना है कि लाइन हानियां मानक से ज्यादा होने की वजह से बिजली क्षेत्र में वित्तीय संकट बना हुआ है।

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