लखनऊ।केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने उत्तर प्रदेश में खाद पर लगे नॉन रिएंबर्सेबल इनपुट टैक्स को तत्काल समाप्त करने की मांग मुख्यमंत्री से की है। इसके लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।अनुप्रिया ने लिखा है कि प्रदेश के किसानों के हित में इस टैक्स को समाप्त किया जाना जरूरी है। इस टैक्स से उत्तर प्रदेश में खाद की प्रति बोरी की कीमत अन्य राज्यों की तुलना में 27 रुपये अधिक है।
उन्होंने लिखा है कि प्रदेश में 70 फीसदी जनता कृषि पर आधारित है। देश की कुल खाद का 15 फीसदी खपत अकेले प्रदेश में है। खाद्य एवं उर्वरक मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 47 लाख मीट्रिक टन खाद का प्रयोग हर साल होता है। इस लिहाज से प्रदेश के किसानों से करीब 300 करोड़ रुपये अतिरिक्त इस टैक्स के रूप में वसूला जा रहा है। इस टैक्स से किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ा है।
अनुप्रिया पटेल ने केंद्रीय मंत्री सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं जल संसाधन नितिन गडकरी को पत्र लिखकर इलाहाबाद में नीवा, फाफामऊ से आगे मलाक हरहर चैराहे तक प्रस्तावित छह लेन पुल का नाम समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले के नाम पर रखने की मांग की है। लिखा है कि ज्योतिबा फुले ने दलितों, कमेरों, शोषितों और किसानों को उनका हक दिलाने के लिए जीवन भर संघर्ष किया। उनके लाखों-करोड़ों अनुयायियों की इच्छा है कि पुल का नाम उनके नाम पर रखा जाए। पुल का नामकरण महात्मा ज्योतिबा फुले के प्रति सम्मान होगा।
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