500 लोगों ने सामूहिक आत्मदाह करने का दिया अल्टीमेटम, जानिये क्या है वजह !

उत्तर प्रदेश के मेरठ का मामला है । पौने दस एकड़ में बनाए गए सभी अवैध निर्माणों को गिराने का इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश दिया था। इसी आदेश के अनुसार कैंट बोर्ड ने पिछले साल अवैध काॅम्प्लेक्स गिराया था, जिसके मलबे में चार लोगों की दबकर मौत हो गई थी। कैंट बोर्ड ने यहां के बिजली-पानी के कनेक्शन काटने का निर्णय लिया। गुरुवार को कैंट बोर्ड की टीम ने मुख्य गेट के पास पानी के कनेक्शन काटने के लिए गड्ढा खोदना शुरू ही किया था, इतने में बंगला 210 बी के निवासी यहां पहुंच गए और बोर्ड की टीम का जबरदस्त विरोध किया। उन्होंने कहा कि अगर बोर्ड ने आगे कोई कार्रवाई की तो यहां के 500 लोग सामूहिक आत्मदाह कर लेंगे, इसकी सारी जिम्मेदारी कैंट बोर्ड की होगी। इतना सुनने के बाद कनेक्शन काटने आयी बोर्ड की टीम दबे पांव वहां से वापस लौट गई। यहां के लोगों की मांग है कि पहले हाईकोर्ट उन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जिनके कार्यकाल में बंगला 210 बी में अवैध निर्माण हुए। हाईकोर्ट ने भी इन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दे दिए थे। कैंट बोर्ड के नोटिस दिए, लेकिन यहां अवैध निर्माण जारी रहे। पौने दस एकड़ में यहां करीब 62 कोठियां व मकान और दुकानें बनी हैं। यहां अवैध काॅम्प्लेक्स भी बनाया गया था। करीब तीन साल पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस बंगले में बने सभी अवैध निर्माण ध्वस्त करने के निर्देश दिए थे। आबूलेन और बाॅम्बे बाजार के पास इस बंगले के प्लाॅट काटने का काम बिल्डर आनन्द प्रकाश अग्रवाल ने किया था। पिछले साल यहां के अवैध काम्प्लेक्स को कैंट बोर्ड ने गिराया था। इसका विरोध करने वाले चार लोगों की मलबे में दबकर मौत हो गई थी। इसके बाद यहां हुए हंगामे के दौरान सीईई अनुज सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। अब कैंट बोर्ड ने यहां के बिजली-पानी के कनेक्शन काटने का निर्णय लिया, जिससे इस बंगले में रहने में रहने वाले यहां छोड़कर चले जाएं। सुबह जब कैंट बोर्ड के जेई अरविन्द गुप्ता ने टीम लेकर सर्रकुलर रोड पर गेट के सामने कनेक्शन काटने के लिए गड्ढा खुदवाना शुरू किया, तो यहां के निवासियों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि पहले बोर्ड के उन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, जिनके बारे में हाईकोर्ट ने आदेश दे रखे हैं। काफी हंगामे के बाद कनेक्शन टीम दबे पांव वापस लौट गई। यहां के लोगों का कहना है कि बिजली-पानी उनका मौलिक अधिकार है और इसका बिल भरते आ रहे हैं। अगर बोर्ड ने अवैध निर्माण माना था, तो बिजली-पानी के कनेक्शन क्यों दिए और क्यों बिल वसूल करता आया है। यहां के लोगों ने चेतावनी दी है कि बंगले में 500 से ज्यादा लोग रहते हैं, अगर बोर्ड अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो 500 लोग सामूहिक आत्मदाह करेंगे।

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