नई दिल्ली। वर्ष 2002 में हुई चोरी के एक मामले में घर के मालिक को ही फंसाने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर न्यायमूर्ति योगेश खन्ना की पीठ ने हाई कोर्ट रजिस्ट्रार जनरल को भीे नोटिस किया।
रजिस्ट्रार जनरल की शिकायत पर ही पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा शुरू किया गया था। याचिकाकर्ता मंजीत सिंह चुग ने पुलिस कर्मियों को आरोप मुक्त करने के निचली अदालत के आदेश को रद करने की मांग की है।
अधिवक्ता जगमोहन सिंह के माध्यम से याचिका दायर कर याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि पर्याप्त साक्ष्य होने के बावजूद भी निचली अदालत ने आरोपितों को आरोपमुक्त कर दिया। याची ने कहा कि आरोपितों के खिलाफ दोबारा से मुकदमा चलाकर आरोप तय करने का निर्देश देने की मांग की है। याचिका के अनुसार मंजीत सिंह चुग व उनके पिता ने अक्टूबर 2002 में घर में चोरी करते हुए एक आरोपित को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। इसमें आरोपित को चोट लगी थी, लेकिन अदालत में उसने आरोप लगाया था कि मंजीत चुग व उनके पिता ने राड से हमला किया था।
इसके बाद पुलिस ने याची व उनके पिता के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया था। हालांकि, बाद में हुई जांच में चुग व उनके पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने को संदेह के घेरे में पाया गया था। इसके बाद हाई कोर्ट ने चुग और उनके पिता को बरी करते हुए झूठे मुकदमे में फंसाने वाले एक इंस्पेक्टर व दो सब इंस्पेक्टर के खिलाफ समुचित कार्रवाई करने का आदेश दिया था। इस मामले में निचली अदालत ने नवंबर-2020 में तीनों पुलिस कर्मियों को आरोपमुक्त कर दिया था।
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