Politics:- कांग्रेस , एनसीपी समेत सभी विपक्षी दलों ने एकमत होकर अपनी ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हेतु यशवंत सिन्हा के नाम की घोषणा की है। इनके नाम की घोषणा से पूर्व विपक्ष ने ट्वीटर के माध्यम से यह संकेत दिए थे कि वह यशवंत को विपक्ष का राष्ट्रपति बना सकते हैं। जब यशवंत सिन्हा ने तृणमूल कांग्रेस को अलविदा कहा तो उन्होंने एक ट्वीट कर ममता बनर्जी का शुक्रिया अदा किया और कहा कि मैं ममता बनर्जी का आभारी हूँ। उन्होंने मुझे तृणमूल कांग्रेस में बहुत सम्मान दिया। लेकिन अब उन्होंने मुझे पार्टी से हटाकर विपक्ष एकता के लिए बड़ा काम करने हेतु चुना है। मुझे यकीन है वह इस कदम को स्वीकार करती है।
ट्वीट के कुछ देर बात शरद पवार के घर पर हुई विपक्षी दलों की बैठक में यशवंत सिन्हा के नाम की घोषणा जयराम रमेश ने कर दी और कहा यशवंत विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति उम्मीदवार होंगे। यशवंत का नाम राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष की ओर से घोषित होने के बाद सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। लोग यह जनना चाहते है कि विपक्ष ने आखिर क्यों यशवंत के नाम पर मुहर लगाई है। राजनीति विशेषज्ञयों का कहना है कि विपक्ष ने सिन्हा को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार इसलिए बनाया है क्योंकि वह लंबे समय से सक्रिय राजनीति का हिस्सा रहे हैं और एक जाने माने चेहरे के रूप में विख्यात है। उन्हें भूतकाल की राजनीति से लेकर आज के राजनीतिक परिदृश्य की समझ है और वह जानते हैं कि भूतकाल, वर्तमान और भविष्य को कैसे संतुलित रखना है।
विपक्ष ने यशवंत से पहले राष्ट्रपति पद के लिए शरद पवार, गोपालकृष्ण गांधी और फ़ारूक़ अब्दुल्ला के नामों पर चर्चा की थी। लेकिन इन सभी राजनेताओं ने इस चुनाव ताल ठोकने से मना कर दिया और विपक्ष ने यशवंत सिन्हा के नाम पर मुहर लगा दी। जहां विपक्ष को एक मजबूत और राजनीतिक की समझ रखने वाले नेता की आवश्यकता थी वहीं सिन्हा विपक्ष की इन उम्मीदों पर खरे उतरते दिख रहे हैं। क्योंकि इन्हें राजनीति के उन चुनिंदा नेताओ में गिना जाता है जिन्होंने अपनी उम्दा रणनीति से राजनीति में धमक बनाई है और राजनीतिक में एंट्री करने से पहले इन्होंने प्रशासक के रूप में काम किया।
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