कानपुर में पत्नी के प्रेमी से बात करने पर पति ने की पत्नी और सास की हत्या
क्या आप जानते हैं कि एक साधारण सी फोन कॉल कैसे बन गई दो महिलाओं की मौत की वजह? कानपुर के चकेरी थाना इलाके में एक हैरान कर देने वाली घटना घटी है, जहां एक पति ने अपनी पत्नी और सास की बेरहमी से हत्या कर दी, क्योंकि उसकी पत्नी अपने प्रेमी से फोन पर बात कर रही थी। इस खौफनाक वारदात ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। आइये जानते हैं इस दिल दहला देने वाले घटनाक्रम के बारे में विस्तार से।
घटना का सनसनीखेज विवरण
यह घटना रविवार की रात की है जब जोसेफ पीटर नाम का एक व्यक्ति अपने घर लौटा और अपनी पत्नी कामिनी को किसी अंजान शख्स से बात करते हुए पाया। बातचीत का विषय चाहे जो भी रहा हो, यह पति को इतना भाया नहीं। पहले तो दोनों में झगड़ा हुआ और फिर मामला हाथापाई तक पहुँच गया। इस बीच कामिनी की माँ पुष्पा बीच-बचाव करने आईं, लेकिन इससे पीटर का गुस्सा और भड़क गया और उसने दोनों महिलाओं पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हत्या के बाद का हैरान करने वाला दृश्य
घटना की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पीटर ने हत्या के बाद भी घर से भागने की कोशिश नहीं की। वह लगभग आधे घंटे तक दोनों शवों के पास बैठा रहा, और यह भी नहीं पता कि उसके मन में क्या चल रहा था। पुलिस को जब इस घटना की जानकारी मिली तो उसने पीटर को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच और आरोपी का बयान
पुलिस पूछताछ में पीटर ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। एडीसीपी राजेश श्रीवास्तव के अनुसार पीटर की पत्नी कामिनी का अक्सर किसी अंजान शख्स से फोन पर बातचीत होती थी, जिससे वह काफी परेशान था। इसी बात को लेकर कई बार विवाद भी हुआ करता था, लेकिन रविवार की रात उसे अपनी पत्नी से बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने ये खौफनाक कदम उठा लिया।
पड़ोसियों की गवाही और पीटर का व्यक्तित्व
पड़ोसियों का कहना है कि पीटर खुद को दूसरों से अलग रखता था और शांत स्वभाव का नहीं था। उनकी मानें तो यह घटना अप्रत्याशित तो थी, मगर इसकी आशंका बिल्कुल भी नहीं थी। वह मेटल प्रिंटिंग और इवेंट का काम करता था। उसकी पत्नी से शादी 2017 में हुई थी, और उसकी सास 10 दिन पहले लखनऊ से कामिनी के साथ आकर रहने लगी थीं।
इस घटना से सबक
कानपुर की ये घटना हम सबके लिए एक सख्त सबक है। परिवारिक कलह और विवाद, चाहे वो किसी भी रूप में हो, समय पर हल किए जाने चाहिए। छोटे-छोटे विवादों को बढ़ने से रोकना ही श्रेयस्कर है। पारिवारिक विवादों के समाधान के लिए उचित कदम उठाना और पेशेवर मदद लेना भी ज़रूरी है।
क्या हो सकता था बेहतर
अगर कामिनी और पीटर के बीच इस मुद्दे पर संवाद और समझदारी से बातचीत हुई होती तो यह घटना शायद नहीं होती। पारस्परिक विश्वास और धैर्य किसी भी रिश्ते की नींव होती है। छोटी-मोटी गलतियों को नजरअंदाज़ करना और भावनाओं को क़ाबू में रखना महत्वपूर्ण होता है।
घरेलू हिंसा से निपटने के तरीक़े
घरेलू हिंसा एक गंभीर समस्या है। यदि आप, या आपके जानने वाले, इस तरह की समस्या से जूझ रहे हैं, तो कृपया तुरंत मदद लें। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई हेल्पलाइन और संगठन हैं जो पीड़ितों की सहायता करते हैं। आप इन्हें कॉल कर सकते हैं, या इनकी वेबसाइट्स पर जानकारी पा सकते हैं। अपने जीवन को बचाएं, आप अकेले नहीं हैं।
घरेलू हिंसा के कुछ संसाधन
- आपकी स्थानीय पुलिस
- महिला हेल्पलाइन नंबर
- राष्ट्रीय और राज्य स्तर के घरेलू हिंसा केंद्र
Take Away Points
- इस घटना से स्पष्ट है कि घरेलू हिंसा कितनी खतरनाक हो सकती है।
- संवाद, समझौता, और पेशेवर मदद घरेलू समस्याओं को सुलझाने में मददगार साबित हो सकते हैं।
- पीड़ितों के लिए हेल्पलाइन और संसाधन उपलब्ध हैं। अगर आप या आपके जानने वाले घरेलू हिंसा का शिकार हैं तो तुरंत मदद लें।

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