By Ashok Chakladar
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने हंगामे के बीच पहला अनुपूरक बजट सोमवार को विधानसधा में पेश किया। लगभग 34 हजार, 833 करोड़ का बजट पेश किया गया। बता दें कि, यह बजट प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं के साथ केंद्र सरकार की योजनाओं को रफ्तार देने वाला होगा। प्रदेश मंत्रिपरिषद से अनुपूरक बजट का मसौदा पहले ही मंजूर हो चुका है।
-कुंभ के लिए 800 करोड़ अतिरिक्त बजट
-कान्हा गौशाला की स्थापना के लिए 20 करोड़
-गौ-संरक्षण केंद्रों के लिए 34 करोड़ का बजट
-जेवर एयरपोर्ट के लिए 80 करोड़ का प्रवाधान
किए जाने के बाद सदन की बैठक मंगवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। विधान परिषद की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होते ही समाजवादी पार्टी(सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस के सदस्य कानून-व्यवथा, गन्ना भुगतान एवं अन्य मुद्दों को लेकर सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। इस बीच कांग्रेस और सपा के सदस्य वेल में आ गए। बसपा के सदस्य अपने स्थान पर खड़े होकर पेट्रालियम पदार्थों की बढ़ी कीमत आदि मुद्दों को लेकर सरकार विरोधी नारे लगाते रहे ।
सभापति रमेश यादव के सभी सदस्यों को अपने स्थान बैठने के लिए कहा, लेकिन जब शोर-शराबा जारी रहा तो उन्होंने सदन की बैठक आधे घंटे के लिए स्थागित कर दी। बाद में सदन का समय पहले 12 बजे और उसके बाद 12 बजकर 15 बजे तक के लिए बढ़ा दिया गया। इस दौरान सपा के सदस्य वेल में बैठ गए। सदन की कार्यवाही सवा 12 बजे प्रारम्भ होने से पूर्व ही सपा के सभी सदस्य वेल में मौजूद थे। सदन की कार्यवाही प्रारम्भ होते ही सपा के सभी सदस्य सरकार विरोधी नारे लगाने लगे।
इसी शोर-शराबे के बीच राज्यपाल द्वारा स्वीकृत प्रस्ताव के संबंध में दिए गए पत्र को सभापति यादव ने पढ़कर सुनाया। शोर-शराबे के बीच 12ः20 बजे नेता सदन एवं उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। इस बीच प्रमुख सचिव विधान परिषद डॉ. राजेश सिंह ने 11 अधिनियमों को सदन में रखा। उसके बाद शोर-शराबे के मध्य अनुसूची की सभी मदों को सदन में रखा गया। उसके बाद सदन की बैठक 28 अगस्त पूर्वाह्न 11ः00 बजे तक के लिए स्थागित हो गई।
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