पांच करोड़ की ठगी बिटक्वाइंस के नाम पर, कई राज्यों से जुड़े हैं तार

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बिटक्वाइंस और अन्य क्वाइंस के नाम पर पांच करोड़ रुपये की ठगी की गई। सिविल लाइंस पुलिस ने शामली निवासी पिता-पुत्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले में जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार आरोपी के खिलाफ नोएडा, दिल्ली, मेरठ और हिमाचल में भी मुकदमे दर्ज है।

सोलनीपुरम निवासी दिनेश कुमार ने सिविल लाइंस पुलिस को दी तहरीर में बताया कि करीब दो साल पहले उनकी मुलाकात रमन कुमार निवासी ग्राम कासमपुर, थाना बाबरी, शामली, यूपी से हुई थी। रमन कुमार ने उन्हें अपनी कंपनी के बारे में बताया। तहरीर में बताया कि उनके पिता जगपाल सिंह और हर्ष कुमार के साथ मिलकर वेबसाइट बनाई है। इसमें बिटक्वाइन, लाइट क्वाइन, अन्य क्वाइंस में कारोबार किया जाता है। इस वेबसाइट में निवेश कर अच्छी आमदनी हो जाती है।

क्वाइंस के रेट शेयर मार्केट में घटते-बढ़ते रहते हैं। बताया कि कारोबार की जानकारी देने के लिए रमन कुमार रुड़की आया। भरोसा दिलाया कि काम में नुकसान नहीं होगा। जितना निवेश किया जाएगा उसका ढाई गुना हर कीमत पर मिलेगा। बताया कि 2017 में रमन कुमार के साथ वेबसाइट में काम करना शुरू कर दिया।
दिनेश कुमार ने अपने आठ लाख रुपये कारोबार में लगा दिए। अन्य लोगों ने भी धीरे-धीरे निवेश करना शुरू कर दिया। इसके बाद कारोबार में घाटा बताकर वेबसाइट को बंद कर दिया गया। इसी साल 23 फरवरी को रमन कुमार ने एक अन्य व्यक्ति के साथ दिल्ली में उनके और अन्य निवेशकों के साथ बैठक की। इसमें कुछ निवेशकों का पैसा वापस किया गया। इसके बाद रमन ने नई वेबसाइट बनाई। कुछ पैसा वापस करने पर उन्हें फिर से रमन कुमार पर विश्वास हो गया।

नई वेबसाइट को अप्रैल में बंद कर दिया गया। इसके बाद से आरोपियों के फोन भी बंद आ रहे हैं। तहरीर में बताया गया कि करीब पांच करोड़ की धोखाधड़ी की गई। सिविल लाइंस कोतवाली के इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पांच करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसके साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उधर, मेरठ संवाददाता के मुताबिक आरोपी के परिवार में मां बाप एक भाई वह बहन है जिनकी शादी हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार हिमाचल से नशीले पदार्थ की तस्करी में यह जेल जा चुका है। इस पर नोएडा दिल्ली में ठगी के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। हालांकि मेरठ पुलिस इस बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर रही है।

अलग-अलग जगह के बताए गए पीड़ित

तहरीर में बताया गया कि पंकज ने आठ, चंचल ने छह, संगीता ने पांच, बबीता ने एक, आजम ने 11, आजाद ने 12, अनुज शर्मा ने 4.86, पुनीत बिरला ने 4.86,नितिन चौधरी  ने 14.50बन्नी शर्मा ने 3, आदिल ने 2, सावन ने 2.43, अब्बास ने 18,प्रतिमा ने 9,ब्रजमोहन ने 8,शिखा ने 5,रितेश ने दस, पंकज कुमार ने 15, आशीष सोनी ने 31, अतुल त्यागी ने 7.50, हरिओम ने 4.86, विपिन मदान ने 5 लाख रुपये जमा कराए थे। सभी अलग-अलग जगह के रहने वाले हैं।

क्या है बिटक्वाइंस 

बिटक्वाइन एक विकेंद्रीकृत मुद्रा है। यह डिजिटल मुद्रा है। यह किसी केंद्रीय बैंक की ओर से संचालित नहीं की जाती। कंप्यूटर नेटवर्किंग पर आधारित भुगतान के लिए इसे निर्मित किया गया है।

 

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