प्रदेश की सतरंगी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए करे युवा रिसर्च पर फोकस: डा. बी. डी. कल्ला

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जयपुर। कला, साहित्य और संस्कृति मंत्री डा. बी. डी. कल्ला ने विद्यार्थियों और युवाओं का आह्वान किया है कि वे अपने कॅरिअर में प्रदेश की सतरंगी विरासत को रिसर्च का आधार बनाकर इसकी विविधताओं और विशेषताओं को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि आज रिसर्च और इनोवेशन का जमाना है, जो लोग रिसर्च को अपनाते है, वे कभी पीछे नहीं रहते बल्कि जीवन में प्रगति के नए आयाम स्थापित करते हैं।

डा़ कल्ला शनिवार को जयपुर में आर्च कॉलेज ऑफ डिजाईन एंड बिजनेस के कॉन्वोकेशन को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर अलग-अलग कोर्सेज में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट्स और डिप्लोमा भी प्रदान किए।

कला, साहित्य और संस्कृति मंत्री ने कहा कि प्रदेश में आर्ट, क्राफ्ट्स एवं हैण्डीक्राफ्ट्स की विरासत को आगे ले जाने के लिए रिसर्च को सतत रूप से जारी रखने की जरूरत है। विशेषकर ज्वैलरी और टैक्सटाईल्स के क्षेत्र में शोध के माध्यम से युवाओं और महिलाओं के लिए मांग के अनुरूप नई डिजाईन के परिधान और आभूषण तैयार कर प्रदेश की कला और सांस्कृतिक परम्पराओं को नए मुकाम पर ले जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस सैक्टर में रिसर्च को प्रमोट करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

डा. कल्ला ने प्रदेश की लोक कलाओं और सांस्कृतिक धरोहर का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां के किले और हवेलियां पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र है। प्रदेश के लोग ‘अतिथि देवों भवः‘ की परम्परा का निर्वहन करते हुए ‘ट्यूरिज्म‘ को ‘कल्चर‘ के जरिए प्रमोट करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पगड़ी पहनने की ही करीब 500 प्रकार की स्टाईल है। अलग-अलग तरह की पगड़ी को देखकर व्यक्ति के व्यवसाय, क्षेत्र और पृष्ठभूमि को जाना जा सकता है। जड़ाऊ और कुंदन के क्षेत्र में भी यहां के कारीगरों ने दुनियां में नाम कमाया है, लेकिन इसमें रिसर्च की कमी है। डिजाईन और बिजनेस से जुड़े विद्यार्थी और शोधार्थी इन विशेषताओं को अपने अध्ययन का विषय बनाकर आगे बढ़ाए।

कला और संस्कृति मंत्री ने संस्थान के परिसर में फैशन, ज्वैलरी और इंटीरियर डिजाईनिंग के क्षेत्र में विद्यार्थियों के कार्यों और उत्पादों का अवलोकन किया और इनकी सराहना करते हुए उनके कॅरिअर में उत्तरोतर प्रगति के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में आर्च कॉलेज ऑफ डिजाईन एंड बिजनेस की निदेशक अर्चना सुराणा ने संस्थान द्वारा चलाए जा रहे कोर्सेज और गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि संस्थान के विद्यार्थी ग्रास रूट सैक्टर और कम्यूनिटी के साथ काम करते हुए अपनी पहचान बना रहे हैं।

कार्यक्रम में डायरेक्टर स्किल एजूकेशन प्रोफेसर अशोक के. नागावत, क्रिएटिविस्ट अनुराग सिंघल, बेलग्रेड विश्वविद्यालय की प्रोफेसर बिलिजाना जोविक, आर्च कॉलेज ऑफ डिजाईन एंड बिजनेस के डायरेक्टर इंटरनेशनल बिनॉय थूमपुंकल एवं एडवाईजर धीरेन्द्र जैन एवं अफगानिस्तान, अमेरिका और बेलग्रेड आदि देशों के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स, शोधार्थी और डिजाइनर्स मौजूद रहे।

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