न्यूरिया क्षेत्र के ग्राम धनकुना में स्थित जीआरडी पब्लिक स्कूल में मनकविहीन वाहन की बजह से हुए हादसे की एक सप्ताह बाद भी नही हुई कोई कार्यवाही

न्यूरिया क्षेत्र के ग्राम धनकुना में स्थित जीआरडी पब्लिक स्कूल में मनकविहीन वाहन की बजह से हुए हादसे की एक सप्ताह बाद भी नही हुई कोई कार्यवाही

रिपोर्ट ज़ाहिद अली

पीलीभीत स्कूलों में मानक विहीन वाहनों के कारण हादसे होते रहते हैं लेकिन पीलीभीत के परिवहन विभाग मौन बना रहता है ऐसा ही एक मामला धनकुना के जीआरडी पब्लिक स्कूल में बीते दिनों हुआ जिसमें टेम्पो में 17 बालक बैठे थे और टेम्पो को एक नाबालिग लड़का जिसकी उम्र 15 वर्ष थी चला रहा था ।टेम्पो तेज गति के कारण अनियंत्रित होकर पलट गया था जिसमें बैठे 17 बच्चों में से 8 बालक घायल हो गए थे जिसमें से एक 10 वर्षीय बालक गंभीर रूप से घायल हो गया था जिसको जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था वहां से हालत नाजुक देख उसे  निजी अस्पताल में (डॉ तरुण सेठी) के यहां उसका इलाज हुआ जिसके सर में काफी चोट लगी थी ।

न्यूरिया क्षेत्र के ग्राम धनकुना में स्थित जीआरडी पब्लिक स्कूल में मनकविहीन वाहन की बजह से हुए हादसे की एक सप्ताह बाद भी नही हुई कोई कार्यवाही

जीआरडी पब्लिक स्कूल में कुछ बसें भी हैं जो बिल्कुल कंडम हैं और काफी पुरानी हैं उन्हीं से बच्चों लाया जाता है लेकिन स्कूल  प्रबंधक ओमप्रकाश भारती का कोई ध्यान नही है और वह बच्चों को टेम्पो से ही बच्चों को लाते हैं।हादसे बाले दिन प्रबंधक ओमप्रकाश भारती ने हादसे से अपना बचाओ करने के लिए सब से झूँठ बोल दिया कि टेम्पो बच्चों के अभिभाबकों ने भेजा था उनके स्कूल का नही था।लेकिन जब मीडिया द्वारा इसकी खोजबीन की गई तब स्कूल प्रबंधक के ही लड़के ने मीडिया के सामने कहा कि टेम्पो उसके पिताजी ने भेजा था और वह भी साथ गया था उसने खुद 17 बच्चों को बिठाया था वहीं अभिभाबकों का कहना है कि प्रबंधक का ही दूसरा लड़का जिसकी उम्र 15 बर्ष है वह चला रहा था टैम्पो और वह ही रोज चलाता है तेज रफ्तार से स्कूल बसों को और टैम्पो को एआरटीओ पीलीभीत ने मौके पर जाकर देखा था लेकिन स्कूल प्रबंधक पर अभी तक कोई कार्यवाही नही हुई है जिसकी एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नही हुई है।

न्यूरिया क्षेत्र के ग्राम धनकुना में स्थित जीआरडी पब्लिक स्कूल में मनकविहीन वाहन की बजह से हुए हादसे की एक सप्ताह बाद भी नही हुई कोई कार्यवाही

आज अभिभावकों ने थाना न्यूरिया में तहरीर देकर कार्यवाही की मांग की है तहरीर में अभिभाबकों ने लिखा है कि कुंवर सेन पुत्र चतुरी लाल निवासी मेबातपुर जो इस समय रोहतनिया में रहता है ने बताया कि उसका पुत्र रोहित कुमार जो कक्षा 7 में जीडीआर पब्लिक स्कूल धनकुना में पड़ता है स्कूल में बच्चों को लेने के लिए बस आती थी जो काफी कबाड़ा है परंतु दिनाँक 8/02/2020 को स्कूल संचालक ने बच्चों को लेने के लिए टैम्पो भेजा जिसमें 17 बच्चों को बिठाया गया टैम्पो चालक एक अनाड़ी लड़का नाबालिग लड़का था जिसकी उम्र लगभग 15 बर्ष थी वह टैम्पो लेकर तेज गति से जा रहा था रोहतनिया के पास टैम्पो अनियंत्रित होकर पुलिया से टकरा गया टेंपो नंबर यूपी 26 0523 काफी बच्चों को चोटें आईं जिसमे आर्यन नाम का लड़का अस्पताल में भर्ती है ।घटना के बाद स्कूल मास्टर और स्कूल प्रबंधक ओमप्रकाश भारती आये उनसे शिकायत की कि अपने एक नाबालिग लड़के को जो अनाड़ी है टैम्पो लेकर क्यों भेजा इससे नाराज होकर स्कूल प्रबंधक ओमप्रकाश ने कहा कि चमटटे होश में रहो अगर एक दो चमटटे मर जाते तो क्या फर्क पड़ता है और उसके अलावा भी उन लोगों को गंदी गंदी जाती सूचक गालियां दी गईं और शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी गईं और अब भी जान से मारने की धमकी दे रहे हैं ।

क्योंकि बिद्यालय प्रबंधक और उसके अध्यापक दबंग किस्म के लोग हैं जिनका क्षेत्र में काफी दबदबा है जख्मी छात्रों में जय सिंह पुत्र उदय राज ,अनुज पुत्र रामौतार,निवासी गण रोहतनिया थाना न्यूरिया जिला पीलीभीत ।इसके अलावा और भी मानक विहीन वाहन स्कूल में चल रहे हैं।जिले में बहुत से ऐसे स्कूल हैं जहां पर बच्चों को ठूँस ठूँस कर टैम्पो में भर कर ले जाया जाता है।थाना अमरिया क्षेत्र में दीन इंटरनेशनल स्कूल सरदार नगर जहां पर भी बच्चे टैम्पो में ठूंस ठूँस कर भरकर लाये जाते हैं एक टैम्पो में 18 से 20 बच्चे भरे जाते है इसी के पास स्थित निसारा में स्थित एक इंग्लिश मीडियम स्कूल चल रहा है जो बगैर मान्यता के चल रहा है और पूरे क्षेत्र से टैम्पो के द्वारा बच्चों को स्कूल लाया जाता है परिवहन अधिकारी सब कुछ देखते रहते हैं लेकिन कोई कार्यवाही नही होती है जब कोई हादसा हो जाता है तब ही प्रशासन कोई कदम उठाता है बरना कुछ नही प्रशासन  मानक विहीन वाहनों को चलबाकर किसी बड़े हादसे का इन्तिज़ार कर रहा है जब कोई हादसा हो जाएगी तभी प्रशासन की आंखे खुलेंगी ।

धनकुना के जीआरडी पब्लिक स्कूल में गनीमत रही कि ज्यादा बच्चों के चोटें नही आयीं लेकिन जिसके आईं वह भी गंभीर चोटें थी जिनको जिला अस्पताल से रेफर होने के बाद दो निजी अस्पताल बालों ने भी हालत खराब देखकर अपने यहां लेने से इनकार कर दिया था तीसरे हॉस्पिटल में जाकर भर्ती कराया गया था क्योंकि उसके सर में काफी चोटें आयीं थी और काफी खून निकल चुका था ऐसे ही किसी बड़े हादसे का इंतिजार है प्रशासन को ।

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