पडरौना,कुशीनगर : सीमावर्ती नेपाल के गंडक नदी जल अधिग्रहण क्षेत्र में दो दिनों से भारी बारिश होने के कारण बड़ी गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि होने की आशंका हो गई है। फिलहाल इस समय गंडक नदी का जलस्तर 80 हजार क्यूसेक के आस-पास बना हुआ है। नेपाल से मिली जानकारी के मुताबिक पोखरा में 5.9 एमएम, भैरहवा में 35 एमएम, सेमरा में 13 एमएम, काठमांडू में 04 एमएम, टपलीगंज में 17 एमएम, ओखला डुंगा में 34 एमएम एवं घनकुट्टा में 16 एमएम बारिश दर्ज की गई है। यह पानी मंगलवार की देर शाम या आधी रात वाल्मीकिनगर गण्डक बैराज पर पहुंच सकती है।
इस बाबत गंडक बैराज के कार्यपालक अभियंता जमील अहमद ने बताया कि सीमावर्ती नेपाल में हुई बारिश के पानी से गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि होगी। हालांकि बाढ़ अवधि में जल संसाधन विभाग अलर्ट है। लेकिन फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अभियंताओं की टीम तैयार है। उन्होंने बताया कि गंडक बैराज के क्रमशः तीन गेट 29, 31 एवं 34 को बरसात के बाद बदला जाएगा। फिलहाल जल संसाधन विभाग के द्वारा गंडक बैराज के सभी गेटों एवं उसमें लगे हूटर व सीसीटीवी कैमरा के ठीक ढंग से काम करने का दावा किया जा रहा है।
जलस्तर बढ़ने की सूचना से रेतावासी सहमे
मंगलवार की देर रात लगभग डेढ लाख क्यूसेक पानी बड़ी गंडक नदी मे पहुंचने की सूचना मिलते ही रेतावासी सहम गए हैं। रेता क्षेत्र के शिवपुर, बसंतपुर, नारायणपुर, मरिचहवा, शाहपुर, विंध्याचलपुर, बकुलादह, बालगोविंद छपरा आदि गावों के लोगों का कहना है कि अगर दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी गंडक बैराज पर पहुंचता है, तो नदी उफना जाएगी। नदी का पानी 8 से 10 घण्टे में रेताक्षेत्र के निचले इलाकों के करीब पहुंच जाएगा।
रेतावासियो को अभी से बाढ का भय सताने लगा है। मंगलवार को तीन बजे छितौनी बांध के भैसहा गेज पर नदी का जलस्तर चेतावनी बिन्दु 96 सेमी के सापेक्ष 94.95 सेमी तो वीरभार गेज पर नदी का जलस्तर 94.25 सेमी पर था।
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