जागेशवर प्रसाद वर्मा कि रिपोर्ट
इस कार्यक्रम में बच्चों के लानन पालन से जुड़ी जरूरी बातो की जानकारी ऑडियो श्रृखंला के रूप में अभिभावकों तक पहुँचाई जाती है। सजग ऑडियो की कड़ियां माता-पिता और अन्य परिजनों के लिए कोविड के बेचैन कर देने वाले हालात में खुद को संभालने एवं बच्चों के विकास में सहायक घर के वातावरण को सकारात्मक बनाने में सहायता प्रदान करती हैं। इसके साथ ही बच्चों में जीवन को गढने की क्षमता तैयार करने में मददगार साबित हुई है। ऐसे पहुचते है सजग ऑडियो सदेश पालकों तक- हर 15 दिन में किसी जरूरी जानकारी पर आधारित लगभग 5 मिनट का संदेश सी.एल.आर.द्वारा तैयार किया जाता हैं एवं इसे जिला अधिकारियों के व्हाॅट्सप ग्रुप में भेजा जाता है। जिला अधिकारी,परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षक तथा पर्यवेक्षक आं.बा. कार्यकर्ताओं को उपलब्ध कराते है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा गृहभेट के दौरान पालको के घर में जाकर इस संदेश को दिखाकर एवं सुनाकर जरूरी बाते समझाती है। अभी तक एक वर्ष में इसके 35वीं कड़ी का प्रसारण हो चुका है।
लोगों की जिन्दगी पर पड़ा असर- ग्राम रसौटा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती ममता घृतलहरे द्वारा ग्राम के ही श्री श्यामरतन एवं श्रीमती संतोषी के घर में समय समय पर जाकर सजग अभियान की कड़ियों को सुनाती है। जिस पर उनके परिवार के सदस्य तथा बच्चों पर इसका गहरा प्रभाव पढा है उनके द्वारा कहा गया कि टीवी देखने या मोबाईल पकड़ा कर हम अपनी जिम्मेदारी से दूर हो रहे थे। हमने छोटी-छोटी बातों पर गौर नहीं किया था। ये बाते इतना असर करती है तथा पहले से अधिक बच्चों पर ध्यान दे रहे है।
Leave a Reply