डेस्क। सोशल मीडिया पर एक तस्वीर बुधवार को काफी वायरल हुई, सामने आई तस्वीर में एक छोटा बच्चा दुकान के मलबे के नीचे दबे समान को बटोरता दिखाई दे रहा है। दुकान का मलबा पड़ा है और उसपर बच्चा कुछ ढूंढता नज़र आ रहा है; जितना नसमझ उतना ही मासूम भी।
वायरल हुई तस्वीर के बाद कई मीडिया संवाददाताओं ने बच्चे की खोज कर पुछताज की। इसी कड़ी में एक रिपोटर जब बच्चें से पूछता है कि ये सब सामान क्यों बटोर रहे हो। तो उदास मन से बच्चा बोलता है, कि इसी से हमारा घर चलता था।
बता दें कि जहांगीरपुरी में 16 अप्रैल को हनुमान जयंती पर हुई हिंसा के बाद से ही तनाव की स्तिथि उत्पन्न हो गई है। इसके बाद MCD ने हिंसा वाली जगह पर अवैध संपत्तियों और अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाने की घोषणा कर दी। यह बुलडोजर अभियान 20 अप्रैल को शुरू हुआ, करीब सुबह 10 बजे एमसीडी का बुलडोजर चलना शुरू हुआ।
बुलडोजर से सड़क पर रखीं अवैध रेहड़ी पटरी को तोड़ा गया साथ ही यहां दुकानों पर भी बुलडोजर चला।
यहां पर एक मस्जिद के पास बनी अवैध दुकान को भी तोड़ा गया। इतना ही नहीं कार्यवाही के अंतर्गत एमसीडी ने मस्जिद के गेट को भी तोड़ दिया, जो अवैध था।
MCD की इस कार्यवाही के बाद लोग टूटी हुई दुकानों से अपना सामान बटोरते नजर आए। इनमें एक बच्चा भी था। आसिफ 7-8 वर्ष का है।
आसिफ अपनी टोड़ी गई दुकान के मलबे से सामान और पैसे बटोर रहा था। जब एक मीडिया संस्थान के रिपोर्टर ने आसिफ से सवाल किया कि ये क्या कर रहे हो, तो उसने बताया कि इससे हमारा घर, दुकान इससे चलता है। आसिफ ने आगे बताया कि मैं स्कूल जाता हूं और घर का काम भी करता हूं।
वेंडर सर्टिफिकेट होने के बावजूद बिना नोटिस के तोड़ी गईं दुकानें
आसिफ की मां रहिमा ने मीडिया को बताया कि रेहड़ी पटरी वालों को एमसीडी ने वेंडर सर्टिफिकेट दिया था लेकिन बिना नोटिस दिए ही उनकी दुकानो को तोड़ दिया गया। आसिफ के पिता अकबर ने बातचीत के दौरान बताया कि जब एमसीडी के लाइसेंस देने के बाद उन्होंने अपनी दुकान में फ्रिज लगाया था। लेकिन बुलडोजर ने सब तोड़ दिया। रिपोर्ट के अनुसार आसिफ की मां ने ऑफ कैमरा मीडिया को बताया कि वह ईद के लिए बच्चों के कपड़ों के लिए पैसा इकट्ठा कर रहीं थीं पर अब दुकान टूट गई तो ईद कैसे मनाएंगे।
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