वीसीके ने पीएम पर प्रतिबंधित बीबीसी डॉक्यूमेंट्रीका तमिल संस्करण दिखाया

वीसीके के संस्थापक-नेता थोल थिरुमावलवन ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की जा रही ‘नफरत की राजनीति’ का विरोध किया जाना चाहिए। रविवार को पार्टी मुख्यालय ‘अंबेडकर थिडम’ में प्रधानमंत्री पर बनी बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री के तमिल संस्करण की स्क्रीनिंग के मौके पर थिरुमावलवन ने कहा कि नरेंद्र मोदी नफरत की राजनीति फैलाकर शीर्ष पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी वैचारिक राजनीति करके या गरीबों और मजदूर वर्ग के कल्याण के लिए लड़कर शीर्ष पर नहीं पहुंचे हैं।

थोल थिरुमावलवन ने कहा, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी नफरत फैलाकर और हिंसा को हवा देकर यह दावा करते हुए शीर्ष पर पहुंच गए हैं कि केवल उनके पास ही ऐसी चीजें करने की क्षमता है। इस तरह वे राज्य स्तर के नेता से राष्ट्रीय नेता बने। उन्होंने कहा कि वीसीके और द्रविड़ कजगम (डीके) जैसे कुछ संगठन भाजपा की राजनीति का विरोध कर रहे हैं और कहा कि चर्चा इस बात पर होनी चाहिए कि अगर नरेंद्र मोदी 2024 में सत्ता में वापस आए तो देश का क्या होगा।

वीसीके संस्थापक ने कहा कि कई लोग वीसीके और डीके की राजनीति के विरोधी हैं और पेरियारिज्म के आलोचक हैं। उन्होंने कहा, हम यह नहीं कह रहे हैं कि द्रविड़ राजनीति या परिवारवाद आलोचना से परे है लेकिन वर्तमान में हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती मोदी की नफरत की राजनीति है। उन्होंने पूछा, हम मोदी द्वारा की जा रही नफरत की राजनीति से कैसे उबरेंगे।

कुछ परिसरों में वामपंथी कार्यकर्ताओं द्वारा डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग को रोक दिया गया था। इसके चलते सीपीआई-एम तमिलनाडु के राज्य सचिव, के. बालाकृष्णन ने एक बयान जारी कर सरकार से व्यक्तियों के मूल अधिकारों की रक्षा करने का आह्वान किया है। वीसीके नेता और विल्लुपुरम निर्वाचन क्षेत्र से सांसद डी. रविकुमार, तमिल फिल्म निर्देशक वेट्टीमारन, और द्रविड़ कजगम नेता काली पूनकुंद्रन डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग में उपस्थित थे।

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