नई दिल्ली । भारत से हर साल हजारों मुसलमान हज यात्रा पर सऊदी अरब जाते हैं। कोविड महामारी के चलते दो साल के यात्रा प्रतिबंध के बाद इस साल करीब दस लाख हज यात्री सऊदी अरब पहुंच रहे हैं। सऊदी ने विदेश से आने वाले लोगों की सुविधा के लिए एक नई और अनूठी जागरूकता पहल शुरू की है।
खाड़ी देश ने 14 भाषाओं में हज गाइड जारी किया है, लेकिन भारत से बड़ी संख्या में हाजियों के जाने के बावजूद हिंदी को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
विदेशी हज यात्रियों का एक बड़ा प्रतिशत भारत से है, फिर भी हज गाइड जारी करते समय हिंदी की उपेक्षा की गई है। सेंट्रल हज कमेटी ऑफ इंडिया के मुताबिक इस बार भारत से 79 हजार 237 लोग हज यात्रा पर जा रहे हैं। इन यात्रियों के लिए 168 विशेष विमानों की व्यवस्था की गई है।
भारत से इतनी बड़ी संख्या में हाजियों के आने के बाद भी सऊदी ने अपने हज गाइड में हिंदी को शामिल नहीं किया है। हालांकि गाइड उर्दू में जरूर जारी की गई है।
हज और उमराह मंत्रालय की ओर से अलग-अलग भाषाओं में हज गाइड जारी किया गया है। इस प्रयास का उद्देश्य लोगों में जागरुकता बढ़ाना और हज संबंधी जानकारी लोगों को उनकी भाषा में उपलब्ध कराना है ताकि विदेशी यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
हज गाइड में हज से संबंधित जानकारी के अलावा सभी प्रासंगिक मुद्दों को कवर किया गया है. ये ई- गाइड अरबी, अंग्रेजी, फ्रेंच, उर्दू, बंगाली, इंडोनेशियाई, मलय, हौसा, अम्हारिक, फारसी, स्पेनिश, तुर्की, रूसी और सिंहली भाषाओं में उपलब्ध है.
ई-गाइड में हज से संबंधित हर जानकारी रोचक और विस्तृत ढंग से दी गई है. ई-गाइड को रोचक बनाने के लिए उसमें तस्वीरों और वीडियो को भी शामिल किया गया है. 10 हजार 178 पन्नों वाले ई-गाइड को जनरल अथॉरिटी फॉर अवकाफ और अन्य सरकारी संगठनों के साथ मिलकर बनाया गया है.
हज यात्रा का महत्व और कौन जा सकता है हज के लिए?
इस्लाम में हज यात्रा बेहद जरूरी मानी गई है. इस्लाम के पांच स्तंभों- कलमा पढ़ना, नमाज पढ़ना, रोजा रखना, जकात देना (दान देना) में एक हज यात्रा भी शामिल है. हज के लिए मुसलमान सऊदी अरब के मक्का शहर जाते हैं.
सऊदी अरब ने इस बार हज यात्रियों के लिए जो दिशानिर्देश जारी किए हैं, उसके अनुसार, हज के लिए सिर्फ वहीं व्यक्ति सऊदी अरब के मक्का की यात्रा कर सकते हैं जिनकी उम्र 65 साल से कम की है. कोरोना की दोनों वैकसीन के साथ-साथ सऊदी अरब में प्रवेश के 72 घंटे पहले की आरटीपीसीआर रिपोर्ट दिखानी भी अनिवार्य है.
महिलाओं के हज यात्रा के लिए भी सऊदी अरब ने नियम बनाए हैं. अगर कोई महिला बिना किसी पुरुष रिश्तेदार के हज यात्रा करना चाहती है तो इसके लिए उसकी उम्र 45 साल से अधिक होनी चाहिए. साथ ही महिला को चार अन्य महिलाओं का साथ होना जरूरी है जिनकी उम्र भी 45 से अधिक हो.
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