गुजरात मे जहाँ एक ओर इस साल के अंत मे विधानसभा चुनाव होने को है वही चुनाव से 6 महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात दंगे मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट दे दी और कांग्रेस नेता अहसास जाफरी की पत्नी जकिया जाफरी की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जो आरोप लगाए गए थे वह अर्थहीन है उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं कि वह गुजरात दंगों से जुड़े हो। वही कोर्ट के फैसले के बाद से तीस्ता सीतलवाड़ सुर्खियों में आ गई एटीएस की टीम ने उन्हें 25 जून को उनके मुंबई स्थित घर से हिरासत में ले लिया। सूत्रों का कहना है कि तीस्ता को एटीयस की टीम पूंछताछ के लिए हैदराबाद ले जा रही है। उन्हें उनके एनजीओ से सम्बंधित जांच हेतु हिरासत में लिया गया है उनपर धोखाधड़ी का आरोप है। तो आइये जानते हैं कौन है तीस्ता सीतलवाड़ जिसका कोर्ट ने किया जिक्र और मोदी को क्लीन चिट मिलते ही क्यों एटीयस ने इनपर कसा शिकंजा।
जाने कौन है तीस्ता सीतलवाड़:-
तीस्ता सीतलवाड़ एक सामाजिक कार्यकर्ता के साथ एक पत्रकार हैं। इसके अलावा यह गुजरात दंगों में 2002 में पीड़ितों के हित के लिए गठित की गई CJP की सचिव भी रही है। यह एक गैर सरकारी संगठन था। वही गुजरात दंगे के संदर्भ में कोर्ट में CJP ने भी एक याचिका दायर की थी। जिस याचिका में नरेंद्र मोदी और 62 अन्य लोगों की दंगे में सहभागिता का आरोप लगाते हुए आपराधिक मुकदमा चलाने की मांग की गई थी।
तीस्ता सीतलवाड़ के पिता पेशे से वकील थे। वही इनके दादा भारत के पहले अटॉर्नी जनरल थे। तीस्ता सीतलवाड़ ने मुंबई यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई की। तीस्ता के साथ तीस्ता के पति भी एक पत्रकार हैं। तीस्ता सीतलवाड़ पर आरोप है कि उन्होंने गुजरात दंगे के नाम पर काफी फंडिंग करवाई ओर उसका उपयोग उद्देश्यपरक चीजो के लिए नहीं किया।
जाने क्या बोली सुप्रीम कोर्ट:-
तीन जजों की बेंच के बीच हुई सुनवाई के बीच कोर्ट ने गुजरात दंगे मामले मे जहाँ तीस्ता सीतलवाड़ को क्लीन चिट दी है। वही तीस्ता सीतलवाड़ को लेकर कहा है कि उन्होंने जकिया जाफरी की भावनाओं का फायदा उठाया है और उनके साथ खिलवाड़ किया है। तीस्ता सीतलवाड़ के खिलाफ जांच की आवश्यकता है क्योंकि उन्होंने गुजरात दंगे का इस्तेमाल अपने व्यक्तिगत फायदे के लिए किया। उन्होंने न सिर्फ जकिया जाफरी की भावनाओं के साथ खेला बल्कि गुजरात दंगे में पीड़ितों को सहायता देने के उद्देश्य से एक पत्रिका में ज्ञानप दिया और बड़े बडे सेलीब्रेट से पैसा लिया। फंडिंग में उन्हें करोड़ों रुपये मिले जिसका उपयोग उन्हें अपने स्वार्थ ले लिए किया। अब इसी परिदृश्य में एटीयस की टीम ने तीस्ता सीतलवाड़ को हिरासत में लिया है।
तीस्ता को लेकर क्या बोले शाह:-
तीस्ता सीतलवाड़ को लेकर अमित शाह ने कहा कि कुछ लोग गुजरात दंगों की आड़ में नरेंद्र मोदी की उम्दा छवि खराब करने में लगे हुए थे। लेकिन कोर्ट ने सत्य को समझा और उसके पक्ष में फैसला दिया। तीस्ता सीतलवाड़ के खिलाफ कानूनी कार्यवाही हो रही है जो भी सत्य है वह जल्द सबके सामने आ जायेगा।
क्या बोले संबित पात्रा:-
तीस्ता सीतलवाड़ को लेकर भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार खासकर शिक्षा मंत्रालय ने तीस्ता सीतलवाड़ के एनजीओ को 1.4 करोड़ रुपये दिए थे। इस धन का उपयोग मोदी के खिलाफ अभियान चलाने और भारत को बदनाम करने के लिए किया गया। इस अभियान के पीछे तीस्ता सीतलवाड़ अकेली नहीं थीं। सोनिया गांधी और कांग्रेस तीस्ता के पीछे थी। पात्रा ने कहा कि तीस्ता नेशनल एडवाइजरी काउंसिल की भी सदस्य थीं, जिसकी अध्यक्ष सोनिया गांधी थीं।
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