क्यों आप नहीं देखना चाहती राहुल को नेता के रूप में

राजनीति: विपक्ष लगातार एकजुटता का संदेश दे रहा है। बड़े-बड़े नेताओं का कहना है कि हम मोदी को तभी केंद्र से हटा सकते हैं जब हम एक साथ आएंगे। लेकिन विपक्ष एकता में पद की लालसा लग़ाम कस रही है। अभी तक विपक्ष की तरफ से यह निर्धारित नहीं हो पाया की प्रधानमंत्री पद का दावेदार कौन होगा। प्रत्येक दल अपने नेता को पीएम पद का दावेदार बता रहा है। 

वहीं अब विपक्ष एकता के परिपेक्ष्य में दिल्ली के मुख्य मंत्री अरविन्द केजरीवाल की पार्टी की नेता  व पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा सदन में दिल्ली के अध्यादेश का कांग्रेस ने विरोध किया था। कांग्रेस के नेतृत्व में आप विपक्ष एकता का साथ देने के लिए तैयार नहीं होगी। अब कांग्रेस को तीसरी बार राहुल के नाम पर चुनावी दांव नहीं चलना चाहिए उन्हें नेता के तौर पर प्रजेंट नहीं करना चाहिए। 

आप नेता ने आगे कहा- यदि कांग्रेस वास्तव में देश हित की बात कर रही है, यह देश को बचाना चाहती है तो इसे अब तीसरी बार राहुल गांधी को नेता के तौर पर प्रजेंट नहीं करना चाहिए और न इसके लिए विपक्ष को मजबूर करना चाहिए। देश हित हेतु यह अधिक आवश्यक है। बता दें AAP प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आप के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और संजय सिंह ने 23 जून को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पटना में बुलाई गई विपक्षी दलों की मेगा बैठक में भाग लिया।

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