चंपारण। मुजफ्फरपुर शेल्टर होम से छुड़ाई गई युवती के साथ शनिवार को चार लोगों ने चलती गाड़ी में गैंगरेप किया। युवती का आरोप है कि उसका मेडिकल रविवार को यानी घटना के 24 घंटे बाद कराया गया। युवती के मुताबिक चार में से दो लोगों को वो पहचान लेगी। युवती का स्थानीय अस्पताल में ईलाज चल रहा है।
पीडिता ने पुलिस को बताया चार दरिंदे युवती को रात बोलेरो से अगवा किया और उसके साथ चारों युवकों ने चलती कार में दो घंटे तक सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। पीड़िता चीखती चिल्लाती रही और दरिंदे हंसते रहे। घटना को अंजाम देने के बाद उसे घर के पास सड़क पर छोड़कर फरार हो गए।
युवती के मुताबिक गैंगरेप करने वाले वो चार लोग उसे धमकी भी देते हैं कि अगर वो पुलिस में गई तो उसे जान से मार देंगे और उसके पूरे परिवार का अपहरण कर लेंगे।
युवती हिम्मत दिखाती है और घर जाकर भाभी को मोबाइल पर सूचना दी। रात में ही पीड़िता की भाभी पहुंची। 14 सितंबर की सुबह पीड़िता नगर थाने पहुंची।
लेकिन सुशासन बाबू की पुलिस युवती की फरियाद तो सुनती है लेकिन 24 घंटे के बाद यानी रविवार को युवती की शिकायत दर्ज की जाती है।
युवती का बलात्कार शनिवार को हुआ लेकिन उसको मेडिकल के लिए रविवार को भेजा गया और ऐसा पुलिस ने क्यों किया इसपर प्रशासन चुप है. युवती की मेडिकल रिपोर्ट आना अभी बाकी है।
लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपितों की तलाश में पुलिस ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है,लेकिन अभी तक आरोपी पुलिस की पहुंच से बाहर है। पीड़िता के बयान पर चार के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसपी जयंतकांत के आदेश पर जांच का जिम्मा महिला थाने की थानाध्यक्ष पूनम कुमारी को दिया गया है।
मुजफ्फरपुर बालिका गृह से मुक्त होने के बाद युवती को मोकामा में शिफ्ट कराया गया था।जानकारी मिलने के बाद परिजन वहां पहुंचे और घर लाया था। पीड़िता को सात लाख रुपये मुआवजा भी मिला है।
Leave a Reply