ADR रिपोर्ट में खुलासा: वाह नीति निर्माता, जनता के लिए अनिवार्य है आधार और पैन, खुद इसका नहीं करते है पालन !

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नई दिल्लीं । कुछ दिनों बाद पांच राज्यों में चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में एक रिपोर्ट सामने आई है कि देश के मौजूदा सात सासंदो और लगभग 200 विधायकों ने अपने पैन कार्ड का विवरण जारी नहीं किया है। जबकि संसद में बैठे हुए यह नीति निर्माता जनता के लिए कानून बनाकर आधार और पैन कार्ड अनिवार्य करते हैं। इसके बावजूद वह खुद इसका पालन नहीं करते हैं।
वर्तमान में देश के मौजूदा सात सांसदों और 199 विधायकों ने अपने पैन कार्ड विवरण घोषित नहीं किये हैं। जिसकी चुनाव के वक्त नामांकन पत्र भरने के लिए जरूरत होती है। एक रिपोर्ट में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म (एडीआर) और नेशनल इलेक्शन वॉच (एनईडब्ल्यू) की इस रिपोर्ट को 542 लोकसभा सांसदों और 4,086 विधायकों के स्थायी खाता संख्या (पैन) के विवरण के विश्लेषण के बाद तैयार किया गया है।
संसद और राज्य विधानसभा का चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवारों को निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष अपने नामांकन पत्रों के साथ अपने हलफनामों में पैन का विवरण देना होता है। दिलचस्प बात यह है कि जिन सांसदों और विधायकों ने पैन डिटेल नहीं दी है, उनमें से कई करोड़पति हैं। इन सांसदों ने अपने शपथ पत्र में पैन कार्ड का विवरण नहीं दिया है।
एडीआर ने एक बयान में कहा, ‘पैन विवरण घोषित नहीं करने वाले सबसे अधिक 51 विधायक कांग्रेस के है। इसके बाद भाजपा के 42 विधायक, माकपा के 25 विधायक हैं।’ राज्यवार सबसे अधिक संख्या (33) केरल से है। इसके बाद मिजोरम (28) और मध्य प्रदेश (19) हैं। दिलचस्प बात यह है कि मिजोरम राज्य विधानसभा में विधायकों की संख्या 40 हैं जिसमें से 28 विधायकों ने अपना पैन विवरण नहीं दिया है।

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