जाने कैसे मिले थे ओसामा बिन लादेन और अलकायदा के सरगना अयमान अल जवाहिरी

Breakingnews: अमेरिका ने दावा किया है कि उनकी सेना ने आतंकी संगठन अलकायदा के सरगना अयमान अल जवाहिरी को काबुल में मार गिराया है। साल 2011 में ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद अमेरिका का यह दूसरा बड़ा ऑपरेशन है। वही अब हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर यह जवाहिरी अखिर था कौन और कैसे यह अलकायदा संगठन से जुड़ गया। 

जाने कब हुआ था जवाहिरी का जन्म:

अयमान अल जवाहिरी का जन्म 19 जून 1951 को मिश्र के एक संम्पन परिवार में हुआ था। यह पेशे से सर्जन थे। इन्होंने 14 साल की उम्र में मुस्लिम ब्रदरहुड को स्वीकार कर लिया। साल 2001 में अमेरिका में हुए भयानक आतंकी हमले में यह ओसामा बिन लादेन के साथ रहे और इन्होंने उनके साथ मिलकर अमेरिका को बरबाद करने की साजिश रची और अमेरिका को भयंकर दृश्य दिखाया।
जवाहिरी को एक बढ़िया सर्जन के रूप में जाना जाता था। यह पढाई में काफी अच्छे थे। इन्होंने मिस्र के कैरो यूनिवर्सिटी से मेडिकल की पढ़ाई की थी और 1978 में काहिरा विश्वविद्यालय की फिलॉसफी छात्रा अजा नोवारी से शादी कर ली। इनकीं पत्नी की साल 2001 में मौत हो गई जिसके बाद इन्होंने दूसरा विवाह कर लिया। जवाहिरी के 7 बच्चे हैं। 
जवाहिरी ने 1970 के दशक में मिश्र के सेक्युलर शासन का विरोध किया। इन्होंने इजिप्टियन इस्लामिक जिहाद संगठन का गठन किया और इसमें लोगो को जोड़कर उन्हें एक धर्म का अनुयायी बनने के लिये प्रोत्साहित किया। इन्होंने जब मिश्र में सेकुलर शासन का विरोध किया तो यह चाहते थे कि मिश्र में इस्लामिक शासन आए। साल 1981 में मिस्र के राष्ट्रपति अनवर सादात की हत्या हो गई। इनकीं हत्या के जुर्म में जवाहिरी को हिरासत में लिया गया और मिश्र की जेल में डाल दिया गया। वह तीन साल तक मिश्र की जेल में बन्द रहे और फिर वहां से भागकर सऊदी चले गए। 
जानकारों का कहना है जब यह सऊदी पहुचे तो इनकीं मुलाकात ओसामा बिन लादेन से हुई। जवाहिरी और ओसामा बिन लादेन की विचारधारा समान थी। वह एक ही सोच रखते थे जिसके चलते उन दोनों में खूब जमी। 2001 में अल जवाहिरी ने इजिप्टियन इस्लामिक जिहाद का विलय अलकायदा में कर दिया। इस विलय के बाद पूरे वविश्व मे वह आतंक के नाम से विख्यात हुए उन्हें लोग आतंकी कहते थे। वही साल 2001 में इन दोनों ने अमेरिका पर भयंकर हमला बोला और उसे तबाह करने की रणनीति बना ली। लेकिन जब ओसामा बिन लादेन की मौत हुई तो उसके बाद जवाहिरी ने अलकायदा की बागडोर अपने हाथ ले ली और वह उसका नेतृत्व करने लगे।

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