अगले वायु सेना अध्यक्ष होंगे Air Marshal Bhadauria , जानें- कौन हैं राफेल उड़ाने वाले यह पहले अफसर

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रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को अगले वायुसेना अध्यक्ष का नाम घोषित कर दिया। एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ के स्थान पर एयर वाइस चीफ एयर मार्शल आरकेएस भदौरिया अगले वायुसेना अध्यक्ष होंगे।

रक्षा मंत्रालय के मुख्य प्रवक्ता ने इसकी घोषणा की। आरकेएस भदौरिया, जो वर्तमान में वाइस चीफ हैं, वे 30 सितंबर को बीएस धनोआ के सेवानिवृत्त होने के बाद वायु सेना प्रमुख का पद संभालेंगे।

दिलचस्प बात यह है कि एयर मार्शल आरकेएस भदौरिया भी उसी दिन रिटायर हो रहे हैं, जिस दिन बीएस धनोआ होंगे। हालांकि, अब उन्हें नए वायु सेना प्रमुख के रूप में नियुक्त करने की घोषणा कर दी गई है। बता दें कि अब उनका कार्यकाल तीन साल तक बढ़ जाएगा।

एयर मार्शल आरकेएस भदौरिया, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, पुणे के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने 4250 से अधिक घंटे तक उड़ान भरी है और 26 विभिन्न प्रकार के लड़ाकू विमानों का उन्हें अनुभव है।

भदौरिया ने मार्च 2017 से अगस्त 2018 तक दक्षिणी वायु कमान में एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AOC-in-C) के रूप में कार्य किया। उन्होंने अगस्त 2018 से एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AOC-in-C), प्रशिक्षण कमान के रूप में भी कार्य किया। फिर इस वर्ष उन्होंने मई में वायु सेना के उप प्रमुख के पद का पदभार ग्रहण किया।

अपने करियर के 36 वर्षों के दौरान, आरकेएस भदौरिया को कई पदक से सम्मानित किया गया। इनमें अति विशिष्ट सेवा पदक, वायु सेना पदक और परम विशिष्ट सेवा पदक शामिल है।

राफेल उड़ा चुके है भदौरिया

एयर मार्शल भदौरिया फ्रांस के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमान की खरीद के लिए सौदेबाजी करने वाले दल में शामिल थे। उन्होंने जिन लड़ाकू विमानों को उड़ाया है, उनमें राफेल भी मौजूद है। राफेल उड़ाने के बाद उन्होंने कहा भी था कि यह एक बेहतरीन विमान है। इसके भारत आने से देश की वायु सेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी।

आरकेएस भदौरिया राफेल लड़ाकू जेट उड़ाने वाले पहले भारतीय वायु सेना अधिकारी है और जेट विमानों के लिए फ्रांस के साथ समझौते को अंतिम रूप देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने राफेल डील को लेकर चल रहे विवाद पर भी फरवरी में एक बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि ये डील सबसे बातचीत के बाद हुई थी। इस डील को लेकर किसी में असहमति नहीं थी। यह उन्होंने तब कहा था जब दावा किया जा रहा था कि डील के दौरान रक्षा मंत्रालय के कुछ अधिकारियों ने इस पर आपत्ति जताई थी।

भदौरिया के कार्यकाल में आएगा राफेल

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह फ्रांसीसी फर्म डसॉल्ट एविएशन द्वारा निर्मित पहला भारतीय राफेल लड़ाकू विमान लेने के लिए 8 अक्टूबर को फ्रांस जाएंगे। पहले तक खबरें थी कि ये विमान 20 सितंबर को मिलने वाले हैं। सरकारी सूत्रों का कहना है कि 8 अक्टूबर दो कारणों से महत्वपूर्ण है। दरअसल, उस दिन दशहरा और वायुसेना दिवस दोनों हैं।

 

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