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कैम्ब्रिज एनालिटिका के पूर्व कर्मचारी का खुलासा, डाटा लीक मामले में फंसी कांग्रेस
नई दिल्ली, कैम्ब्रिज एनालिटिका के डेटा लीक मामले को लेकर इन दिनों भारत में भी राजनीतिक हलचल तेज हैं। अब कैम्ब्रिज एनालिटिका के एक कर्मचारी ने साफ कर दिया है कि भारत में उसका एक क्लाइंट कांग्रेस पार्टी भी है। लिहाजा कांग्रेस के लिए यह मामला उलटा पड़ सकता है। कंपनी के कर्मचारी ने कहा है कि उसकी कंपनी भारत में कई राजनीतिक दलों के लिए काम करती रही है, जिसमें से कांग्रेस भी एक है।
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस पर आरोप लगा पहले ही राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू कर दिया है तो वहीं, अब कैम्ब्रिज एनालिटिका के एक कर्मचारी ने खुलासा किया है कि उसने भारत के संबंध में काफी काम किया है। खासकर उसने इस मामले में कांग्रेस का नाम लिया है।
डाटा चोरी को लेकर विवादों में आई आईटी कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका के व्हिसल ब्लोअर क्रिस्टोफर वाइली ने आज एससीसी समूह के साथ मिलकर कैंब्रिज एनालिटिका के इंडिया में हुए काम का विवरण दिया है।
कैंब्रिज एनालिटिका के इस खुलासे में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) का भी नाम है।कैंब्रिज एनालिटिका के पूर्व अधिकारी क्रिस्टोफर वाइली ने कहा कि ‘कैंब्रिज एनालिटिका को लेकर मुझे कई भारतीय पत्रकारों के अनुरोध मिल रहे हैं, इसलिए भारत में एससीएल की पिछली परियोजनाओं में से कुछ के बारे मैं यहां विवरण दे रहा हूं।
क्रिस्टोफर वाइली ने कहा कि हां, भारत में एससीएल और कैंब्रिज एनालिटिका दोनों कम्पनियां काम करती है और इन दोनो कंपनियों के भारत में ऑफिस भी है।
क्रिस्टोफर वाइली ने आगे बताया कि एससीएल और कैंब्रिज एनालिटिका के अहमदाबाद, बैंगलोर, कटक, गाजियाबाद, गुवाहाटी, हैदराबाद, इंदौर, कोलकाता, पटना और पुणे समेत पूरे भारत में ऑफिस है वाइली ने कहा कि कैंब्रिज एनालिटिका का हेड ऑफिस निति खंड 1, इंदिरपुरम-गाजियाबाद में स्थिति है।
एससीएल के पास भारत के 600 से अधिक जिलों और 7 लाख गांवों का डेटाबेस है, जो लगातार अपडेट किया जा रहा है।एससीएल के पास भारत के लोगों की छोटी से छोटी जानकारी जैसे घरेलू स्तर की जनसांख्यिकी, जाती आदि डाटा मौजूद है। ये सारा डाटा ऑनलाइन मैप से जुड़ा हुआ है।
अमेरिका में फेसबुक डेटा लीक की खबरों के बीच भारत के लिए भी चिंता की कई बातें सामने आ रही हैं। इस डेटा लीक केस में लिप्त मानी जा रही ब्रिटेन की कंपनी कैम्ब्रिज एनालिटिका के क्लाइंट्स में भारत में भी हैं। ऐसे में इस मामले में कैम्ब्रिज एनालिटिका के कर्मचारी रहे विसलब्लोअर क्रिस्टफर विली ने कई खुलासे किए हैं। मंगलवार को किए खुलासे में उन्होंने बताया कि उन्होंने भारत में रहकर काफी काम किया और उसका वहां ऑफिस भी था।
यूके में सांसदों के सामने बयान देते हुए विली ने बताया कि सीए एक उपनिवेशवादियों का ग्रुप है जो अपने काम निकालने के लिए क्या कानूनी है और क्या गैरकानूनी इसकी परवाह नहीं करते है। विली ने ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमन में डिजिटल, कल्चर, मीडिया और स्पोट्र्स कमिटी के सामने यह बयान दिया। विली ने डेटा लीक मामले में कैम्ब्रिज एनालिटिका के खिलाफ बयान दिया है।
बयान देते हुए विली ने कैम्ब्रिज एनालिटिका के साथ काम करने वाली पार्टियों का नाम लेते हुए भारत की कांग्रेस पार्टी का भी नाम लिया। विली के अनुसार उसे पूरा विश्वास है कि कैम्ब्रिज एनालिटिका की एक क्लाइंट कांग्रेस भी थी। कंपनी ने कांग्रेस पार्टी के लिए हर तरह के प्रोजेक्ट पर काम किया। विली के अनुसार उसे याद नहीं कि कोई राष्ट्रीय प्रोजेक्ट हो लेकिन कई सारे श्रेत्रीय प्रोजेक्ट जरूर थे।
विली के अनुसार भारत के कई राज्य ब्रिटेन के बराबर हैं। इसके बावजूद कैम्ब्रिज एनालिटिका के कई राज्यों में ऑफिस और कर्मचारी हैं. विली ने यह भी खुलासा कि किया कि शायद उसके पास कैम्ब्रिज एनालिटिका के भारत में कामकाज के सबूत भी मौजूद हैं। आपको बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की मदद करने वाली एक फर्म कैम्ब्रिज एनालिटिका पर लगभग 5 करोड़ फेसबुक यूजर्स की निजी जानकारी चुराने के आरोप लगे हैं। इस जानकारी को कथित तौर पर चुनाव के दौरान ट्रंप को जिताने में सहयोग और विरोधी की छवि खराब करने के लिए इस्तेमाल किया गया है।
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