अंबाला। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मुलाना के सरपंच नरेश चैहान का आरोप है कि दो महीने पहल गांव में रहने वाले कुछ कश्मीरी छात्र गलत गतिविधियों में संलिप्त पाए गए थे। उस दौरान उन्होंने ऐलान करवाया था कि ये लोग अपनी आईडी प्रूफ पंचायत में जमा करा दें लेकिन किसी ने ऐसा नहीं किया। सरपंच ने यह भी आरोप लगाया कि इन छात्रों ने पुलवामा हमले के बाद फेसबुक पर पोस्ट कर खुशी का इजहार किया। इसके बाद गांववालों ने फैसला लिया कि कश्मीरी छात्रों को अब यहां नहीं रहने दिया जाएगा।
इस बीच पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए जवालों को मुलाना गांव के ग्रामीणों ने श्रद्धांजलि देने के लिए रोष मार्च निकाला। इस दौरान सरपंच नरेश चैहान ने गांव में किराये पर रह रहे कश्मीरी छात्रों को गांव छोड़ देने की चेतावनी दी। सरपंच ने इन छात्रों के आतंकियों के साथ संबंध के भी आरोप लगाए। इस बारे में बजरंग दल के नेता भानु प्रताप ने बताया कि उनके पास इन कश्मीरी छात्रों के फेसबुक की तस्वीरें हैं। जिनसे इनकी भारत विरोधी गतिविधियों के बारे में पता चल रहा है। अंबाला की महर्षि मारकंडेश्वर यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले कई कश्मीरी छात्र मुलाना गांव में किराये पर रहते हैं। शनिवार को गांव के सरपंच द्वारा इन छात्रों को 24 घंटे के भीतर गांव छोड़ने का आदेश दिया गया है।
ग्रामीणों और बजरंग दल ने पुलिस से शिकायत की है कि ये कश्घ्मीरी छात्र आतंकी गतिविधियों में शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद देशवासियों में गम और गुस्सा व्याप्त है। इन सबके बीच अंबाला में एक ऐसी घटना ने तूल पकड़ लिया है जिसमें सरपंच द्वारा कुछ कश्मीरों छात्रों को 24 घंटे के भीतर गांव छोड़ने की चेतावनी दी गई है। मुलाना गांव के सरपंच का आरोप है कि अंबाला की महर्षि मारकंडेश्वर यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले इन कश्मीरी छात्रों के तार आतंकी संगठनों से जुड़े हैं।
सरपंच और बजरंग दल ने इस मामले से जुड़ी कुछ तस्वीरें पुलिस को सौंपी हैं। ये तस्वीरें फेसबुक पर पोस्घ्ट की गई थीं। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। इस संबंध में महर्षि मारकंडेश्वर यूनिवर्सिटी के ट्रस्टी विशाल गर्ग ने बताया कि कश्मीरी छात्रों ने उनसे संपर्क किया है। उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन को कश्मीरी छात्रों को कैंपस में ही हॉस्टल उपलब्घ्ध कराने के लिए कह दिया है।
ट्रस्टी विशाल गर्ग ने आतंकी हमले के बाद कश्मीरी छात्रों द्वारा हॉस्टल में लड्डू बांटने की बात को सिरे से नकार दिया। कश्मीरी छात्रों द्वारा फेसबुक पर किए गए पोस्ट भारत विरोधी थे, इसलिए पंचायत के लोग और बजरंग दल के नेता मुलाना थाना पहुंचे और पुलिस को सारे मामले से अवगत करवाया। पुलिस ने गांव के सरपंच को समझाया कि वह इस तरह किसी भी कश्मीरी छात्र को गांव में रहने से नहीं रोक सकते। पुलिस ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि अगर इन कश्मीरी छात्रों की किसी आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता मिलेगी तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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