चंडीगढ़। हरियाणा में महम क्षेत्र के आज़ाद विधायक बलरज कुंडू साढ़े चार हजार करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार के सबूत लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के दरबार पहुंच गए और उन्हें दस्तावेज सौंपते हुए मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के गठन का आग्रह किया। भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार को समर्थन दे रहे कुंडू का आरोप है कि चीनी मिलों में तेतीस सौ करोड़ और स्थानीय निकाय विभाग में बारह सौ करोड़ रुपए का घोटाला किया गया है।
कुंडू ने इससे पहले भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए गृह मंत्री अनिल विज का दरवाजा खटखटाया था।
विज ने जो एसआईटी गठित की, उसमें कमजोर अफसरों को शामिल करने का आरोप लगाते हुए कुंडू ने कहा कि जांच सीनियर आईएएस अफसर अशोक खेमका, वी.एस. कुंडू या फिर वजीर सिंह गोयत से करवाई जाये। वह अपनी इसी मांग को लेकर वे मुख्यमंत्री खट्टर से मिले थे। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो वे चंडीगढ़ में टेंट लगा कर धरने पर बैठ जाएंगे और भाजपा-जजपा सरकार से अपना समर्थन भी वापस ले लेंगे।
मीडिया से बात करते हुए कुंडू ने कहा कि, ‘औने-पौने दामों पर चीनी मिलों ने एक पूर्व मंत्री की पुत्र वधू और उनके भतीजे की कंपनियों को शीरा सप्लाई किया। दो महीने पहले तक जो शीरा 157 रुपए प्रति क्विंटल दिया जा रहा था, वही शीरा नए प्रबंध निदेशक की नियुक्ति के बाद 830 रुपए प्रति क्विंटल बिक रहा है। इसी से यह सारा खेल उजागर हो जाता है।’ उन्होंने कहा कि पानीपत की चीनी मिल में 80 हजार क्विंटल शीरे का रिकॉर्ड ही गायब है। चीनी मिलों को घाटे में दिखाए जाने को फ्राॅड करार देते हुए कुंडू ने कहा कि असल में घाटे के नाम पर यह खुली लूट थी।
स्थानीय निकाय विभाग में भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए आज़ाद विधायक कुंडू ने कहा कि, ‘अमृत योजना के लिए केंद्र से 2,650 करोड़ रुपए आये थे, इसमें 50 फीसदी राशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई।’ उन्होंने कहा कि आने वाले बजट सत्र में भी वे इस मुद्दे को उठाएंगे, साथ ही राज्य सतर्कता ब्यूरो से भी इसकी शिकायत करेंगे। कुंडू ने कहा कि उन्होंने भ्रष्टाचार के मामलों में ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर चलने का दावा करने वाले मुख्यमंत्री को समर्थन दिया था। अब जब भ्रष्टाचार के दस्तावेज सौंप दिए गए हैं तो बिना देर किये इनकी जांच कराइ जानी चाहिए।
Leave a Reply