प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना कार्यशाला सम्पन्न
रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन
सुलतानपुर। जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती की अध्यक्षता में केन्द्र प्रयोजित प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में एक कार्यशाला का आयोजन जिला पंचायत सभागार में किया गया। जिसमें सम्बन्धित अधिकारियों के अलावा योजना से आच्छादित किये जाने वाले चयनित ग्रामों के ग्राम प्रधानों ने भाग लिया।
कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती ने कहा कि शासन की आदर्श ग्राम एक ऐसी संकल्पना है, जिसमें विभिन्न बुनियादी सेवाएं देने की परिकल्पना की गयी है, ताकि समाज के सभी वर्गों की न्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति और असमानताएं कम से कम रहें। इन गांवों में वह सब ऐसी औसंरचना होगी और इसके निवासियों को ऐसी सभी बुनियादी सेवाओं की सुविधा मिलेगी, जो एक सम्मान जनक जीवन जीने के लिये आवश्यक हो, ताकि प्रत्येक व्यक्ति को एक ऐसा वातावरण मिल सके। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य 50 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति जनसंख्या वाले चुनिंदा गांवों का एकीकृत विकास सुनिश्चित करना है, ताकि वह अपनी सम्भव्यताओं का पूरा उपयोग कर सकें। जिलाधिकारी ने बताया कि योजना के उद्देश्यों की पूर्ति करने हेतु विभिन्न कार्यक्षेत्रों के लिये निगरानी योग्य संकेतक 10 कार्यक्षेत्रों से सम्बन्धित है। पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण मार्ग एवं आवास, बिजली एवं स्वच्छ ईधन, कृषि पद्धतियां, डिजीटलीकरण, आजीविका मिशन। चयनित ग्रामों में वेश लाइन के आंकड़े के संग्राह प्रगति का अनुश्रवण व आदर्श ग्राम घोषित करते समय निगरानी योग्य संकेतकों उपयोग किया जायेगा। कोई भी गांव अधिकतम 100 अंक प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बताया कि चयनित ग्रामों का समन्वित विकास प्रथमतयः राज्य सरकार व केन्द्र सरकार की वर्तमान में संचालित योजनाओं के अभिसरण से प्राप्त किया जायेगा, ताकि गुणवत्तापूर्ण सेवा मिले एवं आधार भूत संरचना विकसित हो सके। उन्होंने अधिकारियों से दायित्वों को ईमानदारी के साथ निर्वहन के निर्देश दिये।
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