लखनऊ । लखनऊं। उत्तर प्रदेश में सीएम आवास, विधानसभा और राजभवन के बाहर सड़कों पर आलू फेंकने के मामले में लखनऊ क्राइम ब्रांच और एटीएस ने 2 लोगों को कन्नौज से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में से एक सपा का कार्यकर्त्ता अंकित चैहान व दूसरा आरोपी प्रदीप लोडर मालिक है। जानकारी के अनुसरा अंकित चैहान तिर्वा कोतवाली के फगुहा भट्टा गांव का रहने वाला है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने कई गांवों में छापेमारी की। इसके बाद लखनऊ क्राइम ब्रांच और एटीएस ने लोडर को बरामद कर लिया है।
लखनऊ में विधानसभा मार्ग के साथ ही अन्य वीआइपी सड़कों पर आलू फेंकने के मामले में समाजवादी पार्टी की साजिश सामने आ गई है। इससे तय हो गया है कि यह बड़ी साजिश समाजवादी पार्टी के नेताओ ने रची थी। बताया जा रहा है कि आलू फेंकने की योजना अखिलेश यादव के दो करीबी नेताओं ने मिल कर बनाई थी। भाजपा ने पहले ही आलू फेंकने की घटना को योगी आदित्यनाथ सरकार ने बदनाम करने की साजिश बताया था।
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जांच से पता चला है कि संतोष पाल की गाड़ी सुबह पौने 4 बजे इसी इलाके में घूम रही थी। सीसीटीवी कैमरे से पता चला कि फुटेज में दिखी गाड़ी कन्नौज की है। आलू फेंकने में कुक्कू चैहान, प्रदीप सिंह बंगाली, दीपेन्द्र, संदीप, दीपेंद्र चैहान तथा बडे कुमार समेत 6 लोग शामिल थे। उन्होंने बताया कि इन लोगों ने सतीश जाटव और अनुराग दोहरे के कोल्ड स्टोरेज से पुराना आलू खरीदा था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में 2 आरोपियों तिर्वा क्षेत्र के फगुहा भट्टा गांव अंकित चैहान और लोडर मालिक प्रदीप को हिरासत लेकर पूछताछ की जा रही है। दोनों समाजवादी पार्टी (सपा) युवा वाहिनी के सदस्य हैं। दोनों सपा से चुनाव भी लड़े थे।
गौरतलब है कि गत छह जनवरी की सुबह राजभवन, विधानभवन तथा लोहिया पथ के 1090 चैराहे के पास आलू फेंके गये थे। विरोधी दल के नेता इसे किसानों का गुस्सा बता रहे थे जबकि प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि राजनीतिक साजिश के तहत सड़कों पर सड़े आलू फेंकवाए गए। मंडियों से छांटकर आलू को बाहर कर दिया गया है। विपक्ष योगी सरकार को बदनाम करने की साजिश कर रहा है।
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लखनऊ की सड़कों पर आलू फेंकने वाले लोग रात में मॉल एवेन्यू में रुके थे। पुलिस इस घटना में शामिल अन्य फरार लोगों की भी तलाश कर रही है। घटना में शामिल सभी लोग समाजवादी पार्टी से जुड़े है।
गिरफ्तार शिवेंद्र सिंह उर्फ कुकू चैहान नगर पंचायत का चुनाव लड़ा था। संदीप उर्फ विक्की यादव ने गाडियां अरेंज की थी। इनमें दीपेंद्र सिंह सिंह चैहान तो कुक्कू का सगा भाई है। इनके साथ ही साजिश में जिला पंचायत अध्यक्ष शिल्पी कटियार का पति संजू कटियार, ग्राम प्रधान प्रदीप सिंह उर्फ बंगाली तथा कन्नौज से नगर पंचायत का चुनाव लडने वाले जय कुमार तिवारी उर्फ बड़े बऊवन शामिल हैं।
यह लोग कन्नौज के तिर्वा से आठ डाला में आलू भरकर लखनऊ लाए थे। यहां पर पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से लेकर तमाम सुबूत मिले। कन्नौज के समाजवादी पार्टी के नेता शिवेंद्र सिंह उर्फ कुक्कू चैहान के करीबी अंकित सिंह और डाला ड्राइवर संतोष पाल को गिरफ्तार किया गया है। इस बड़ी साजिश में कन्नौज के जिला पंचायत अध्यक्ष का पति संजू कटियार और कुक्कू चैहान समेत कई लोग शामिल थे। यहां पर आलू फेंकने के लिए ठठिया के कोल्ड स्टोरेज से आलू को खरीदा गया था।
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एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि सीओ हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा ने करीब 10 हजार से ज्यादा नम्बरों को खंगाला। उसमें एक संदिग्ध नंबर संतोष पाल का मिला। जांच के दौरान बात साफ हो गई कि संतोष की गाड़ी सुबह 3.45 बजे इसी इलाके में सुबह में मिली थी। फुटेज में कन्नौज की गाड़ी दिखी। पुलिस ने पता लगाया और फिर आरोपियों को पकड़ा। आरोपी ने कबूला कि हम लोगों ने आलू फेंका था।एसएसपी ने बताया कि लोडर चालक ने जो नाम बताएं उनके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकलवाई तो बात सही निकली। पुलिस ने इस कांड में शामिल नेताओं के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल के आधार पर कई अन्य नेताओं को भी साजिश का हिस्सा बनाया है। या रिपोर्ट जल्दी गृह विभाग को भेजी जाएगी। फिघ्लहाल योगी सरकार की किरकिरी करने वाले इस किस्से का पुलिस ने खुलासा कर दिया है।
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