ऑफिस में मुझे जबरदस्ती पॉर्न फिल्म देखने के लिए मजबूर करते कोरियॉग्राफ़र गणेश आचार्य : महिला ने शिकायत दर्ज करवाई

[object Promise]

बॉलीवुड के जाने-माने कोरियॉग्राफ़र गणेश आचार्य इन दिनों लगातार खबरों में हैं। गणेश आचार्य के ख‍िलाफ 33 साल की महिला कोरियॉग्राफ़र ने गंभीर आरोप लगाते हुए महिला आयोग में शिकायत दर्ज करवाई है। इस शिकायत में महिला ने बताया है, ‘जब मैंने डांस के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की थी और गणेश आचार्य के साथ काम करना शुरू किया था। उस दौरान वह मुझे जबरदस्ती पॉर्न फिल्म देखने के लिए कहते थे।’

इस मामले को लेकर नवभारतटाइम्स डॉट कॉम से हुई बातचीत में महिला कोऑर्डिनेटर ने बताया, ‘उन दिनों मैं नई थी, अपने करियर की शुरुआत की थी। गणेश मास्टर तब भी बड़े कोरियॉग्रफर थे। गणेश मास्टर मुझे मेरी फीस देने के बहाने से अपने ऑफिस ( केबिन ) में बुलाते और पॉर्न फिल्म चला देते थे, जब मैं पूछती कि यह क्या कर रहे हैं आप, तो वह जवाब में कहते, इसे देखो तुमको मजा आएगा।’

‘महिला बताती हैं, ‘गणेश आचार्य ने मेरे साथ कभी भी कोई और जबरदस्ती करने की कोशिश नहीं की है, कोई दूसरी तरह की गलत हरकत भी नहीं की है, लेकिन जबरदस्ती पॉर्न देखने को मजबूर करना, एक लड़की के ऑफिस पहुंचने के बाद ऑफिस में अश्लील फिल्म चला देना और पॉर्न फिल्म देखने के लिए फोर्स करना क्या यौन शोषण करने की शुरुआत नहीं है। वैसे यह बात पुरानी है, जब मैंने इस लाइन में काम करना शुरू नहीं किया था। अब आज मैंने यह बात इसलिए बताई कि लोगों को पता चलना चाहिए कि गणेश आचार्य सिर्फ पैसे की धोखा-धड़ी और लोगों के काम का शोषण नहीं करते हैं, बल्कि वह बहुत बड़े वुमनाइजर भी हैं। मैं उनके अंदर की इस गंदगी को भी सबके सामने रखना चाहती हूं।’

यह पूरा मामला तब सामने आया जब महिला कॉर्डिनेटर ने भारतीय फिल्म और टेलीविजन कोरियॉग्रफर्स एसोसिएशन के महासचिव गणेश आचार्य के खिलाफ राज्य के महिला आयोग और अंबोली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की। महिला ने गणेश के खिलाफ शिकायत में कहा है कि गणेश उन्हें फिल्म उद्योग में काम से वंचित करने, कमाई में कमीशन की मांग करने के अलावा एडल्ट विडियो देखने के लिए मजबूर करते थे।’

आपको बता दें, कोरियॉग्रफर गणेश आचार्य इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन कोरियॉग्रफर एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी हैं। गौरतलब है कि इससे पहले वेटरन डांस डायरेक्टर और कोरियॉग्रफर सरोज खान ने भी गणेश आचार्य पर कई आरोप लगाते हुए कहा था कि वह अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं।

महिला ने यह भी बताया कि बीते 26 जनवरी को अंधेरी में ही एसोसिएशन की एक मीटिंग थी, जिसमें वह अपने विचार पेश करने पहुंची थीं और वह चाहती थीं कि काम करने को लेकर गणेश आचार्य ने जो बैन उन पर लगवाएं हैं, वह हटा दें। महिला बताती हैं, ‘मुझे उस मीटिंग में वेटरन कोरियॉग्रफर सरोज खान ने बुलाया था, ताकि सरोजजी मेरे लिए सभी लोगों के सामने बात करके मुझ पर लगे बैन हटवा दें। मैं उस मीटिंग में समय से पहुंच गई थी, लेकिन सरोजजी की तबियत खराब हो गई और वह नहीं आ सकीं। मैं मीटिंग के दौरान अंदर नहीं गई, लेकिन गणेश आचार्य ने मुझे बाहर खड़ी देखा तो मुझ पर भड़कना शुरू कर दिया। वह 2 अन्य महिला कोरियाग्रफर्स के साथ बाहर आए और चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। इसका दृश्य वहां लगे सीसीटीवी में भी कैद हो गया है।’

गणेश बोले- मैं उस महिला को जानता ही नहीं हूं
इस पूरे मामले में और खुद पर लगे इन आरोपों पर गणेश आचार्य ने नवभारतटाइम्स डॉट कॉम से बातचीत में कहा, ‘मैं उस महिला को जानता ही नहीं हूं मैंने कभी भी उसके साथ काम नहीं किया है। जो भी आरोप मुझ पर लगाए गए हैं, वह सरासर झूठे और बेबुनियाद हैं। मैं जब शिकायत करने वाली महिला को जानता ही नहीं तो बाकी कोई सवाल होते ही नहीं।’

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *