बरेली, कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन की फिल्मों से वीरप्पन गैंग का सरगना इतना प्रभावित था कि उसने न सिर्फ खुद का नाम वीरप्पन रख लिया बल्कि अपना गैंग भी इसी नाम से बना लिया। मंगलवार देर रात जब पुलिस ने इस गैंग को पकड़ा तब गैंग के सरगना ने इसका खुलासा किया। गैंग के पास चोरी का काफी सामान पुलिस ने जब्त किया है। पुलिस ने पूछताछ के बाद गैंग के पकड़े गए दो आरोपितों को जेल भेज दिया है।
किला चौकी इंचार्ज शनि चौधरी देर रात गश्त कर रहे थे। उसी दौरान सत्यप्रकाश पार्क के पास दो युवक संदिग्ध हालत में खड़े मिले। पुलिस ने उन्हें आवाज दी तो दोनो भागने लगे। इस पर पुलिस ने दोनों को दौड़ा कर पकड़ लिया और थाने लाकर पूछताछ की। पूछताछ और तलाशी के दौरान दोनों के पास एक-एक मोबाइल मिला। पूछतांछ में पता चला कि दोनों मोबाइल चोरी के हैं। पकड़े गए एक युवक ने अपना नाम आसिफ उर्फ वीरप्पन बताया और दूसरे ने सलीम निवासी स्वालेनगर पता बताया। पकड़े गए युवकों ने बताया कि वह चोरी करते हैं और उनके गैंग में दो अन्य सदस्य भी शामिल हैं। पकड़ा गया वीरप्पन गैंग का सरगना है। पूछताछ के बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर दो लैटपटॉप और एक एलइडी भी बरामद की। उन्होंने बताया कि स्वालेनगर में रहने वाले साबेज के घर से दो लैपटॉप, लीचीबाग निवासी शाकिर के घर से दो मोबाइल और आनंद विहार कॉलोनी में रहने वाले एक युवक के घर से एलइडी चुराई थी। पूछताछ के बाद दोनों आरोपितों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। जबकि गैंग के दो सदस्यों की तलाश की जा रही है।
पकड़ा गया आसिफ बेहद शातिर है। वह चंदन तस्कर वीरप्पन से खासा प्रभावित है। उसने बताया कि उसने प्रभावित होकर बचपन में दस साल की उम्र में ही अपना नाम वीरप्पन रख लिया था। वह वीर पसंद था। इसी लिए उसने अपना नाम 10 साल की उम्र में ही वीरप्पन रख लिया। वह अक्सर वीरप्पन पर बनाई गईं फिल्में देखता था। इसके बाद उसने इसी नाम से अपना गैंग बनाया और फिर चोरियां करने लगा।
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