समाजवादी पार्टी (सपा) का संभल दौरा हुआ स्थगित: डीजीपी ने दी निष्पक्ष जांच का भरोसा
क्या आप जानते हैं कि समाजवादी पार्टी का संभल दौरा आखिर क्यों रुक गया? हिंसा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने जा रहे सपा नेताओं को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन देकर रोका! इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आइए, विस्तार से जानते हैं इस पूरे मामले को।
सपा का संभल दौरा क्यों हुआ स्थगित?
संभल में हाल ही में हुई हिंसा के बाद, समाजवादी पार्टी ने एक प्रतिनिधिमंडल बनाया था, जिसका नेतृत्व विधानसभा में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे कर रहे थे। इस प्रतिनिधिमंडल का मकसद था हिंसा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करके घटना की जानकारी जुटाना और पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को रिपोर्ट सौंपना। लेकिन डीजीपी प्रशांत कुमार से हुई बातचीत के बाद यह दौरा स्थगित कर दिया गया।
डीजीपी का आश्वासन
डीजीपी ने माता प्रसाद पांडे को आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को फंसाया नहीं जाएगा। यह आश्वासन पाने के बाद सपा ने अपने संभल दौरे को स्थगित करने का फैसला किया।
सपा नेताओं का क्या कहना है?
माता प्रसाद पांडे ने कहा कि सपा को लगता है कि कुछ लोगों को गलत तरीके से फंसाया गया है और जिन लोगों का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है, उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने डीजीपी के आश्वासन पर भरोसा जताया है और जांच के परिणामों का इंतजार करने का फैसला किया है।
संभल में हिंसा: एक संक्षिप्त विवरण
संभल के कोट गर्वी इलाके में शाही जामा मस्जिद के कोर्ट के आदेश पर हुए सर्वे को लेकर रविवार को हुए टकराव में चार लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए। इस हिंसा में सपा नेताओं के भी शामिल होने के आरोप लगे हैं।
हिंसा के बाद की स्थिति
मंगलवार तक संभल में स्थिति सामान्य हो गई थी। स्कूल और बाजार फिर से खुल गए, हालांकि इंटरनेट सेवाएं अभी भी बंद हैं। पुलिस ने हिंसा के सिलसिले में कई लोगों को गिरफ्तार किया है और कई एफआईआर दर्ज की हैं।
सपा का प्रतिनिधिमंडल: कौन-कौन था शामिल?
सपा के प्रतिनिधिमंडल में कई वरिष्ठ नेता शामिल थे, जिनमें माता प्रसाद पांडे, लाल बिहारी यादव, जावेद अली, हरिंदर मलिक, रुचि वीरा, जिया उर रहमान बर्क, नीरज मौर्य, नवाब इकबाल, पिंकी यादव, कमाल अख्तर, जयवीर यादव और शिवचरण कश्यप शामिल थे।
गिरफ्तारियां और एफआईआर
पुलिस ने अब तक 25 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और 7 एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें सपा सांसद जिया-उर-रहमान बर्क और स्थानीय सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सोहेल इकबाल समेत 2750 से ज़्यादा लोगों के खिलाफ़ मामला दर्ज किया गया है। यह मामला राजनीतिक रूप से बहुत ही संवेदनशील है और आने वाले समय में और भी उलझनें पैदा कर सकता है।
Take Away Points
- समाजवादी पार्टी का संभल दौरा डीजीपी द्वारा निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद स्थगित हुआ।
- संभल में हुई हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए।
- पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है और कई एफआईआर दर्ज की हैं।
- सपा नेताओं का मानना है कि कुछ लोगों को गलत तरीके से फंसाया गया है।

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